सार्वजनिक वितरण प्रणाली में गबन, राशन डीलर ने गायब किया 9,672 किलो गेहूं

Jageshwar prasad | Jul 10, 2026, 18:29 IST
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राशन डीलर ने 9,672 किलो गेहूं किया गायब, पुलिस ने दर्ज की FIR
राशन डीलर ने 9,672 किलो गेहूं किया गायब, पुलिस ने दर्ज की FIR

राजस्थान में चित्तौड़गढ़ के हरनाथपुरा में राशन दुकानदार पृथ्वीराज कच्छावा पर 9672 किलो गेहूं गबन का आरोप लगा। रामशी थाने में दर्ज हुई FIR, जांच शुरू।

समझें क्या है पूरा मामला

  • चित्तौड़गढ़ में राशन घोटाला, गरीबों का हक कौन खा गया।
  • राशन दुकानदार पर 9672 किलो गेहूं गबन का आरोप लगा।
  • पोस मशीन में गेहूं दर्ज था, गोदाम में मिला सिर्फ इतना।
  • चार नोटिस के बाद भी दुकानदार चुप रहा, अब FIR दर्ज।
  • जांच अधिकारी की रिपोर्ट से खुला गेहूं गबन का पूरा खेल।
चित्तौड़गढ़ के रामशी थाने में राशन डीलर के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। हरनाथपुरा की उचित मूल्य दुकान चलाने वाले पृथ्वीराज कच्छावा पर आरोप दर्ज किया गया है।

जब आरोपी के खिलाफ जांच की गई तो उसमें 9,672 किलो गेहूं का गबन पाया गया। पोस (POS) मशीन में 11,283 किलो गेहूं दर्ज था, लेकिन मौके पर सिर्फ 1,611 किलो मिला। चार नोटिस के बावजूद दुकानदार ने गेहूं की भरपाई नहीं की।

पूरी घटना क्या है?

चित्तौड़गढ़ जिले की रामशी थाना पुलिस ने एक मामला दर्ज किया है। जिसमें हरनाथपुरा गांव की उचित मूल्य दुकान के संचालक पर आरोप लगा है। जिला रसद अधिकारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर यह प्रकरण दर्ज हुआ। प्रवर्तन निरीक्षक विजय थालौद ने पुलिस थाने में यह रिपोर्ट पेश की। पुलिस ने रिपोर्ट मिलते ही जांच शुरू कर दी है।

आरोपी का नाम पृथ्वीराज कच्छावा है। वे हरनाथपुरा के ही निवासी हैं। उनकी दुकान का पोस (POS – Point of Sale) नंबर 13733 है। यह दुकान राशमी तहसील क्षेत्र में आती है और यहीं से गरीब परिवारों को राशन मिलता है।

गबन का खुलासा कैसे हुआ?

21 जनवरी 2024 को इस दुकान की जांच हुई थी। उस समय के प्रवर्तन अधिकारी हितेश जोशी ने यह जांच की थी। जांच में एक बड़ा अंतर सामने आया। सरकारी पोस मशीन में 11,283 किलोग्राम गेहूं दर्ज मिला। लेकिन दुकान पर भौतिक रूप से केवल 1,611 किलोग्राम गेहूं ही रखा था।

दोनों आंकड़ों के बीच का फासला 9,672 किलोग्राम का निकला। यही आंकड़ा अब पूरे मामले की जड़ बन गया है। रिपोर्ट के अनुसार यह गेहूं सार्वजनिक वितरण प्रणाली, यानी पीडीएस (Public Distribution System) के तहत गरीब उपभोक्ताओं को मिलना था। लेकिन आरोप है कि यह गेहूं निजी लाभ के लिए इस्तेमाल किया गया।

चार नोटिस, कोई जवाब नहीं

गबन का पता चलने के बाद जिला रसद कार्यालय हरकत में आया। दुकानदार को कुल चार बार नोटिस भेजे गए। हर बार गेहूं की भरपाई करने या जवाब देने को कहा गया। लेकिन दुकानदार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

आखिरी नोटिस दिसंबर 2025 में भेजा गया था। इसके बाद भी दुकानदार ने न तो जवाब दिया और न ही गेहूं लौटाया। इसी लापरवाही के बाद रसद विभाग राजस्थान ने पुलिस का रुख किया। रिपोर्ट में साफ आरोप है कि दुकानदार ने जानबूझकर गेहूं का गबन किया।

कानूनी कार्रवाई शुरू

रामशी थानाधिकारी रतन सिंह ने इस मामले पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह अपराध कई सख्त कानूनों के तहत आता है। इनमें राजस्थान खाद्यान्न व आवश्यक पदार्थ आदेश 1976 शामिल है। इसके अलावा पीडीएस नियंत्रण आदेश 2011 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 भी लागू होता है।

पुलिस ने प्रवर्तन निरीक्षक की रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर (First Information Report) दर्ज कर ली है। मामले की जांच खुद थानाधिकारी रतन सिंह को सौंपी गई है। आने वाले दिनों में पुलिस आरोपी से पूछताछ कर सकती है।

यह मामला राशन वितरण व्यवस्था में गड़बड़ी की एक और मिसाल है। ऐसे मामलों से जरूरतमंद परिवारों का हक प्रभावित होता है। प्रशासन का कहना है कि दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी।

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