भरतपुर निकाय चुनाव हार पर कांग्रेस में फूट, विश्वेन्द्र सिंह ने जिलाध्यक्षों पर साधा निशाना
Jageshwar prasad | Oct 01, 2026, 09:58 IST
निकाय चुनाव हार पर विश्वेन्द्र सिंह ने जिलाध्यक्षों पर साधा निशाना
भरतपुर-डीग नगर निकाय चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस पार्टी में असंतोष की लहर जोरों पर है। पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने जिलाध्यक्षों पर टिकट वितरण में मनमानी का आरोप लगाया है। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का नाम लेते हुए गंभीर आरोप लगाए और इस मुद्दे की जांच की भी मांग की। यह स्थिति आगामी पंचायत चुनावों के लिए महत्वपूर्ण बन गई है।
समझें क्या है पूरा मामला
- निकाय चुनाव हार पर फूटा विश्वेन्द्र का गुबार।
- दोनों जिलाध्यक्षों पर सीधा निशाना।
- चहेतों को टिकट देने से डूबी कांग्रेस।
- डोटासरा पर लगाए गंभीर आरोप।
- कांग्रेस नेताओं ने जताई आपत्ति।
उन्होंने निकाय चुनाव में पार्टी की हार के लिए टिकट वितरण को जिम्मेदार ठहराया। साथ ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने एक अलग पोस्ट में डोटासरा पर परिवार की भर्तियों को लेकर गंभीर आरोप भी लगाए।
जिलाध्यक्षों पर सीधा हमला
उन्होंने लिखा कि नगर निकाय में कांग्रेस की हार का एक ही कारण है। दोनों जिलाध्यक्षों ने चहेतों को टिकट बांटे और असली कार्यकर्ताओं को दरकिनार किया। जनता ने सबक सिखा दिया।
उन्होंने आगे लिखा कि पहले निकाय चुनाव में जनता को इन लोगों ने कब्र में दफनाया था। लेकिन जनता अब भी तैयार बैठी है। इस बार चुनाव में जनता दोनों जिलाध्यक्षों और इनको बचाने वाले प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को उसी कब्र में दफनाने को तैयार है।
प्रदेश नेतृत्व पर सवाल
सिंह ने आगे लिखा कि यह सीएम का गृह जिला है। यहां कांग्रेस मजबूत होनी चाहिए थी। लेकिन इन लोगों ने पार्टी को डूबो दिया। प्रदेश अध्यक्ष मूक-बधिर बना बैठा है।
उन्होंने कहा कि जब तक ये दोनों कुर्सी पर हैं, कांग्रेस का उठना नामुमकिन है। उन्होंने प्रदेश नेतृत्व से होश में आने की अपील की। यह पोस्ट पार्टी के भीतर चर्चा का विषय बन गई है।
भरतपुर में क्या रहा नतीजा?
जिले के निकाय चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस संगठन के भीतर बहस तेज हो गई है। टिकट वितरण, प्रत्याशियों के चयन और स्थानीय नेतृत्व की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं। विश्वेन्द्र सिंह की ताजा पोस्ट इसी पृष्ठभूमि में सामने आई है।
डोटासरा पर भर्ती का आरोप
विश्वेन्द्र सिंह ने दोबारा फेसबुक पोस्ट कर कांग्रेस नेताओं पर तीखा हमला किया। उन्होंने डोटासरा पर अपने परिवार की भर्तियों को लेकर आरोप लगाए।
उन्होंने लिखा कि 2018 में भर्ती हुए डोटासरा की पुत्रवधू प्रतिभा पूनिया और उनके भाई गौरव पूनिया तथा बहिन प्रज्ञा पूनिया को इंटरव्यू में सभी रिश्तेदारों को समान 80-80 अंक दिए गए। प्रतिभा पूनिया आरएएस (RAS – Rajasthan Administrative Service) 2016 में चयनित हुईं। गौरव और प्रज्ञा 2018 में चयनित हुए।
उन्होंने कहा कि सत्ता का दुरुपयोग करके साक्षात्कार में अंक दिलाए गए। सभी के समान अंक आना गंभीर संदेह पैदा करता है। इन सबकी गहन जांच होनी चाहिए।
ओबीसी प्रमाण पत्र का मुद्दा
विश्वेन्द्र सिंह ने अपनी पोस्ट में ओबीसी प्रमाण पत्र को लेकर भी आरोप लगाए। उन्होंने लिखा कि डोटासरा के पुत्र अविनाश सिंह का 2016 में आरएएस में चयन हुआ।
इसमें ओबीसी (OBC – Other Backward Classes) प्रमाण पत्र नॉन क्रीमी लेयर का बनवाकर लाभ लिया गया। डोटासरा के समधी रमेश चंद पूनिया भी क्रीमी लेयर होते हुए उनके बच्चों को ओबीसी का लाभ दिलाया गया।
उन्होंने यह भी लिखा कि डोटासरा के शिक्षा मंत्री रहते हुए आरईईटी (REET – Rajasthan Eligibility Examination for Teachers) परीक्षा में बड़ी धांधली हुई। इससे गरीब किसानों के मेहनती बच्चों का भविष्य गर्त में धकेल दिया गया। उन्होंने वर्तमान सरकार और मुख्यमंत्री से इन आरोपों की गहन जांच कर कार्रवाई की मांग की।
भरतपुर पर बयान का जिक्र
विश्वेन्द्र सिंह ने डोटासरा के एक पुराने बयान का भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि डोटासरा ने बयाना में एक कार्यक्रम में कहा था कि भरतपुर में तो रास्ता पूछने के भी पैसे ले लेते हैं।
उन्होंने कहा कि भरतपुर की जनता के इस अपमानजनक बयान पर उनका कहना है कि अगली बार डोटासरा भरतपुर आएं। उन्हें रास्ता भी बताया जाएगा और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. चन्द्रभान से बढ़िया स्वागत-सत्कार भी किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ऐसे नेताओं को तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे देना चाहिए। या कांग्रेस आलाकमान को इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करके पार्टी से निकाल देना चाहिए।
कांग्रेस ने जताई आपत्ति
उन्होंने कहा कि ये पोस्ट भाजपा के फैलाए जा रहे झूठ के टूल किट का हिस्सा हैं। भाजपा कई सालों से झूठ फैला रही है। पार्टी में हर बात को रखने का एक मंच होता है।
उन्होंने बताया कि पीसीसी जिला प्रभारी से निकाय चुनाव और भरतपुर में कांग्रेस समर्थित मेयर को लेकर रिपोर्ट मांगी गई है। कांग्रेस के डीग जिलाध्यक्ष राजीव सिंह कुम्हेर और भरतपुर जिलाध्यक्ष दिनेश बृजेंद्र सूपा ने भी इन बयानों पर आपत्ति जताई है।
क्यों अहम है यह मामला?
भरतपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का गृह जिला है। यहां कांग्रेस का कमजोर प्रदर्शन पार्टी के लिए चिंता का विषय है। आने वाले पंचायत चुनावों को देखते हुए यह बहस और तेज हो सकती है। अब देखना जरूरी है कि पार्टी आलाकमान इस पर क्या फैसला लेता है।
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