ब्यावर विधायक की बेटी के बाद अब बहू पर भी धोखाधड़ी के आरोप, तलाकशुदा कोटे में सरकारी नौकरी ली
Amit Baijnath Garg | Sept 18, 2025, 20:58 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में ब्यावर से भाजपा विधायक शंकर सिंह रावत की बेटी के बाद अब बहू पर फर्जी तरीके से नौकरी लेने के आरोप लगे हैं। उन पर कागजों में तलाक लेने के आरोप हैं।
राजस्थान में ब्यावर विधायक शंकर सिंह रावत की बेटी पर फर्जी तरीके से नौकरी लेने के आरोप के बाद अब उनकी बहू पर भी फर्जी तरीके से नौकरी लेने के आरोप लगे हैं। आरोप है कि विधायक के बड़े पुत्र गोपाल सिंह की पत्नी सुनीता ने केवल कागजों में तलाक लेकर सरकारी नौकरी हासिल की है, जबकि दोनों अभी भी साथ ही रहते हैं और उनके दो बच्चे भी हैं।
शिकायतकर्ता का कहना है कि विधायक ने अपने पुत्र और पुत्रवधू के बीच तलाक करवा दिया, जबकि दोनों साथ रह रहे हैं। तलाक की डिक्री के आधार पर बहू को तलाकशुदा कोटे में सरकारी नौकरी मिल गई। शिकायतकर्ता फणीश सोनी का कहना है कि वह सिर्फ पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सबके सामने रख रहे हैं। सवाल किसी को सजा मिलने या नहीं मिलने का नहीं, बल्कि विधायक की नैतिकता का है।
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ब्यावर विधायक शंकर सिंह रावत पर लगे आरोपों का मामला अब पार्टी आलाकमान तक पहुंच गया है। फणीश सोनी ने एक शिकायती पत्र राजस्थान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़को भी लिखा है। शिकायतकर्ता फणीश का कहना है कि पति-पत्नी ने साजिश रचकर कागजी तलाक ले लिया।
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जानकारी के अनुसार, भाजपा विधायककी पुत्रवधू फिलहाल रतना भोपा का बाड़िया स्कूल में तैनात है। स्कूल के स्टाफ ने अपना नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि विधायक की पुत्रवधू तीन-चार महीने में एक बार आती हैं और रजिस्टर में एक साथ दस्तखत करके चली जाती हैं।
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विधायक रावत की बेटी कंचन चौहान पर फर्जी फर्जी दिव्यांग प्रमाण-पत्र के आधार पर नायब तहसीलदार पद पर नियुक्ति का आरोप लगा है। कंचन चौहान के मामले को कार्मिक विभाग के नवीनतम परिपत्र के अनुसार जांच के लिए एसओजी को भेजा गया है। इस पूरे मामले की जांच और कार्रवाई एसओजी करेगी।
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शिकायतकर्ता का कहना है कि विधायक ने अपने पुत्र और पुत्रवधू के बीच तलाक करवा दिया, जबकि दोनों साथ रह रहे हैं। तलाक की डिक्री के आधार पर बहू को तलाकशुदा कोटे में सरकारी नौकरी मिल गई। शिकायतकर्ता फणीश सोनी का कहना है कि वह सिर्फ पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सबके सामने रख रहे हैं। सवाल किसी को सजा मिलने या नहीं मिलने का नहीं, बल्कि विधायक की नैतिकता का है।
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पार्टी नेतृत्व तक पहुंचा मामला
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23 नवंबर, 2005 को सुनीता देवी को तलाकशुदा दिखाया गया और इसी आधार पर उन्हें शिक्षा विभाग में तलाकशुदा कोटे में नौकरी मिल गई। नौकरी हासिल करने के बाद STC की डिग्री भी करवाई। इसके बाद इतिहास, समाजशास्त्र, लोक प्रशासन के विषयों के साथ ग्रेजुएशन और फिर इंग्लिश लिटरेचर में पोस्ट ग्रेजुएशन भी करवा दी।
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बेटी पर फर्जी दिव्यांगता से नौकरी पाने के आरोप
मुख्य बिंदु
फर्जी दिव्यांगता : विधायक की बेटी पर फर्जी दिव्यांगता के आधार पर नौकरी हासिल करने का आरोप
पार्टी नेतृत्व : मामले को भाजपा आलाकमान तक भेजा गया
नौकरी की प्राप्ति : सुनीता ने कागजी तलाक के बाद शिक्षा विभाग में नौकरी हासिल की
FAQ
- 1. क्या विधायक की बहू ने फर्जी तरीके से नौकरी ली है?
हां, विधायक शंकर सिंह रावत (Shankar Singh Rawat) की बहू सुनीता (Sunita) पर कागजी तलाक दिखाकर तलाकशुदा कोटे (Divorced Quota) में सरकारी नौकरी (Government Job) हासिल करने का आरोप है। - 2. विधायक की बेटी पर क्या आरोप हैं?
विधायक की बेटी कंचन चौहान (Kanchan Chauhan) पर फर्जी दिव्यांगता प्रमाणपत्र (Fake Disability Certificate) के आधार पर नायब तहसीलदार (Naib Tehsildar) की नौकरी पाने का आरोप है। - 3. इस मामले की जांच कौन कर रहा है?
कार्मिक विभाग (Personnel Department) और एसओजी (SOG) इस मामले की जांच कर रहे हैं।
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