करंट से वन्य प्राणियों की सबसे अधिक मौतें, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मांगी स्टेटस रिपोर्ट

Neel Tiwari | Nov 24, 2025, 19:28 IST
Share
wildlife-deaths-electric-shock
Photograph: (thesootr)

मानव-वन्यजीव संघर्ष पर 24 नवंबर को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इसमें हाथियों को रेस्क्यू के नाम पर लंबी अवधि तक कैद रखने का सवाल उठाया गया। साथ ही बताया गया कि किसानों द्वारा हाई-वोल्टेज तार लगाने से वन्य प्राणियों की मौत हो रही है।

JABALPUR. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में मानव-वन्यजीव संघर्ष से जुड़ी जनहित याचिका की सुनवाई 24 नवंबर को हुई। यह सुनवाई बेहद अहम रही। इस याचिका में हाथियों को रेस्क्यू के नाम पर कैद में रखने का मुद्दा उठाया गया था। अब किसानों द्वारा हाई-वोल्टेज तार लगाने से वन्य प्राणियों की मौत होने का सवाल सामने आया है।

मुआवजे में देरी और करंट से मौतें

रेस्क्यू के बाद जंगली हाथियों को कैद में रखने के खिलाफ रायपुर के नितिन संघवी ने जनहित याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अंशुमान सिंह ने कोर्ट में अहम जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि मानव-वन्यजीव संघर्ष में फसलों और संपत्ति को भारी नुकसान हो रहा है। लेकिन, इसकी भरपाई की प्रक्रिया बेहद धीमी है।

मुआवजा पटवारी स्तर पर तय होता है। इसे सामान्य प्राकृतिक आपदा जैसा ही माना जाता है। भारी बारिश, सूखे जैसे मामलों की तरह ही इसका निपटारा किया जाता है। राहत मिलने में बहुत समय लगता है। आंकड़ों के अनुसार किसानों को सिर्फ 17% तक ही मुआवजा मिल पाता है।

इसी देरी और परेशानियों के कारण किसान अपने खेतों की सुरक्षा के लिए हाई टेंशन करंट वाले तार लगाने लगते हैं। इसके कारण मध्य प्रदेश में बड़ी संख्या में वन्य प्राणियों की मौत करंट लगने से हो रही है। याचिकाकर्ता पक्ष ने बताया कि प्रदेश में बाघों की मौत के मामलों में करंट एक बड़ा कारण है।

ये भी पढ़ें...अजाक्स के नए प्रदेश अध्यक्ष संतोष वर्मा का अभद्र बयान, मेरे बेटे को ब्राह्मण बेटी दान में मिलने तक जारी रहे आरक्षण

दो जंगली हाथी कॉलर आईडी लगाकर छोड़े गए

पिछली सुनवाई में एक्सपर्ट कमेटी ने बताया था कि कान्हा में रखे गए जंगली हाथियों को 15 दिनों में छोड़ दिया जाएगा। उनके ट्रैकिंग के लिए रेडियो कॉलर आईडी मंगवाई गई। आज की सुनवाई में बताया गया कि दो हाथियों को कॉलर आईडी लगाकर जंगल में छोड़ दिया गया है।

ये भी पढ़ें...किसानों के लिए खुशखबरी, इस बार भी 2600 रुपए प्रति क्विंटल के MSP पर गेहूं खरीदेगी एमपी सरकार

सुप्रीम कोर्ट 17 नवंबर को दे चुका है आदेश

अधिवक्ता ने हाईकोर्ट को बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने 17 नवंबर 2025 को सभी राज्यों को निर्देश दिए थे। यह निर्देश टी.एन. गोदावर्मन बनाम यूनियन ऑफ इंडिया केस में दिए गए थे। उत्तर प्रदेश और केरल की तर्ज पर मानव-वन्यजीव संघर्ष को प्राकृतिक आपदा की श्रेणी में रखा जाए। ऐसे मामलों में मौत पर 10 लाख रुपए मुआवजा तय किया जाए। साथ ही 6 महीने के भीतर इस संबंध में विस्तृत नीति बनाई जाए।

ये भी पढ़ें...एमपी निकाय चुनाव 2027 के नए नियम: उम्मीदवारों को पत्नी-टैक्स सहित देनी होंगी पूरी जानकारी

पटवारी नहीं, फॉरेस्ट विभाग संभाले मामले

याचिकाकर्ता ने सुझाव दिया कि फसल और संपत्ति के नुकसान का मामला वन विभाग संभाले। पटवारी के बजाय वन विभाग इसे देखें। त्वरित मुआवजा देने से किसान हाई-वोल्टेज तार लगाने से बचेंगे। इससे वन्यजीवों की मौत में कमी आएगी।

ये भी पढ़ें...एमपी के कई जिलों में बीजेपी की नई टीम का गठन अटका, स्थानीय खींचतान से संगठन की कवायद धीमी

4 हफ्तों में स्टेटस रिपोर्ट दे सरकार - HC

जस्टिस संजीव सचदेवा की डिविजन बेंच ने मध्य प्रदेश सरकार को निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के पालन में बनाई जा रही पॉलिसी की स्टेटस रिपोर्ट 4 हफ्तों में पेश करें। इसके साथ ही याचिकाकर्ता के सुझावों पर भी विचार किया जाए। अब इस मामले की अगली सुनवाई 5 जनवरी 2025 को होगी।







Tags:
  • सुप्रीम कोर्ट
  • मध्यप्रदेश
  • मध्यप्रदेश हाईकोर्ट
  • मध्य प्रदेश सरकार
  • करंट से मौत
  • जस्टिस संजीव सचदेवा
  • मानव-वन्यजीव संघर्ष
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती