भैराणा धाम आंदोलन में संतों का अलग रुख, सरकारी कमेटी से बाहर रहने का ऐलान
Jageshwar prasad | Jun 01, 2026, 15:50 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में दादूपालका भैराणा धाम बचाओ संघर्ष समिति ने प्रशासन द्वारा बनाई जा रही कमेटी में शामिल होने से इनकार कर दिया है। समिति ने जयपुर कूच के दौरान मंच से की गई राजनीतिक बयानबाजी से भी खुद को अलग कर लिया है।
News In Short
- भैराणा धाम संघर्ष समिति ने प्रशासन की बन रही कमेटी में शामिल होने से किया इनकार।
- समिति ने जयपुर कूच के दौरान मंच से की गई राजनीतिक बयानबाजी से खुद को किया अलग।
- 27 मई को रीको का काम स्थगित करने के ऐलान को समिति ने बेमानी बताया, काम पहले से था बंद।
- कमेटी के अधिकारों और संतों की भूमिका को लेकर स्पष्टता न होने पर लिया यह निर्णय।
- समिति ने सीएम भजनलाल शर्मा की प्रशंसा करते हुए कहा- सरकार पर पूरा भरोसा है।
News In Detail
प्रेस वार्ता में किए बड़े एलान
इसमें व्यवस्थापक हरिओम स्वामी ने कहा कि 27 मई को प्रशासन ने भैराणा में रीको (RIICO)का काम स्थगित करने करने की घोषणा की थी, जबकि रीको का काम पहले से ही बंद था। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक औपचारिक घोषणा थी जिसका कोई व्यावहारिक महत्व नहीं है।
जयपुर कूच से पहले ही बन गई थी सहमति
संघर्ष समिति ने 26 मई को जिला प्रशासन के माध्यम से सरकार को सात सूत्रीय ज्ञापन दिया। इन बिंदुओं पर अधिकारियों के साथ सकारात्मक बातचीत हुई और अधिकांश बिंदुओं पर सहमति भी बन गई थी।
प्रशासन की कमेटी में शामिल नहीं होंगे संत
रीको औद्योगिक क्षेत्र विवाद के आगे के काम की समीक्षा के लिए प्रशासन ने एक कमेटी बनाने का आश्वासन दिया था, लेकिन इस कमेटी के क्या अधिकार होंगे, उसकी अध्यक्षता कौन करेगा और संतों की इसमें क्या भूमिका होगी, इसे लेकर कोई स्पष्टता नहीं है। इसलिए संघर्ष समिति ऐसी किसी कमेटी में शामिल नहीं होगी।
राजनीतिक बयानों से अलग किया खुद को
संत समाज केवल भैराणा धाम की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के लिए आंदोलित है। किसी भी राजनीतिक दल द्वारा इस मुद्दे को अपना राजनीतिक रंग देने की कोशिश की गई है, उससे संत समाज का कोई लेना-देना नहीं है।
पर्यावरण संरक्षण के समर्थक, विकास के विरोधी नहीं
संघर्ष समिति इस पूरे मामले का संतुलित समाधान निकालने की दिशा में प्रयास करेगी। उन्होंने बताया कि समिति ने आज जिला प्रशासन से वार्ता के लिए समय लिया है। वार्ता में 26 मई को दिए गए ज्ञापन के बिंदुओं पर चर्चा होगी।
सीएम भजनलाल शर्मा पर जताया भरोसा
FAQ
- भैराणा धाम आंदोलन क्या है?
भैराणा धाम आंदोलन राजस्थान के जयपुर (दूदू) क्षेत्र में स्थित दादू पंथ की पवित्र तपोस्थली भैराणा धाम की भूमि को बचाने के लिए संत समाज, स्थानीय ग्रामीणों और किसानों द्वारा चलाया जा रहा एक प्रमुख विरोध प्रदर्शन है। यह विवाद मुख्य रूप से RIICO द्वारा औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण और वहां लगे हजारों पेड़ों की कटाई के विरोध में शुरू हुआ।
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