SC की सख्ती के बाद मुश्किल में मंत्री विजय शाह- कानून चलेगा या राजनीति भारी पड़ेगी?
Neel Tiwari | Jan 20, 2026, 16:20 IST
Photograph: (the sootr)
मंत्री विजय शाह के विवादित बयान के बाद सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को दो सप्ताह में फैसला लेने का आदेश दिया है। राजनीति हावी होगी या चलेगा कानून का डंडा?
NEWS IN SHORT
- सुप्रीम कोर्ट ने MP सरकार को धारा 196 BNS के तहत अभियोजन स्वीकृति पर 2 हफ्ते में निर्णय का आदेश दिया।
- मंत्री विजय शाह की माफी को कोर्ट ने “मगरमच्छ के आंसू” बताया।
- SIT जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंप चुकी है, कोर्ट खुद मामले की निगरानी कर रहा है।
- तत्काल गिरफ्तारी या बर्खास्तगी की संभावना फिलहाल नहीं।
- जनता और विपक्ष का आरोप-“यदि आम आदमी होता तो अब तक कड़ी कार्रवाई हो चुकी होती।”
News in detail
मंत्री विजय शाह ने 2025 के ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में सेना की वरिष्ठ अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। बयान में कर्नल सोफिया को “आतंकियों की बहन” जैसे अपमानजनक शब्दों से संबोधित किया गया। यह बयान न केवल सेना के सम्मान से जुड़ा बताया गया, बल्कि इसे सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने वाला भी माना गया।
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सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख
अब कानूनी तौर पर क्या हो सकता है
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दोष सिद्ध होने पर ही बर्खास्तगी
अभियोजन स्वीकृति: असली अड़चन
क्या सरकार मामला दबा सकती है?
क्योंकि SIT की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के सामने है और पूरा मामला न्यायिक निगरानी में चल रहा है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार टालमटोल करती है, तो अदालत और सख्त रुख अपना सकती है।
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जनता की राय: कानून सबके लिए बराबर?
राजनीति बनाम न्याय का टकराव
सोशल मीडिया पर सेना के सम्मान और संवैधानिक जिम्मेदारी को लेकर तीखी बहस चल रही है। यही वजह है कि यह मामला अब सिर्फ बयान का नहीं, बल्कि कानून की निष्पक्षता और राजनीतिक जवाबदेही की कसौटी बन चुका है।
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आगे क्या?
फिलहाल इतना तय है कि इस बार मामला आसानी से दब जाना उतना सरल नहीं दिखता। क्योंकि नजरें सिर्फ सरकार पर नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी टिकी हैं।
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