जयपुर पुलिस कमिश्नरेट को दिल्ली की तर्ज पर मिलेंगे अधिकार, केंद्र सरकार करवा रही अध्ययन

Kamlesh Keshote | Dec 10, 2025, 16:46 IST
Share
jaipur police
Photograph: (the sootr)

देशभर में 70 शहरों में कमिश्नरेट प्रणाली है। लेकिन कमिश्नरेट के पास समान अधिकार नहीं हैं। सरकार अब समान अधिकार देने के लिए अध्ययन कर रही है। इस अध्ययन के पूरा होने के बाद देशभर में सभी पुलिस कमिश्नरेट को समान अधिकार और शक्तियां दे दी जाएगी।

Jaipur. देश में पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने के लिए देशभर के 70 शहरों में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू की गई है। इसका उद्देश्य पुलिस अधिकारियों को बेहतर प्रशासनिक शक्तियां प्रदान करना और अपराधों की रोकथाम में तेजी लाना है। इस प्रणाली का उपयोग करने वाले सभी शहरों को समान अधिकार नहीं दिए गए हैं। अब केंद्र सरकार इस व्यवस्था को समान रूप से लागू करने के लिए अध्ययन करवा रही है। ताकि सभी शहरों को समान अधिकार मिल सकें। इससे जयपुर पुलिस कमिश्नरेट का अधिकार और शक्तियां बढ़ जाएगी।

राजस्थान में बीसलपुर डेम की 9 प्रतिशत बढ़ेगी भराव क्षमता, 68 गांवों की 350 हेक्टेयर जमीन डूबेगी

समान अधिकारों की दिशा में कदम

केंद्र सरकार ने इस अध्ययन के लिए नेशनल पुलिस एकेडमी को नोडल एजेंसी नियुक्त किया है। इसके अलावा राज्यों से समन्वय के लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं। जयपुर कमिश्नरेट के एडिशनल कमिश्नर को नोडल अधिकारी बनाया गया है। सभी राज्यों से रिपोर्ट मिलने के बाद एनपीए इस अध्ययन का निष्कर्ष निकालेगी और सुधार की दिशा में कदम उठाएगी।

प्रवासी राजस्थानी दिवस: वेदांता ग्रुप लगाएगा 200 इंडस्ट्रीज वाला पार्क, सीएम ने की 20 हजार नौकरियों की घोषणा

दिल्ली और मुंबई में प्रभावी संचालन दिल्ली और मुंबई में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली का संचालन बहुत प्रभावी है। यहां पर पुलिस विभाग के पास कार्यकारी मजिस्ट्रेट की सभी शक्तियां हैं। यह उन्हें अधिक स्वतंत्रता और निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करता है। इसके विपरीत अन्य राज्यों और शहरों में पुलिस को सीमित अधिकार प्राप्त हैं। उदाहरण के तौर पर दिल्ली और मुंबई में पुलिस द्वारा सिनेमा और अन्य लाइसेंसों का प्रबंधन किया जाता है। जबकि अन्य शहरों में यह अधिकार सरकार के पास रहता है और पुलिस की भूमिका सीमित होती है।
मौसम अपडेट: राजस्थान में कड़ाके की सर्दी, 18 से ज्यादा शहरों में न्यूनतम तापमान सिंगल डिजिट में

70 शहरों में कमिश्नरेट प्रणाली

राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, गुजरात, असम, आंध्र प्रदेश सहित देश के 70 प्रमुख शहरों में कमिश्नरेट प्रणाली को लागू किया गया है। इससे पुलिस प्रशासन को अधिक मजबूत और संगठित किया जा रहा है। कमिश्नरेट प्रणाली के तहत पुलिस अधिकारियों को अधिक प्रशासनिक अधिकार दिए जाते हैं। ताकि वे आपराधिक मामलों को जल्दी और प्रभावी रूप से निपटा सकें।

राजस्थान में RCA विवाद से बढ़ी मुश्किलें, पूर्व पदाधिकारी का आरोप, क्रिकेट की हालत खराब

पुलिस व्यवस्था होगी मजबूत

केंद्र सरकार का यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए है कि सभी पुलिस कमिश्नरेट को समान अधिकार मिलें। ताकि पुलिस प्रशासन में एकरूपता बनी रहे और नागरिकों को बेहतर सुरक्षा मिल सके। यह अध्ययन आने वाले दिनों में पुलिस व्यवस्था को और भी मजबूत बनाने में मदद करेगा।

राजस्थान में बीसलपुर डेम की 9 प्रतिशत बढ़ेगी भराव क्षमता, 68 गांवों की 350 हेक्टेयर जमीन डूबेगी

मुख्य बिंदु

प्रशासनिक संरचना: पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली एक विशेष पुलिस प्रशासनिक संरचना है। जिसमें पुलिस विभाग के पास सभी कानून व्यवस्था से संबंधित अधिकार होते हैं। इस प्रणाली के तहत पुलिस कमिश्नरेट को जियादा स्वतंत्रता और शक्तियां मिलती हैं। जिससे अपराधों की रोकथाम और समाधान में तेजी आती है।

ताकतवर प्रणाली: इस प्रणाली के तहत पुलिस को अधिक अधिकार प्राप्त होते हैं। जिससे वे जल्दी निर्णय ले सकते हैं और कानून व्यवस्था को मजबूत कर सकते हैं। इससे अपराधों पर काबू पाया जा सकता है और पुलिस प्रशासन में सुधार हो सकता है।

लाइसेंस का अधिकार: दिल्ली और मुंबई में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली के तहत पुलिस के पास कार्यकारी मजिस्ट्रेट की सभी शक्तियां होती हैं। साथ ही सिनेमा और अन्य लाइसेंस देने का अधिकार भी पुलिस के पास है। जो अन्य शहरों में सरकार के पास होता है।

Tags:
  • राजस्थान
  • केंद्र सरकार
  • जयपुर
  • पुलिस
  • जयपुर पुलिस कमिश्नर
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

By Sanjay Dhiman

UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज