टीचर ट्रांसफर मामला : पहले आदेश को माना, अब सीनियरिटी की कर रहे मांग, HC ने खारिज की याचिका

Neel Tiwari | Sept 19, 2025, 20:24 IST
Share
teacher transfer case
Photograph: (THESOOTR)

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि यदि अभ्यर्थी विभागीय आदेश को मानकर कार्यवाही करता है, तो बाद में सीनियरिटी और वेतन के लाभ की मांग नहीं की जा सकती। यह फैसला ट्राइबल विभाग से DPI ट्रांसफर किए गए शिक्षकों पर लागू होगा।

टीचर ट्रांसफर मामला :मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में जबलपुर की सिंगल बेंच ने एक अहम फैसले में साफ कर दिया है कि अगर कोई अभ्यर्थी विभागीय आदेश को मान लेता है और उसके अनुसार कार्यवाही भी कर देता है, तो बाद में उसी आदेश के खिलाफ जाकर सीनियरिटी और पिछली सेवा के लाभ की मांग नहीं कर सकता।

ट्राइबल से DPI ट्रांसफर प्राथमिक शिक्षकों का मामला

मामला ईडब्ल्यूएस और ओबीसी वर्ग के उन अभ्यर्थियों से जुड़ा है जिन्होंने प्राथमिक शिक्षक पद के लिए चयन प्रक्रिया में उच्च मेरिट अंक हासिल किए थे। उन्हें पहले ट्रायबल डेवलपमेंट विभाग में पदस्थापना मिली, जबकि उनकी योग्यता के आधार पर उन्हें स्कूल शिक्षा विभाग (डीपीआई) में नियुक्त होना चाहिए था।

इस विसंगति के खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की और अदालत ने उनके पक्ष में फैसला देते हुए उन्हें स्कूल शिक्षा विभाग में समायोजित करने का आदेश दिया।

लेकिन विभाग ने 12 जून 2025 को आदेश जारी किया, जिसमें साफ शर्त रखी गई कि ट्रायबल विभाग से डीपीआई में आने वाले शिक्षकों को पहले इस्तीफा देना होगा और उसके बाद नई नियुक्ति दी जाएगी। अभ्यर्थियों ने यह शर्त मानकर इस्तीफा भी दिया और नई पोस्टिंग स्वीकार कर ली।

ये खबरें भी पढ़ें...

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में पहली बार एक साथ 10 स्पेशल बेंच, 4.80 लाख लंबित मामलों की सुनवाई होगी तेज

तीन मंत्रियों की जिम्मेदारियों में हुआ बदलाव, नए 3 कैबिनेट मंत्रियों को भी मिला प्रभार

100% सैलरी और सीनियरिटी की मांग

इस्तीफे और नई नियुक्ति के बाद इन अभ्यर्थियों को फ्रेश अपॉइंटमेंट माना गया। उन्हें शुरुआती एक वर्ष के लिए सिर्फ 70% वेतन दिया गया और पिछली सेवा की वरिष्ठता (सीनियरिटी) भी समाप्त हो गई। इसी को लेकर अभ्यर्थियों ने एक नई याचिका दायर की और मांग की कि उनकी पहली सेवा अवधि को भी गिना जाए तथा उनकी वरिष्ठता और वेतन लाभ बरकरार रखे जाएं।



अब नहीं कर सकते सीनियरिटी की मांग

जस्टिस मनिंदर सिंह भट्टी की सिंगल बेंच ने सुनवाई में स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ताओं ने स्वयं विभागीय आदेश को स्वीकार किया और उसी के अनुसार कार्यवाही की। ऐसे में अब वे उसी आदेश को चुनौती नहीं दे सकते। कोर्ट ने कहा कि अगर उन्हें सच में आपत्ति थी, तो उन्हें पहले डिवीजन बेंच के आदेश की व्याख्या या संशोधन के लिए याचिका लगानी चाहिए थी, न कि आदेश को मानने के बाद सीनियरिटी की मांग करनी चाहिए थी।

ये खबरें भी पढ़ें...

अपर आय़ुक्त उज्जैन नगर निगम IAS संतोष टैगोर को हार्ट अटैक, एंजियोप्लास्टी हुई, अब स्वस्थ

इंदौर में पुलिस कमिश्नरी के बाद नया प्रयोग, विजयनगर, लसूडिया में अब इंस्पेक्टर रैंक दो-दो अधिकारी

जॉइनिंग लेने वाले शिक्षकों पर पड़ेगा असर

इस फैसले से यह साफ हो गया है कि नियुक्ति प्रक्रिया में अगर अभ्यर्थी विभागीय शर्तों को मानकर कदम उठाते हैं, तो बाद में उन्हीं शर्तों को चुनौती देकर लाभ नहीं पा सकते। यह फैसला उन कई अभ्यर्थियों पर असर डाल सकता है जो ट्रायबल विभाग से स्कूल शिक्षा विभाग में स्थानांतरित हुए हैं और अब अपनी पुरानी सेवा और वरिष्ठता बहाल करने की मांग कर रहे हैं।



be indian-buy indian
be indian-buy indian




Tags:
  • मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
  • ओबीसी वर्ग
  • DPI
  • टीचर ट्रांसफर मामला
  • सीनियरिटी की मांग
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा