वाशिंग सेंटर की आड़ में चल रही थी ठगी, जानिए कैसे पकड़ाया संजय कालरा

इंदौर की अन्नपूर्णा नगर पुलिस ने शातिर ठग संजय कालरा को गिरफ्तार किया है। वाशिंग सेंटर से कारों की हेराफेरी करने और 20 लाख रुपए की मांग का आरोप है।

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Anjali Dwivedi
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News In Short

  • संजय कालरा उर्फ संजय कारिरा को इंदौर की अन्नपूर्णा नगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
  • कारों की हेराफेरी, आईपीएस और एसपीएस अफसरों को महंगे उपहार देना।
  • राधिका सोलंकी के वाशिंग सेंटर से कालरा ने कारों की हेराफेरी शुरू की।
  • कालरा पर 20 लाख रुपए की मांग करने और महिलाओं को धमकाने का आरोप है।
  • पुलिस ने मामले में कई अन्य आरोपियों की शिकायत पर जांच शुरू की है।

News In Detail

Indore News. इंदौर की अन्नपूर्णा नगर पुलिसने एक हाई प्रोफाइल ठग, संजय कालरा उर्फ संजय कारिरा को गिरफ्तार किया है। इस पर लग्जरी कारों की हेराफेरी का आरोप है। कालरा ने IPS और SPS अफसरों को महंगे उपहार देने के बाद उनके जरिए अपनी ठगी की कई वारदातें अंजाम दी थीं। उसके खिलाफ जूनी इंदौर, अन्नपूर्णा, द्वारकापुरी, राजेंद्रनगर, तुकोगंज थानों में कई शिकायतें दर्ज हैं।

वाशिंग सेंटर से कारों की हेराफेरी तक का सफर

टीआई अजय नायर के अनुसार, केशर बाग रोड निवासी राधिका सोलंकी ने कालरा के खिलाफ शिकायत दी। राधिका की राजवाड़ा पर रेडिमेड कपड़ों की दुकान है और पास में ही उसका एक 1500 वर्ग फीट का वाशिंग सेंटर भी है।

राधिका ने बताया कि तीन साल पहले इस सेंटर को उसने परिचित वैभव जोशी को किराए पर दिया था। वैभव ने बगैर अनुमति लिए इसे संजय कारिरा को किराए पर दे दिया। जब राधिका ने कारिरा से इसे खाली करने को कहा, तो वह धमकाने लगा। उसने वाशिंग सेंटर से कारें किराए पर लेकर उन्हें औने-पौने दामों में बेचने का काम शुरू कर दिया।

कारिरा पर महिलाओं को धमकाने का आरोप

जब लोग वाशिंग सेंटर से ठगे जाने के बाद राधिका के पास पहुंचे, तो उसने कारिरा पर दबाव बनाया। सोमवार शाम 6 बजे राधिका और उसकी बहन कविता ने कारिरा को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह धमकाने लगा। उसने कहा कि दुकान उसकी हो चुकी है और साथ ही 20 लाख रुपए की मांग की। तब राधिका ने पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह को शिकायत दी और पूरी घटना बताई।

संजय कालरा की गिरफ्तारी

सीपी के आदेश पर जब जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि कालरा पहले भी इस तरह के फर्जीवाड़े कर चुका था। डीसीपी आनंद कलादगी ने तत्काल कालरा की गिरफ्तारी का आदेश दिया। अन्नपूर्णा टीआई अजय नायर ने राधिका के आवेदन पर केस दर्ज कर कालरा के मोबाइल की टॉवर लोकेशन निकाली और उसे डीसीपी के ऑफिस में घेराबंदी करके गिरफ्तार कर लिया।

ऐसे करता था धोखाधड़ी

संजय कालरा ने कई लोग से फर्जी कांट्रैक्ट कर कारें लीं और कुछ महीनों तक पैसे दिए, फिर GPS निकालकर कारें गायब कर दीं। जूनी इंदौर निवासी कालरा का शातिर तरीका यह था कि वह कारों को अपनी आड़ में लेकर उन्हें बेच देता था। गिरफ्तारी के बाद कई पीड़ित लोग थाने पहुंचे और बताया कि कालरा ने उनकी पूरी कमाई खा ली है।

कई मामलों में जांच जारी

पुलिस ने देर रात अन्य शिकायतों पर भी कार्रवाई की। इस मामले में रोमेंद्र सिंह, इस्लाम पटेल, सुरभी गुप्ता, धर्मेंद्र कुशवाह, कृष्णा, निलेश, संतोष आदि की शिकायतें दर्ज की हैं और जांच जारी है।

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