जगन गुर्जर की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा- गला दो बार दबाया गया

Jageshwar prasad | Jul 03, 2026, 08:12 IST
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पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने खोला जगन हत्या का राज
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने खोला जगन हत्या का राज

राजस्थान की अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में 29 जून को जगन गुर्जर हत्या हो गई थी। अब इसकी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आई है। रिपोर्ट के अनुसार दो बार गला दबाया, जगन ने कोई संघर्ष नहीं किया।

समझें क्या है पूरा मामला

  • जगन गुर्जर की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हुआ खुलासा, दो बार दबाया गया गला।
  • बचने के लिए नहीं किया संघर्ष, गर्दन पर 29 सेंटीमीटर गहरा निशान मिला।
  • अंदरूनी चोटें मिलीं, हत्या को शातिराना तरीके से अंजाम देने की ओर इशारा।
  • पेट में 300 ग्राम खाना मिला, खाना खाने के बाद हुई वारदात।
  • हाई कोर्ट ने मांगी रिपोर्ट, जेल प्रशासन की लापरवाही पर उठाए सवाल।
अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में 29 जून को डकैत जगन गुर्जर की हत्या हुई थी। गुरुवार को 5 सदस्यों के मेडिकल बोर्ड की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आई। इसमें खुलासा हुआ कि जगन का गला दो बार अलग-अलग दिशा से दबाया गया।

गर्दन पर 29 सेंटीमीटर लंबा दबाव का निशान मिला। जगन ने बचने के लिए कोई संघर्ष नहीं किया। राजस्थान हाईकोर्ट ने भी इस मामले में सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

दो बार दबाया गया गला

मेडिकल बोर्ड से जुड़े सूत्रों ने बताया कि गर्दन पर मिले दोनों निशानों का पैटर्न सामान्य नहीं है। पहले एक तरफ से गला दबाया गया। फिर दूसरी तरफ से और ज्यादा ताकत लगाकर दोबारा दबाया गया ताकि मौत पक्की हो सके। यह तरीका किसी प्रशिक्षित या बेहद शातिर व्यक्ति की ओर इशारा करता है।

29 सेंटीमीटर लंबा निशान

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक जगन की गर्दन पर करीब 29 सेंटीमीटर लंबा गहरा दबाव का निशान मिला। यह निशान गर्दन के आगे से दोनों तरफ तक फैला हुआ था। गर्दन के बाईं तरफ मुख्य निशान से नीचे एक अलग चोट भी मिली।

अंदर भी थीं गंभीर चोटें

डॉक्टरों को बाहरी चोटों के साथ अंदर भी गंभीर नुकसान मिला। त्वचा के नीचे खून जमा था। गर्दन की मांसपेशियों में ब्लीडिंग थी। थायरॉयड के आसपास की मांसपेशियां क्षतिग्रस्त थीं और जीभ के नीचे तक खून जमा मिला।

मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी चोटें तभी आती हैं जब गर्दन पर काफी देर तक लगातार दबाव बनाए रखा जाए।

ऑक्सीजन की कमी से हुई मौत

रिपोर्ट में दम घुटने से मौत के लगभग सभी मेडिकल संकेत दर्ज किए गए। आंखों की नसों में ब्लीडिंग, फेफड़ों और अन्य अंगों का काम बंद होना, नाखूनों का नीला पड़ना जैसे लक्षण मिले।

मेडिकल बोर्ड ने स्पष्ट लिखा कि मौत जीवित अवस्था में गला घोंटने और दम घुटने से हुई। सभी चोटें मौत से पहले लगी हुई थीं।

संघर्ष के निशान नहीं मिले

रिपोर्ट में जगन के शरीर पर संघर्ष के कोई खास निशान नहीं मिले। इससे जांच अधिकारी दो संभावनाओं पर काम कर रहे हैं। पहली, वारदात अचानक और इतनी तेजी से हुई कि जगन कुछ कर नहीं पाया।

दूसरी, पहले उसे किसी तरह काबू में कर लिया गया था।पुलिस सूत्रों के मुताबिक जगन डायबिटिक था और उस दिन उसकी ब्लड शुगर हाई थी। इससे उसकी प्रतिरोध क्षमता कम हो सकती थी।

पेट में खाना मिला, टाइमिंग खंगालेंगे

पोस्टमॉर्टम के दौरान जगन के पेट में करीब 300 ग्राम आधा पचा हुआ भोजन मिला। जांच एजेंसियां अब यह पता लगा रही हैं कि खाना खाने के कितनी देर बाद हत्या हुई। फॉरेंसिक जांच के लिए छोटी आंत, लीवर और किडनी के नमूने सुरक्षित रखकर पुलिस को सौंपे गए हैं।

CCTV जांच, विष्णु की गिरफ्तारी का आवेदन

जांच अधिकारी शंभू सिंह ने बताया कि जेल के दो प्रहरियों के बयान बीएनएस (Bharatiya Nyaya Sanhita) की धारा 183 के तहत दोबारा लिए गए।

कोर्ट में बंदी विष्णु जाट को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार करने का प्रार्थना पत्र लगाया है। जेल के सीसीटीवी (Closed Circuit Television) फुटेज हासिल किए गए हैं।

29 जून को जेल में विष्णु ने तौलिए से जगन का गला दबाकर हत्या की थी। विष्णु भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड का आरोपी है।

जेल में सर्च, 92 हार्डकोर बंदी अलग किए

हत्या के बाद जेल प्रशासन सख्त हुआ। 70 से ज्यादा पुलिसकर्मियों ने जेल में सर्च ऑपरेशन चलाया। फिलहाल कुछ बरामद नहीं हुआ। जेल में करीब 92 हार्डकोर बंदी हैं। इनमें से साइको-कुख्यात गैंगस्टरों को चिन्हित कर अलग-अलग रखा गया है।

हाई कोर्ट ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा और जस्टिस मनीष शर्मा की खंडपीठ ने सरकार और जेल प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

कोर्ट ने जानना चाहा कि जेल के कैमरों में क्या रिकॉर्ड हुआ और क्या नहीं। घटना के बाद किसी अधिकारी की जिम्मेदारी तय हुई या नहीं। यह आदेश जेल सुधार से जुड़े स्वप्रेरित प्रसंज्ञान (Suo Motu Cognizance) मामले में दिए गए।

FAQ

  1. जगन गुर्जर की हत्या कब और कैसे हुई?
    29 जून 2026 को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने तौलिए से गला दबाकर जगन की हत्या की। 1 जुलाई को धौलपुर में उनका अंतिम संस्कार हुआ।
  2. जगन गुर्जर की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में क्या सबसे बड़ा खुलासा हुआ?
    जगन का गला दो बार अलग-अलग दिशा से दबाया गया। गर्दन पर 29 सेंटीमीटर का गहरा निशान और अंदरूनी चोटें मिलीं। शरीर पर संघर्ष के निशान नहीं थे जिससे लगता है कि या तो हमला अचानक हुआ या जगन को पहले काबू में कर लिया गया।

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