बोर्ड की चूक से अटके 38 हजार विद्यार्थी, 37 दिन बाद भी नहीं मिली मार्कशीट
Ashish Bhardwaj | Jul 19, 2026, 11:56 IST
अजमेर बोर्ड की लापरवाही
राजस्थान बोर्ड की चूक से पूरक परीक्षा पास करने वाले 38 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों को 37 दिन बाद भी मार्कशीट नहीं मिली है। इससे इन विद्यार्थियों को कॉलेज में प्रवेश लेने में मुश्किल आ रही है।
समझें क्या है पूरा मामला
राजस्थान बोर्ड की पूरक परीक्षा में सफल 38 हजार छात्रों की मार्कशीट अटकी।
रिजल्ट जारी होने के 37 दिन बाद भी अंकतालिका वितरण शुरू नहीं हुआ।
कॉलेज प्रवेश और नामांकन प्रक्रिया पर पड़ रहा सीधा असर।
18 जून को बोर्ड को मिल चुकी थीं सभी अंकतालिकाएं।
प्रशासनिक देरी से विद्यार्थी और अभिभावक परेशान हैं।
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की एक बड़ी प्रशासनिक चूक सामने आई है। इसके चलते 10वीं और 12वीं की पूरक परीक्षा में सफल हुए 38 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों को अब तक उनकी मूल मार्कशीट नहीं मिल सकी है।
बोर्ड ने पूरक परीक्षा का परिणाम 29 मई को घोषित किया था। लेकिन इसके 37 दिन बीत जाने के बाद भी अंकतालिकाओं का वितरण शुरू नहीं हो पाया है।
मार्कशीट न मिलने से विद्यार्थियों की कई जरूरी प्रक्रियाएं अटक गई हैं। इसका सीधा असर कॉलेजों में प्रवेश पर पड़ रहा है।
इसके अलावा अगली कक्षा में नामांकन और बोर्ड परीक्षाओं के आवेदन जैसे काम भी प्रभावित हो रहे हैं। हजारों विद्यार्थी और उनके परिजन इस देरी से परेशान हैं।
सबसे हैरानी की बात यह है कि पूरक परीक्षा की अंकतालिकाएं बोर्ड को 18 जून को ही मिल गई थीं। इसके बावजूद अब तक इन्हें जिलों और स्कूलों तक नहीं भेजा गया है।
इससे साफ है कि मार्कशीट तैयार होने के बाद भी सिर्फ प्रशासनिक स्तर पर देरी के चलते विद्यार्थियों को समय पर उनका हक नहीं मिल पा रहा।
फिलहाल प्रदेशभर में कॉलेज प्रवेश की प्रक्रिया अंतिम चरण में चल रही है। साथ ही बोर्ड परीक्षाओं के लिए आवेदन भी भरे जा रहे हैं।
लेकिन ज्यादातर उच्च शिक्षण संस्थानप्रवेश प्रक्रिया पूरी करने के लिए मूल अंकतालिका को ही जरूरी दस्तावेज मानते हैं। ऐसे में पूरक परीक्षा में सफल हुए विद्यार्थी जरूरी औपचारिकताएं पूरी नहीं कर पा रहे हैं।
अगर जल्द ही मार्कशीट का वितरण शुरू नहीं हुआ, तो कई विद्यार्थियों के कॉलेज प्रवेश और आगे की पढ़ाई पर असर पड़ने की आशंका है।
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राजस्थान बोर्ड की पूरक परीक्षा में सफल 38 हजार छात्रों की मार्कशीट अटकी।
रिजल्ट जारी होने के 37 दिन बाद भी अंकतालिका वितरण शुरू नहीं हुआ।
कॉलेज प्रवेश और नामांकन प्रक्रिया पर पड़ रहा सीधा असर।
18 जून को बोर्ड को मिल चुकी थीं सभी अंकतालिकाएं।
प्रशासनिक देरी से विद्यार्थी और अभिभावक परेशान हैं।
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की एक बड़ी प्रशासनिक चूक सामने आई है। इसके चलते 10वीं और 12वीं की पूरक परीक्षा में सफल हुए 38 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों को अब तक उनकी मूल मार्कशीट नहीं मिल सकी है।
बोर्ड ने पूरक परीक्षा का परिणाम 29 मई को घोषित किया था। लेकिन इसके 37 दिन बीत जाने के बाद भी अंकतालिकाओं का वितरण शुरू नहीं हो पाया है।
प्रवेश और नामांकन पर पड़ रहा सीधा असर
इसके अलावा अगली कक्षा में नामांकन और बोर्ड परीक्षाओं के आवेदन जैसे काम भी प्रभावित हो रहे हैं। हजारों विद्यार्थी और उनके परिजन इस देरी से परेशान हैं।
18 जून को ही मिल गई थीं अंकतालिकाएं
इससे साफ है कि मार्कशीट तैयार होने के बाद भी सिर्फ प्रशासनिक स्तर पर देरी के चलते विद्यार्थियों को समय पर उनका हक नहीं मिल पा रहा।
कॉलेज प्रवेश अंतिम चरण में, फिर भी अटकी प्रक्रिया
लेकिन ज्यादातर उच्च शिक्षण संस्थानप्रवेश प्रक्रिया पूरी करने के लिए मूल अंकतालिका को ही जरूरी दस्तावेज मानते हैं। ऐसे में पूरक परीक्षा में सफल हुए विद्यार्थी जरूरी औपचारिकताएं पूरी नहीं कर पा रहे हैं।
अगर जल्द ही मार्कशीट का वितरण शुरू नहीं हुआ, तो कई विद्यार्थियों के कॉलेज प्रवेश और आगे की पढ़ाई पर असर पड़ने की आशंका है।
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