राजस्थान भाजपा में सभी गुटों को साधने की कवायद, हाशिए पर चल रहे परनामी को बनाया तिरंगा यात्रा का संयोजक
Amit Baijnath Garg | Aug 03, 2025, 20:16 IST
Photograph: (the sootr)
वसुंधरा राजे के बाद भजनलाल की पीएम व गृह मंत्री से मुलाकात के बाद इस बात को बल मिला है कि राजस्थान भाजपा में सभी गुटों को साधने के लिए जल्द ही मंत्रिमंडल फेरबदल और राजनीतिक नियुक्तियां हो सकती हैं।
मुकेश शर्मा @ जयपुर
राजस्थान भाजपा में चल रही गुटबाजी को साधने के लिए केंद्रीय नेतृत्व ने हाशिए पर चल रहे नेताओं को मुख्यधारा में लाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में तिरंगा यात्रा और विभाजन विभिषिका स्मृति दिवस की जिम्मेदारी पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और वसुंधरा गुट के खास नेता अशोक परनामी को दी है।
इससे इस बात की पूरी संभावना है कि आगे मंत्रिमंडल और भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी में भी सभी गुटों के साथ जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों का ध्यान रखा जाएगा।
दरअसल, डेढ़ साल पहले भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में भाजपा सरकार बनने के बाद से अब तक मंत्रिमंडल में कोई फेरबदल या विस्तार नहीं हुआ है। इसका मुख्य कारण पार्टी की गुटबाजी और पार्टी हाईकमान के नियंत्रण रखने की कवायद को माना जाता है।
सरकार बनने के बाद से ही पूर्व सीएम वसुधंरा राजे और उनके समर्थक विधायकों तथा अन्य नेताओं ने संगठन में भी कोई विशेष रुचि नहीं दिखाई है
पिछले एक सप्ताह में पूर्व मुख्यमंत्री वसुधंरा राजे की पीएम से मुलाकात और उसके तत्काल बाद सीएम भजनलाल शर्मा की भी पीएम तथा गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई मुलाकात और रविवार को संगठन मंत्री बीएल संतोष से बातचीत से कई तरह के संकेत मिल रहे हैं।
यह खबरें भी पढ़ें...
राजस्थान भाजपा में सियासी उबाल! जानिए क्या हैं भजनलाल शर्मा और वसुंधरा राजे की दिल्ली यात्रा के मायने
भाजपा नेता केपी त्रिपाठी ने लेडी सीएसपी से मांगी माफी, महिला अफसर को कहा था असंवेदनशील औरत
दुर्ग में SDM से बदसलूकी, भाजपा नेता समेत तीन को पुलिस ने किया गिरफ्तार
भाजपा नेता के बेटे यासीन मछली का चौकाने वाला ड्रग्स नेटवर्क, लड़कियों के जरिए कराता था डिलीवरी
राज्य में भजनलाल शर्मा के सीएम बनने के साथ ही पूर्व सीएम वसुधंरा राजे और उनके समर्थकों को दरकिनार कर दिया गया, लेकिन इस दौरान राजे या उनके समर्थकों ने कभी कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की।
दूसरी ओर 2018 में सत्ता से बाहर होने के बाद से वसुधंरा राजे के आरएसएस से संबंध लगातार सुधरे हैं। इसका फायदा राजे गुट को मिलना तय है। संभावना है कि मंत्रिमंडल सहित राजनीतिक नियुक्तियों और प्रदेश संगठन में राजे समर्थकों को पूरी तवज्जो मिलेगी। बड़ा सवाल यह है कि क्या राजे गुट ने नेताओं को अहमियत मिल पाएगी?
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧
राजस्थान भाजपा में चल रही गुटबाजी को साधने के लिए केंद्रीय नेतृत्व ने हाशिए पर चल रहे नेताओं को मुख्यधारा में लाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में तिरंगा यात्रा और विभाजन विभिषिका स्मृति दिवस की जिम्मेदारी पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और वसुंधरा गुट के खास नेता अशोक परनामी को दी है।
इससे इस बात की पूरी संभावना है कि आगे मंत्रिमंडल और भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी में भी सभी गुटों के साथ जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों का ध्यान रखा जाएगा।
दरअसल, डेढ़ साल पहले भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में भाजपा सरकार बनने के बाद से अब तक मंत्रिमंडल में कोई फेरबदल या विस्तार नहीं हुआ है। इसका मुख्य कारण पार्टी की गुटबाजी और पार्टी हाईकमान के नियंत्रण रखने की कवायद को माना जाता है।
सरकार बनने के बाद से ही पूर्व सीएम वसुधंरा राजे और उनके समर्थक विधायकों तथा अन्य नेताओं ने संगठन में भी कोई विशेष रुचि नहीं दिखाई है
सीएम की मुलाकातों से मिल रहे संकेत
सिलसिलेवार हुई इन मुलाकातों से जल्दी ही राज्य मंत्रिमंडल में फेरबदल व विस्तार के साथ ही संगठन में नियुक्तियां तथा राजनीतिक नियुक्तियां हो सकती हैं। इन नियुक्तियों में सभी गुटों का समावेश किया जाएगा, इस बात की पूरी संभावना है।
राजस्थान भाजपा में सियासी उबाल! जानिए क्या हैं भजनलाल शर्मा और वसुंधरा राजे की दिल्ली यात्रा के मायने
भाजपा नेता केपी त्रिपाठी ने लेडी सीएसपी से मांगी माफी, महिला अफसर को कहा था असंवेदनशील औरत
दुर्ग में SDM से बदसलूकी, भाजपा नेता समेत तीन को पुलिस ने किया गिरफ्तार
भाजपा नेता के बेटे यासीन मछली का चौकाने वाला ड्रग्स नेटवर्क, लड़कियों के जरिए कराता था डिलीवरी
राजे गुट की फेरबदल पर निगाहें
दूसरी ओर 2018 में सत्ता से बाहर होने के बाद से वसुधंरा राजे के आरएसएस से संबंध लगातार सुधरे हैं। इसका फायदा राजे गुट को मिलना तय है। संभावना है कि मंत्रिमंडल सहित राजनीतिक नियुक्तियों और प्रदेश संगठन में राजे समर्थकों को पूरी तवज्जो मिलेगी। बड़ा सवाल यह है कि क्या राजे गुट ने नेताओं को अहमियत मिल पाएगी?
FAQ
- 1. राजस्थान भाजपा में गुटबाजी को नियंत्रित करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
केंद्रीय नेतृत्व ने हाशिए पर चल रहे नेताओं को मुख्यधारा में लाने के लिए अशोक परनामी को तिरंगा यात्रा का संयोजक बनाया है, और आगामी मंत्रिमंडल फेरबदल व राजनीतिक नियुक्तियों की योजना बनाई जा रही है। - 2.
वसुंधरा राजे और उनके समर्थकों को क्या तवज्जो मिलेगी?
वसुंधरा राजे और उनके समर्थकों को मंत्रिमंडल फेरबदल और राजनीतिक नियुक्तियों में तवज्जो मिलने की संभावना है, खासकर आरएसएस से उनके संबंधों के सुधार के बाद। - 3. क्या मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की हालिया मुलाकातों से मंत्रिमंडल फेरबदल की संभावना बन रही है?
जी हां, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की हालिया मुलाकातों से संकेत मिल रहे हैं कि जल्द ही मंत्रिमंडल फेरबदल और राजनीतिक नियुक्तियां की जा सकती हैं।
thesootr links
- मध्यप्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- जॉब्स और एजुकेशन की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
- निशुल्क वैवाहिक विज्ञापन और क्लासिफाइड देखने के लिए क्लिक करें
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava