उज्जैन में 118 साल बाद बदलेगा भगवान जगन्नाथ रथयात्रा का रास्ता, जानें नया रूट

Kaushiki | Jul 08, 2026, 16:20 IST
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Ujjain Rath Yatra 2026
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उज्जैन में 118 साल पुरानी भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का रूट इस बार बदल सकता है। पुराना रास्ता खराब होने के कारण खाती समाज अब रथयात्रा को नए शहर के फ्रीगंज टावर चौक तक निकालने पर विचार कर रहा है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • उज्जैन में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का मार्ग बदलने पर विचार हो रहा है।
  • पिछले 118 साल से यह यात्रा पुराने शहर की गलियों में निकलती थी।
  • पुराना मार्ग पूरी तरह उखड़ा होने के कारण यह फैसला लिया जा रहा है।
  • अब इस भव्य रथयात्रा को नए शहर के फ्रीगंज इलाके में लाया जाएगा।
  • खाती समाज और प्रशासन इस नए रूट को लेकर जल्द बैठक करेंगे।

भगवान जगन्नाथ रथयात्रा

उज्जैन शहर में इस बार एक बहुत बड़ा इतिहास बदलने जा रहा है। भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का रास्ता इस साल बदल सकता है। पिछले 118 साल से यह यात्रा पुराने शहर में निकलती थी।

इस बार खाती समाज इसे नए शहर में लाने की सोच रहा है। नए उज्जैन के फ्रीगंज इलाके में इस बार बड़ी धूम मचेगी। भगवान जगन्नाथ अपने भक्तों को नए रास्ते पर दर्शन दे सकते हैं। इस बड़े बदलाव को लेकर शहर के लोगों में काफी चर्चा है।

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बदलेगा 118 साल पुराना इतिहास

धार्मिक नगरी उज्जैन में रथयात्रा का इतिहास बहुत ही ज्यादा पुराना है। खाती समाज पिछले 118 वर्षों से लगातार ये यात्रा निकाल रहा है। हर साल यह पारंपरिक यात्रा पुराने शहर की गलियों से गुजरती है।

कार्तिक चौक पर स्थित जगदीश मंदिर से इसकी शुरुआत की जाती है। इसके बाद रथ ढाबा रोड के रास्ते पुराने शहर में जाता है। लेकिन इस साल इस पुरानी परंपरा में बड़ा बदलाव हो सकता है। भगवान का रथ पहली बार नए शहर की तरफ बढ़ सकता है।

क्यों बदलना पड़ा रथयात्रा का मार्ग

आखिर इस बार रथयात्रा का पुराना मार्ग क्यों बदला जा रहा है? इसका सबसे बड़ा कारण पुराने रास्ते की बेहद खराब हालत होना है। गणगौर दरवाजा से लेकर रामानुजकोट तक का पूरा मार्ग उखड़ा पड़ा है।

इस उखड़े हुए रास्ते पर रथ चलाना बहुत ज्यादा मुश्किल काम है। यात्रा में बहुत सारे बैंड, बाजे और धार्मिक झांकियां शामिल होती हैं। अखाड़े और कई बड़े वाहन भी इस कारवां का हिस्सा बनते हैं। इन सभी वाहनों को उखड़े रास्ते पर ले जाना सुरक्षित नहीं है।

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क्या होगा रथयात्रा का नया रास्ता

प्रदर्शन के अधिकारियों ने रास्ता ठीक करने में 20 दिन मांगे हैं। इतना लंबा समय होने के कारण खाती समाज ने नया प्लान बनाया। अब रथयात्रा को बुधवारिया से शुरू करने पर विचार किया जा रहा है।

वहां से यह भव्य यात्रा सीधे फ्रीगंज इलाके की तरफ आगे बढ़ेगी। नए शहर के फ्रीगंज स्थित टावर चौक पर इसका समापन होगा। अगर जिला प्रशासन इस नए मार्ग को अपनी मंजूरी दे देता है। तो इस साल फ्रीगंज में भगवान जगन्नाथ का भव्य स्वागत होगा।

प्रशासन और समाज की बैठक

नए मार्ग को लेकर ट्रस्ट के पदाधिकारियों की बैठक होनी है। यह महत्वपूर्ण बैठक जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ की जाएगी। ट्रस्ट के सचिव अधिवक्ता मिश्रीलाल चौधरी ने इस बारे में बताया।

उन्होंने कहा कि रूट बदलने का विचार केवल मजबूरी में किया है। अगर पुराना रास्ता समय पर ठीक नहीं हुआ तो रूट बदलेगा। प्रशासन के साथ मिलकर सुरक्षा के सभी इंतजाम देखे जा रहे हैं। ट्रैफिक व्यवस्था पर भी पूरा ध्यान दिया जाएगा। ताकि आम जनता को कोई परेशानी न उठानी पड़े।

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भव्य झांकियां और अखाड़े होंगे शामिल

उज्जैन की इस रथयात्रा में अद्भुत झांकियां देखने को मिलती हैं। देश के अलग-अलग कोनों से प्रसिद्ध कलाकार यहां बुलाए जाते हैं। अखाड़े के पहलवान अपने हैरतअंगेज कारनामे जनता को दिखाते हैं। भजनों की धुन पर लोग सड़कों पर झूमते हुए चलते हैं।

भगवान जगन्नाथ का रथ बहुत ही खूबसूरती से सजाया जाता है। इस बार नए शहर के लोग इस भव्यता के साक्षी बनेंगे। फ्रीगंज की चौड़ी सड़कों पर यात्रा निकालना काफी आसान होगा। वहां भीड़ को संभालना भी पुलिस के लिए सरल रहेगा।

जानिए जगन्नाथ रथयात्रा का महत्व

भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का धार्मिक महत्व बहुत ही ज्यादा बड़ा है। इस साल यह पावन रथयात्रा 16 जुलाई 2026 से शुरू होगी। मान्यता है कि भगवान इस दिन अपनी मौसी के घर जाते हैं।

भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा रथ पर सवार होते हैं। अपने गर्भगृह से निकलकर भगवान खुद जनता के बीच आते हैं। जो लोग मंदिर नहीं जा पाते, उन्हें भगवान खुद दर्शन देते हैं। रथ की रस्सी खींचने से इंसान के सभी पाप दूर हो जाते हैं।

उज्जैन में 118 साल बाद बदलेगा भगवान जगन्नाथ रथयात्रा का रास्ता, जानें नया रूट
उज्जैन में 118 साल बाद बदलेगा भगवान जगन्नाथ रथयात्रा का रास्ता, जानें नया रूट


इस्कॉन मंदिर की भी है तैयारी

उज्जैन में खाती समाज के अलावा अन्य संगठन भी रथयात्रा निकालते हैं। शहर के प्रसिद्ध इस्कॉन मंदिर प्रबंधन की भी अपनी विशेष तैयारी है। इस्कॉन मंदिर द्वारा भी 16 जुलाई को भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी।

इस यात्रा को लेकर इस्कॉन के भक्तों में बहुत उत्साह रहता है। विदेशी भक्त भी इस रथयात्रा में शामिल होने के लिए उज्जैन आते हैं। पूरा शहर इस दौरान झांझ और मंजीरों की आवाज से गूंज उठता है। चारों तरफ सिर्फ भगवान जगन्नाथ के जयकारे सुनाई देते हैं।

भक्तों में दिख रहा है भारी उत्साह

मार्ग बदलने की खबर से नए शहर के लोग बहुत खुश हैं। फ्रीगंज के व्यापारियों ने स्वागत की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। जगह-जगह पर भगवान के रथ पर फूल बरसाए जाएंगे। भक्तों के लिए ठंडे पानी और प्रसादी की व्यवस्था की जाएगी।

पुराने शहर के लोग भी इस नए फैसले का समर्थन कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि भगवान की यात्रा सुरक्षित रूप से संपन्न हो। प्रशासन भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह मुस्तैद दिख रहा है। जल्द ही इस नए रूट पर अंतिम मुहर लग जाएगी।

FAQ

  1. उज्जैन में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का रूट 118 साल बाद क्यों बदला जा रहा है?
    रथयात्रा का पुराना पारंपरिक मार्ग इस समय पूरी तरह से उखड़ा और खराब पड़ा है। इसे ठीक होने में 20 दिन से ज्यादा का समय लगेगा, इसलिए सुरक्षा को देखते हुए रूट बदलने पर विचार हो रहा है।
  2. भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का नया प्रस्तावित मार्ग क्या तय किया गया है?
    खाती समाज के नए प्लान के मुताबिक, इस बार रथयात्रा पुराने शहर की बजाय बुधवारिया से शुरू होकर नए शहर के फ्रीगंज स्थित टावर चौक तक निकाली जा सकती है।
  3. साल 2026 में उज्जैन में इस्कॉन मंदिर द्वारा रथयात्रा कब निकाली जाएगी?
    उज्जैन के प्रसिद्ध इस्कॉन मंदिर प्रबंधन द्वारा इस साल 16 जुलाई 2026 को पूरी धूमधाम और भव्यता के साथ भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली जाएगी।
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