बजरी माफिया से मिलीभगत का वीडियो वायरल, एएसआई सहित 5 पुलिसकर्मियों को किया सस्पेंड
Purshottam Kumar Joshi | Jan 14, 2026, 17:21 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में बजरी माफिया से मिलीभगत के आरोप में टोंक जिले के 5 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है। इनमें एक एएसआई और अन्य कांस्टेबल शामिल हैं।
Tonk. राजस्थान में बजरी माफिया से मिलीभगत के आरोप में टोंक पुलिस अधीक्षक राजेश मीना ने जिले के 5 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है। इनमें एक एएसआई और अन्य कांस्टेबल शामिल हैं। यह कार्रवाई 10 जनवरी को वायरल हुए एक वीडियो के बाद की गई है। इसमें बिना चेकिंग के बजरी भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को थाने से निकलते हुए दिखाया गया था।
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राजस्थान के टोंक जिले में बजरी माफिया से मिलीभगत के आरोप में एसीबी (Anti-Corruption Bureau) ने बड़ी कार्रवाई की है। 10 जनवरी को एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें टोंक के सोप थाने के बाहर से बजरी भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां बिना चेकिंग के निकलती हुई नजर आईं। इस वीडियो के सामने आने के बाद एसपी राजेश कुमार मीना ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 5 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया।
वीडियो में दिखाया गया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली बिना किसी जांच के थाने से गुजर रही थी, जो पूरी तरह से ड्यूटी में लापरवाही को दर्शाता है। इसके बाद, एएसआई प्रहलाद नारायण मीणा और कॉन्स्टेबल साबूलाल मीणा को सस्पेंड किया गया, जो सोप थाना में तैनात थे। इसके अलावा अलीगढ़ थाना के हेड कॉन्स्टेबल सत्यप्रकाश जाट, कॉन्स्टेबल राजेंद्र सिंह, और ओमप्रकाश यादव को भी सस्पेंड किया गया।
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बजरी माफिया के साथ मिलीभगत की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी ओमप्रकाश यादव पर आरोप थे कि उन्होंने कोरोना काल में भी बजरी माफियाओं से मिलीभगत की थी। नवंबर 2025 में एक ऑडियो सामने आया था, जिसमें अलीगढ़ थाना के पुलिसकर्मी अवैध बजरी परिवहन के बारे में बात कर रहे थे। इसी ऑडियो के बाद पुलिस मुख्यालय ने सख्त एक्शन लिया था।
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एसपी मीना ने यह स्पष्ट किया कि विभागीय जांच के बाद यदि यह साबित होता है कि पुलिसकर्मियों ने जानबूझकर या लापरवाही से कार्य किया है, तो उन पर और सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, जांच पूरी होने के बाद और आरोपियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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इस मामले में यह भी साबित होता है कि पुलिस विभाग में बजरी माफिया से संबंधित मामलों में सुधार की आवश्यकता है। पहले भी राज्य के विभिन्न हिस्सों में पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत के मामलों को लेकर कड़ी कार्रवाई की जा चुकी है।
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राजस्थान में बजरी माफियाओं के साथ मिलीभगत और कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में जनवरी 2026 तक पुलिस विभाग द्वारा कई सख्त कदम उठाए गए हैं:
टोंक के पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीणा ने जनवरी 2026 में बजरी माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई में ढिलाई बरतने पर 5 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है।
निलंबित अधिकारी: इनमें सोप (Sop) थाने के सहायक उप-निरीक्षक (ASI) प्रहलाद नारायण और कांस्टेबल साबूलाल, तथा अलीगढ़ थाने के हेड कांस्टेबल सत्यप्रकाश और कांस्टेबल राजेंद्र व ओमप्रकाश यादव शामिल हैं।
कारण: ग्रामीणों ने एक वीडियो SP को सौंपा था जिसमें 10 जनवरी 2026 की सुबह सोप थाने के ठीक सामने से बजरी से भरे ट्रैक्टर बिना किसी रोक-टोक के गुजरते दिख रहे थे।
जांच: विभागीय जांच में पाया गया कि ये पुलिसकर्मी माफियाओं के साथ कथित रूप से जुड़े हुए थे और अवैध परिवहन को बढ़ावा दे रहे थे।
राजस्थान पुलिस मुख्यालय (PHQ) की सतर्कता शाखा (Vigilance Branch) ने दिसंबर 2025 के अंत में पूरे राज्य में एक बड़ा 'डिकॉय ऑपरेशन' चलाया, जिसके परिणाम जनवरी 2026 तक सामने आए हैं:
11 थानाधिकारियों पर कार्रवाई: इस गुप्त ऑपरेशन के दौरान 11 विशेष टीमों ने आम नागरिक बनकर पुलिस की कार्यप्रणाली को परखा।
निलंबन और लाइन हाजिर: अवैध बजरी खनन में मिलीभगत और लापरवाही के कारण 5 थानाधिकारियों को निलंबित कर दिया गया और 6 अन्य को लाइन हाजिर (रिजर्व पुलिस लाइन में तबादला) किया गया।
प्रभावित क्षेत्र: इस कार्रवाई में जयपुर दक्षिण (शिवदासपुरा), टोंक (पीपलू और बरौनी), अजमेर (पीसांगन) और धौलपुर (कोतवाली) के थानाधिकारी प्रमुख रूप से शामिल थे।
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RPS अधिकारी गिरफ्तार: दिसंबर 2025 के अंत में, 2019 बैच के एक RPS अधिकारी रितेश पटेल को भी बजरी माफियाओं के साथ मिलीभगत, जालसाजी और एक शिकायतकर्ता को धमकाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
इन कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि प्रशासन अब अवैध खनन के मामलों में पुलिस के आंतरिक भ्रष्टाचार पर सख्त रुख अपना रहा है।
शीतलहर से परेशान लोग, ठंड से जूझ रहा राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़
बजरी माफियाओं से मिलीभगत
सस्पेंड किए गए पुलिसकर्मी
राजस्थान में कांग्रेस का पीछा नहीं छोड़ रहा भ्रष्टाचार, कई नेताओं या उनके परिवार पर उठी अंगुली
बजरी माफियाओं से मिलीभगत
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पुलिस अधीक्षक राजेश मीना की कार्रवाई एसपी राजेश मीना ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा कि “इन वीडियो और ऑडियो के आधार पर प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि पुलिसकर्मियों ने अपनी ड्यूटी में लापरवाही बरती है। इस प्रकार की बातचीत मोबाइल पर नहीं होनी चाहिए, और इन मामलों में विभागीय जांच की जाएगी।” उन्होंने यह भी कहा कि जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि ट्रैक्टर-ट्रॉलियां थाने से कैसे निकल गईं और पुलिसकर्मी कहां थे जब यह घटना हुई।
आगे की कार्रवाई
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पुलिस में सुधार की आवश्यकता
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राजस्थान में बजरी माफियाओं के साथ मिलीभगत और कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में जनवरी 2026 तक पुलिस विभाग द्वारा कई सख्त कदम उठाए गए हैं:
टोंक जिले में हालिया कार्रवाई (जनवरी 2026)
निलंबित अधिकारी: इनमें सोप (Sop) थाने के सहायक उप-निरीक्षक (ASI) प्रहलाद नारायण और कांस्टेबल साबूलाल, तथा अलीगढ़ थाने के हेड कांस्टेबल सत्यप्रकाश और कांस्टेबल राजेंद्र व ओमप्रकाश यादव शामिल हैं।
कारण: ग्रामीणों ने एक वीडियो SP को सौंपा था जिसमें 10 जनवरी 2026 की सुबह सोप थाने के ठीक सामने से बजरी से भरे ट्रैक्टर बिना किसी रोक-टोक के गुजरते दिख रहे थे।
जांच: विभागीय जांच में पाया गया कि ये पुलिसकर्मी माफियाओं के साथ कथित रूप से जुड़े हुए थे और अवैध परिवहन को बढ़ावा दे रहे थे।
प्रदेश स्तरीय 'डिकॉय ऑपरेशन' (दिसंबर 2025 - जनवरी 2026)
11 थानाधिकारियों पर कार्रवाई: इस गुप्त ऑपरेशन के दौरान 11 विशेष टीमों ने आम नागरिक बनकर पुलिस की कार्यप्रणाली को परखा।
निलंबन और लाइन हाजिर: अवैध बजरी खनन में मिलीभगत और लापरवाही के कारण 5 थानाधिकारियों को निलंबित कर दिया गया और 6 अन्य को लाइन हाजिर (रिजर्व पुलिस लाइन में तबादला) किया गया।
प्रभावित क्षेत्र: इस कार्रवाई में जयपुर दक्षिण (शिवदासपुरा), टोंक (पीपलू और बरौनी), अजमेर (पीसांगन) और धौलपुर (कोतवाली) के थानाधिकारी प्रमुख रूप से शामिल थे।
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अधिकारी की गिरफ्तारी (दिसंबर 2025)
इन कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि प्रशासन अब अवैध खनन के मामलों में पुलिस के आंतरिक भ्रष्टाचार पर सख्त रुख अपना रहा है।
मुख्य बिंदू :
- इस मामले में आईपीएस राजेश मीना ने एएसआई प्रहलाद नारायण मीणा, कॉन्स्टेबल साबूलाल मीणा, हेड कॉन्स्टेबल सत्यप्रकाश जाट, कॉन्स्टेबल राजेंद्र सिंह, और ओमप्रकाश यादव को सस्पेंड किया गया है।
- यह घटना टोंक जिले के सोप थाना क्षेत्र में हुई थी, जहां बिना चेकिंग के बजरी लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां निकली।
- एसपी राजेश मीना ने कहा कि यह लापरवाही का मामला है और पुलिसकर्मियों पर विभागीय जांच की जा रही है। जांच के बाद और कार्रवाई की जाएगी।
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