डॉक्टरों की डिग्री की साख तार-तार, 30 हजार में मिल रही एमडी-एमएस थीसिस

Jageshwar prasad | Jul 16, 2026, 13:46 IST
Share
एमडी-एमएस की थीसिस 30 हजार, पीएचडी एक लाख में बिक रही
एमडी-एमएस की थीसिस 30 हजार, पीएचडी एक लाख में बिक रही

राजस्थान के उदयपुर में रेडीमेड थीसिस का खुलासा हुआ है। एमडी-एमएस करने वाले रेजिडेंट 20 से 50 हजार रुपए में और पीएचडी शोधार्थी 80 हजार से एक लाख रुपए में थीसिस खरीद रहे हैं।

समझें क्या है पूरा मामला

  • एमडी-एमएस की थीसिस 30 हजार, पीएचडी एक लाख में बिक रही।
  • उदयपुर में आरएनटी के सामने चल रहा है थीसिस बेचने का धंधा।
  • जांच में नकली रिसर्च सिंडिकेट का खुलासा, 24 घंटे में डिलीवरी।
  • पीजी डॉक्टर और पीएचडी शोधार्थी खरीद रहे रेडीमेड थीसिस।
  • 30 साल से चल रहा फर्जीवाड़ा, मरीजों पर शोध के नाम पर धोखा।
उदयपुर में चिकित्सा शिक्षा जगत से चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। एमडी-एमएस की थीसिस 20 से 50 हजार रुपए में बिक रही है। पीएचडी करने वाले 80 हजार से एक लाख रुपए में रेडीमेड थीसिस खरीद रहे हैं।

आरएनटी मेडिकल कॉलेज के सामने यह सिंडिकेट चल रहा है। 24 घंटे में थीसिस तैयार करने का दावा किया जा रहा है। अब एमडी-एमएस करने वाले रेजिडेंट अस्पतालों में मरीजों पर शोध करने के बजाय थीसिस खरीद रहे हैं। वहीं, पीएचडी शोधार्थी डॉक्टर की उपाधि पैसे देकर हासिल कर रहे हैं।

30 साल से चल रहा फर्जीवाड़ा

आरएनटी मेडिकल कॉलेज और एमबी चिकित्सालय के सामने यह कारोबार चल रहा है। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है।

जांच में पाया गया कि आरएनटी के सामने संचालित बापना एजेंसीज यह उपलब्ध करवा रही है। संचालक संदीप बापना ने सिनॉप्सिस, थीसिस राइटिंग, डेटा एनालिसिस और प्रिंटिंग का काम 30 हजार में करने का दावा किया।

बापना ने कहा कि वह पिछले 30 वर्षों से मेडिकल छात्रों के लिए यही काम कर रहा है। उसने दावा किया कि यदि गाइड टॉपिक और ड्राफ्ट तुरंत मंजूर कर दे तो पूरी थीसिस 24 घंटे में तैयार हो सकती है।

पीएचडी (PhD) थीसिस भी बिक रही

जांच में सामने आया कि पीएचडी की थीसिस 80 हजार से 1 लाख रुपए में तैयार हो रही है। जिसमें थीसिस बनाने वालों ने दवा किया कि शोधार्थी को एक अक्षर भी लिखने की जरूरत नहीं है।

उन्होंने आगे भी दावा किया कि वे ऐसा लिखते हैं कि प्लेजियरिज्म सॉफ्टवेयर में न फंसे। उन्होंने बताया कि एमपी के कई कॉलेजों में जांच नहीं होती, लेकिन कड़ाई वाली जगह पर मेहनत ज्यादा लगती है।

एथिकल कमेटी और गाइड के सुपरविजन पर सवाल

हर मेडिकल कॉलेज में इंस्टीट्यूशनल एथिकल कमेटी शोध के नैतिक और वैज्ञानिक पहलुओं की जांच करती है। तीन वर्षों तक मरीजों के फॉलो-अप और लैब टेस्ट की निगरानी गाइड की जिम्मेदारी होती है। 24 घंटे में थीसिस तैयार होने का दावा बताता है कि व्यावहारिक स्तर पर डेटा का पर्याप्त सत्यापन नहीं हो रहा।

आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. राहुल जैन ने कहा कि बाजार में ऐसी थीसिस बिक रही है तो गलत है। पूर्व कुलपति डॉ. कैलाश सोड़ानी ने कहा कि ऐसे मामले अधिकतर निजी विवि में सामने आते हैं, लेकिन व्यवस्था सुधार की जरूरत सरकारी विवि में भी है।

ये भी पढ़ें:-

राजस्थान में 111 फर्जी FMGE सर्टिफिकेट, 27 डॉक्टर गिरफ्तार, 88 और होंगे अरेस्ट

विदेश से MBBS, भारत में FMGE पास न कर पाए, फिर बनवाया फर्जी सर्टिफिकेट

FMGE परीक्षा में फेल, डॉक्टर ने मार्कशीट में छेड़छाड़ कर रचाया इंटर्नशिप का खेल

केंद्रीय विश्वविद्यालय में जल संकट, अब एक महीने चलेंगी ऑनलाइन कक्षाएं

Tags:
  • उदयपुर
  • फर्जीवाड़ा
  • चिकित्सा शिक्षा
  • PhD
  • रेडीमेड थीसिस
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा