एमपी में 1000 के करीब पहुंची बाघों की संख्या, सरकार ने WII से पूछा- जंगल कितने बाघों के लिए पर्याप्त
Sanjay Sharma | Apr 30, 2026, 18:39 IST
tiger mp
BHOPAL: एमपी में बाघों की संख्या 1000 की ओर बढ़ रही है। 2014-22 में 155% वृद्धि हुई है। संघर्ष बढ़ने से राज्य WII से कैरिंग कैपेसिटी की जांच करवा रहा है। 47% बाघों का भोजन पशुधन पर निर्भर है। करंट से बदले की हत्याएं बढ़ी हैं।
News in Short
- एमपी में बाघों की संख्या 308 से बढ़कर 785 है, जबकि रिजर्व क्षेत्रों में 1000 बाघों का अनुमान।
- देश में 65% हुई बाघों में वृद्धि जबकि मध्य प्रदेश में बाघों में इजाफे का आंकड़ा 155% से ऊपर।
- 2020-25 में टेरेटरी फाइट और दूसरे हमलों की संख्या में 87% तक हुई बढ़ोत्तरी, 415 मारे गए।
- बाघ को सालभर में 350 से जयादा शिकार, बाघों का बढ़ता कुनबा पशुधन को बना रहा भोजन।
- रिकॉर्ड वृद्धि से खड़े हुए संकट पर सरकार ने WII से मांगी जंगलों की क्षमता की जानकारी।
News in Detail
2014 में 308 से 2022 में बाघों की संख्या 785 तक पहुंच गई है। यह वृद्धि 155% से ज्यादा है। अब टाइगर रिजर्व और वन क्षेत्रों में बाघों के बीच टेरेटरी फाइट और मानव संघर्ष के हालत बन रहे हैं। लोगों पर हमले और पशु धन के नुकसान को देखते हुए सरकार भी चिंता में है।
Tiger
बाघ बढ़े, तो संघर्ष भी बढ़ा
अधिकारियों के मुताबिक यह ट्रेंड अब भी जारी है। लेकिन ज्यादा बाघ का मतलब ज्यादा संघर्ष भी है। देश में बाघों के हमलों में 2014-2019 के बीच मौत का आंकड़ा 224 था जो 2020-2025 में बढ़कर 418 हो गईं है।
जंगल में शिकार कम इसलिए पशुधन पर हमले
ऐसे में बाघ जंगल से सटे गांवों के आसपास पशुधन को शिकार बना रहे हैं। बांधवगढ़ में साल 2025 में बाघों द्वारा पशुधन के शिकार के 47% मामले सामने आए थे। वन्यप्राणी विशेषज्ञ पशुधन के आसान शिकार के चलते बाघों के जंगल से बाहर आने को उनके लिए खतरा मान रहे हैं।
Tiger
सरकार ने पूछा- जंगल कितने बाघों के लिए पर्याप्त
साथ ही यह भी पूछा है एमपी के जंगल कितने बाघों को संभाल सकते हैं। चार वर्षीय आकलन रिपोर्ट के अनुसार, भारत में बाघों की संख्या 3,682 हो गई है। इसी अवधि में, मध्य प्रदेश ने 155% की छलांग लगाई है। अब मध्य प्रदेश में बाघों की दर्ज संख्या 785 से ज्यादा है। मध्य प्रदेश वन विभाग के अनुसार यह ट्रेंड लगातार बना हुआ है। ज्यादा बाघों का मतलब ज्यादा संघर्ष भी है।
कैरिंग कैपेसिटी से ज्यादा टाइगर
इस लिहाज से इतने बाघों के लिए 39 हजार 250 से 78 हजार 500 वर्ग किलोमीटर का वन क्षेत्र चाहिए। इनमें से एक तिहाई बाघों को अवयस्क मान लें तो भी 26,150 से 52,300 वर्ग किलोमीटर जंगल की जरूरत है। मध्य प्रदेश के टाइगर रिजर्व का क्षेत्रफल बाघों की संख्या के मुकाबले आधे से भी कम है।
रिजर्व क्षेत्रों में कॉरीडोर कनेक्टिविटी जरूरी
छिछले जंगल बाघों के आवास के लिहाज से अच्छे नहीं होते। इनमें आवास की समस्या के साथ ही शिकार की संख्या भी कम होती हे। इसी वजह से बाघ एक क्षेत्र छोड़कर दूसरे जंगल की ओर पलायन करते हैं। WII के निदेशक डॉ गोबिंद सागर भारद्वाज कहते हैं कि हैबिटेट रिस्टोरेशन ही रास्ता है।
पर्याप्त शिकार रोक सकते हैं पलायन
प्रमुख टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या
| टाइगर रिजर्व | बाघों की संख्या |
|---|---|
| बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व | 170 - 202 |
| कान्हा टाइगर रिजर्व | 155 - 180 |
| संजय टाइगर रिजर्व | 50 - 60 |
| सतपुड़ा टाइगर रिजर्व | 120 - 172 |
| पन्ना टाइगर रिजर्व | 100 - 110 |
| पेंच टाइगर रिजर्व | 70 - 90 |
| वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व | 19 - 25 |
| माधव टाइगर रिजर्व | 8 - 10 |
| डॉ. विष्णु वाकणकर (रातापानी) | 121 - 151 |
ये खबरें भी पढ़ें...
सरिस्का में बाघिन ने दिए 3 शावकों को जन्म, कुनबा बढ़कर हुआ 52, अब छोटा पड़ने लगा जंगल
क्या खतरे में है MP का टाइगर स्टेट का टैग? नहीं धम रहे बाघों की मौत के मामले
बाघ-बघेरे और अन्य वन्यजीवों की गणना के समय में बड़ा बदलाव, प्रचंड गर्मी के कारण अब शाम से शुरू होगा वॉटर होल सर्वे
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari