बदल गया स्वच्छ सर्वेक्षण का पैटर्न, फील्ड सर्वे में गलत दावों पर कटेंगे नंबर

Siddhi Tamrakar | Feb 07, 2025, 12:28 IST
Share
swachh survekshan 2025
swachh survekshan 2025

केंद्र सरकार ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 के नियम बदले हैं। अब डॉक्यूमेंट्स और फील्ड सर्वे में अंतर होने पर नेगेटिव मार्किंग होगी। पढ़ें पूरी खबर इस लेख में...

केंद्र सरकार ने 'स्वच्छ सर्वेक्षण 2025' के पैटर्न में इस बार बड़ा बदलाव किया है और इसे लेकर नई गाइडलाइन भी जारी कर दी है। इसके मुताबिक अब डॉक्यूमेंट्स में किए गए दावों और जमीनी हकीकत में फर्क होने पर नेगेटिव मार्किंग होगी। सर्वेक्षण के कुल नंबर भी 9 हजार 500 से बढ़ाकर 12 हजार 500 कर दिए गए हैं।

खबर यह भी- स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 में सूरत ने इन कामों से मारी बाजी, अगली बार इंदौर को देगा चुनौती

डॉक्यूमेंट और फील्ड सर्वे में अंतर पड़ेगा भारी

इस बदलाव का असर खासतौर पर ऐसे बड़े शहरों पर पड़ सकता है जो पिछले सालों में टॉप-5 रैंकिंग में अपनी जगह बनाते रहे हैं, इनमें भोपाल भी शामिल है। नई गाइडलाइन के मुताबिक यदि डॉक्यूमेंट और फील्ड सर्वे में 20% से ज्यादा का फर्क पाया गया, तो नंबर कटेंगे। यह कटौती विभिन्न लेवल पर होगी।
खबर यह भी- स्वच्छ सर्वेक्षण 2023: इंदौर-सूरत दोनों देश के संयुक्त सबसे साफ शहर, MP देश में दूसरे नंबर पर, महू केंटोनमेंट बोर्ड में अव्वल

शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अब भी कई प्रमुख बाजारों और रिहायशी इलाकों में दिन में दो बार सफाई नहीं हो रही है और कई जगहों पर कचरे के ढेर देखे जा सकते हैं। यदि स्वच्छ सर्वेक्षण के दौरान ऐसा पाया गया तो शहर की रैंकिंग पर असर पड़ सकता है। हालांकि, नगर निगम द्वारा जीआईएस (Geographic Information System) आधारित योजनाओं के लागू होने से भोपाल को फायदा होने की संभावना है।

खबर यह भी- स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2022 में टॉप स्टेट रहा मध्य प्रदेश, जिलों में भोपाल पहले पायदान पर, केंद्र सरकार ने कराया था सर्वे

G-20 समिट का असर और संभावित सुधार

प्रमुख सड़कों पर सौंदर्याकरण, डामरीकरण (asphalting) और धूल रोकने के लिए पेविंग ब्लॉक लगाने के काम तेजी से किए जा रहे हैं। वहीं स्वच्छ सर्वेक्षण G-20 समिट के आसपास ही होने की उम्मीद है, इसलिए इन सुधारों का सकारात्मक असर हो सकता है।

खबर यह भी- इंदौर देश का सबसे साफ शहर, अब थूकते हुए पकड़े गए तो भरना पड़ेगा 500 रुपए का जुर्माना

इस बार शहरों के लिए अलग क्राइटेरिया

अब तक सभी शहरों के लिए स्वच्छता सर्वेक्षण में एक जैसे क्राइटेरिया लागू होते थे, लेकिन इस बार अलग-अलग क्राइटेरिया तय किए गए हैं। भोपाल जैसे 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों को कुछ स्टैनडर्ट्स पर खास ध्यान देना होगा। इनमें रेलवे लाइन, पब्लिक टॉयलेट, यूरीनल्स और बस स्टैंड के आसपास स्वच्छता शामिल है। साथ ही नगरीय निकायों को ट्रीटेड पानी का दोबारा इस्तेमाल कर आय बढ़ाने पर जोर देना होगा।

thesootr links

द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

Tags:
  • MP News
  • भोपाल न्यूज
  • मध्य प्रदेश
  • G-20 Summit
  • स्वच्छ सर्वेक्षण
  • मध्य प्रदेश समाचार
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा