अंता उपचुनाव लड़ने के लिए सरकारी डॉक्टर ने मांगा वीआरएस, सरकार ने मना किया तो ले ली कोर्ट की शरण
Amit Baijnath Garg | Oct 19, 2025, 15:47 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के एसएमएस हॉस्पिटल के डॉ. विनय मल्होत्रा ने अंता उपचुनाव लड़ने के लिए वीआरएस की मांग की। राजस्थान सरकार ने मना किया, तो राजस्थान हाई कोर्ट में याचिका दायर की।
Jaipur. राजस्थान के जयपुर स्थित एसएमएस हॉस्पिटल के डॉ. विनय मल्होत्रा अंता विधानसभा सीट पर चुनाव लड़ना चाहते हैं। वे बारां जिले की अंता सीट पर हो रहे उपचुनाव में विधायकी का चुनाव लड़ना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) के लिए आवेदन किया है, लेकिन सरकार ने उनके आवेदन पर कोई निर्णय नहीं किया है।
अंता उपचुनाव : सियासी संग्राम में कमजोर-निराश नजर आ रहे नरेश मीणा, बोले-भाया के सामने मैं फीका
इसके चलते उनके चुनाव लड़ने की संभावना नहीं है। अंता उपचुनाव में 21 अक्टूबर नामांकन की अंतिम तारीख है। अगर सरकार ने फैसला नहीं किया, तो वह नामांकन भरने से वंचित रह जाएंगे। गौरतलब है कि डॉ. मल्होत्रा अभी नेफ्रोलॉजी विभाग में सीनियर प्रोफेसर हैं। वे सुपर स्पेशिलिटी ब्लॉक के मौजूदा अधीक्षक भी हैं। इससे पहले वे कुछ समय के लिए एसएमएस अस्पताल के अधीक्षक भी रह चुके हैं।
अंता उपचुनाव : वसुंधरा राजे का वीटो पड़ा भारी, नहीं चली लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पसंद
राजस्थान सरकार ने वीआरएस आवेदन मंजूर नहीं किया, तो डॉ. मल्होत्रा ने राजस्थान हाई कोर्ट में याचिका दायर की और चुनाव की इच्छा जताते हुए वीआरएस मंजूर करवाने की गुहार लगाई है। राजस्थान हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को 20 अक्टूबर शाम 6 बजे तक डॉ. मल्होत्रा की अर्जी पर निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं।
अंता उपचुनाव: टिकट के नाम पर साइबर ठगी का शिकार बने बारां प्रधान को ही भाजपा का टिकट, त्रिकोणीय मुकाबले के आसार
अंता उपचुनाव : भाजपा नहीं कर पा रही उम्मीदवार का नाम तय, जानिए कहां फंसा हुआ है पेंच
उधर, कोर्ट में डॉ. मल्होत्रा की ओर से वकील अनिता अग्रवाल ने पैरवी करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता ने 7 अक्टूबर को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन किया था। वह अंता उपचुनाव में नामांकन करना चाहते हैं, जिसकी आखिरी तारीख 21 अक्टूबर है। उन्होंने 15 साल की सेवा पूरी कर ली है और वीआरएस का अधिकार रखते हैं।
अंता विधानसभा उपचुनाव : नरेश मीणा और प्रमोद जैन भाया पर आपराधिक मामले, जानें पूरा ब्योरा
इसके जवाब में सरकार की ओर से एएजी विज्ञान शाह ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है। इसके कारण डॉ. मल्होत्रा को सेवानिवृत्ति देने से प्रशासनिक समस्याएं पैदा हो सकती हैं। चुनाव लड़ने का अधिकार मौलिक अधिकार नहीं है। वहीं स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए राज्य सरकार के अनुमोदन की आवश्यकता होती है।
अंता उपचुनाव : सियासी संग्राम में कमजोर-निराश नजर आ रहे नरेश मीणा, बोले-भाया के सामने मैं फीका
सरकार ने नहीं लिया निर्णय
अंता उपचुनाव : वसुंधरा राजे का वीटो पड़ा भारी, नहीं चली लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पसंद
चले गए कोर्ट की शरण में
अंता उपचुनाव: टिकट के नाम पर साइबर ठगी का शिकार बने बारां प्रधान को ही भाजपा का टिकट, त्रिकोणीय मुकाबले के आसार
किया जा सकता है माफ जस्टिस अशोक कुमार जैन की एकल पीठ ने कहा कि राजस्थान सर्विस रूल्स नियम 50 (1) के मुताबिक यदि आवेदन करने के तीन महीने की अवधि में कोई फैसला नहीं लिया गया, तो स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति स्वत: प्रभावी हो जाएगी। वहीं, चुनाव लड़ने के उद्देश्य से वीआरएस के लिए आवेदन करने पर वीआरएस अवधि को माफ किया जा सकता है।
15 साल की सेवा पूरी
अंता विधानसभा उपचुनाव : नरेश मीणा और प्रमोद जैन भाया पर आपराधिक मामले, जानें पूरा ब्योरा
राज्य सरकार का अनुमोदन जरूरी
FAQ
- 1. डॉ. विनय मल्होत्रा ने क्यों वीआरएस के लिए आवेदन किया?
डॉ. मल्होत्रा ने अंता उपचुनाव (Anta Bye-election) में भाग लेने के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) के लिए आवेदन किया था। - 2. अगर सरकार वीआरएस का आवेदन स्वीकार नहीं करती तो क्या होगा?
अगर सरकार वीआरएस (VRS) का आवेदन स्वीकार नहीं करती, तो डॉ. मल्होत्रा नामांकन (Nomination) भरने में असमर्थ होंगे और चुनावी प्रक्रिया में भाग नहीं ले पाएंगे। - 3. राजस्थान हाई कोर्ट ने इस मामले में क्या निर्देश दिए हैं?
राजस्थान हाई कोर्ट (Rajasthan High Court) ने सरकार को 20 अक्टूबर तक निर्णय लेने के आदेश दिए हैं और यह कहा कि यदि आवेदन पर तीन महीने में निर्णय नहीं लिया जाता, तो वीआरएस (VRS) स्वचालित रूप से प्रभावी हो जाएगा।
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari