दुर्लभजी अस्पताल में मरीज की मौत के बाद बॉडी नहीं दी, कैबिनेट मिनिस्टर ने अपनी ही सरकार को घेरा

Amit Baijnath Garg | Oct 26, 2025, 18:42 IST
Share
sdmh hospital
Photograph: (the sootr)

राजस्थान के जयपुर के संतोकबा दुर्लभजी अस्पताल में कैबिनेट मिनिस्टर डॉ. किरोड़ीलाल मीणा के दखल के बाद शव मिला। मंत्री ने कहा कि सरकार की कमजोर मॉनिटरिंग। मरीज की मौत के बाद बकाया को लेकर शव नहीं देने पर हंगामा।

Jaipur. राजस्थान और केंद्र सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं से बीमित मरीजों को निजी अस्पतालों में इलाज नहीं मिल रहा है। मरीजों से मनमानी तरीके से राशि वसूली जा रही है और इलाज राशि नहीं मिलने पर मरीजों के शव तक परिजनों को नहीं दिए जा रहे हैं। नियमानुसार मरीज की मौत होने पर शव को रोका नहीं जा सकता है।

हंगामा बढ़ने के बाद दिया शव

केन्द्र सरकार की आयुष्मान योजना, राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना, मां योजना के कार्डधारी एक मरीज की मौत के बाद उसका शव नहीं दिए जाने को लेकर रविवार को संतोकबा दुर्लभजी अस्पताल में जमकर हंगामा हो गया है। बात इतनी बिगड़ गई कि कैबिनेट मिनिस्टर डॉ. किरोड़ीलाल मीणा को अस्पताल आना पड़ा। हंगामा बढ़ता देख अस्पताल प्रशासन को शव देना पड़ा।

मोन्था तूफान से निपटने के लिए सेना स्टैंडबाय पर, राजस्थान और मध्यप्रदेश में भारी बारिश

सरकार की मॉनिटरिंग कमजोर

मंत्री डॉ. मीणा ने शव रोके जाने को लेकर पुलिस को अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में पुलिस को लिखित शिकायत भी दी गई है। शव नहीं दिए जाने को लेकर मंत्री ने अपनी ही सरकार को घेरते हुए कहा कि सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं को लेकर मॉनिटरिंग कमजोर है, जिसके चलते मरीजों के साथ निजी अस्पताल संचालक मनमानी करते हैं।

बिल नहीं चुकाने का आरोप लगाया

जयपुर के संतोकबा दुर्लभजी अस्पताल में एक शव को लेकर जमकर हंगामा हुआ। मृतक के परिवार ने आरोप लगाया कि हॉस्पिटल प्रशासन ने बिल नहीं चुकाने के कारण शव नहीं दिया। परिजनों ने इसकी शिकायत कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा को की। डॉ. मीणा ने अस्पताल प्रशासन को फोन लगाए, लेकिन उनकी भी नहीं सुनी। इस पर वे कुछ देर बाद अस्पताल पहुंचे। हॉस्पिटल प्रशासन से बात करने के बाद बॉडी परिवार को सौंप दी गई।

राजस्थान थर्ड ग्रेड टीचर भर्ती 2025 में पदों की संख्या पर बड़ा अपडेट, सिर्फ 7500 पदों पर होगी भर्ती

पैसा नहीं तो शव नहीं मिलेगा

दौसा के रहने वाले विक्रम मीणा (42) का दो सप्ताह पहले महुवा में एक्सीडेंट हो गया था। उसे दुर्लभजी की इमरजेंसी में एडमिट कराया था। हॉस्पिटल प्रशासन ने आयुष्मान और मां योजना में भर्ती करने से इनकार कर दिया। 13 दिन में 8 लाख से ज्यादा का बिल बना दिया गया।

इलाज के दौरान करीब साढ़े छह लाख रुपए भी दे दिए थे। शनिवार को मरीज की मौत हो गई। हॉस्पिटल बॉडी देने के लिए 1.79 लाख रुपए की मांग करने लगा। राशि मिलने पर ही बॉडी देने की बात कही। जब बॉडी नहीं मिली तो परिजनों ने डॉ. मीणा को आपबीती बताई, जिस पर डॉ. मीणा के दखल के बाद परिजनों को शव मिल पाया।

सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा डॉ. मीणा ने मीडिया के सामने बयान दिया कि दुर्लभजी अस्पताल प्रशासन ने पैसे नहीं देने पर डेड बॉडी को 24 घंटे तक नहीं दिया। यह शव के साथ खिलवाड़ है और कानूनी अपराध भी है। उन्होंने गांधीनगर थाना पुलिस को निर्देश दिया कि इस मामले में पीड़ित परिजनों की शिकायत पर हॉस्पिटल प्रशासन के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए। डॉ. मीणा ने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार ने प्रदेशवासियों के अच्छे इलाज के लिए कई योजनाएं चला रखी हैं, लेकिन निजी अस्पतालों में मरीजों को लाभ नहीं मिल रहा है।
राजस्थान मौसम अपडेट : कुछ इलाकों में बारिश के आसार, तापमान में हल्की गिरावट, जानें आगामी मौसम पूर्वानुमान

निजी अस्पताल कर रहे मनमानी

निजी हॉस्पिटल सरकारी योजनाओं में रजिस्टर्ड होने के बाद मरीज को फायदा नहीं पहुंचा रहे हैं। मीडिया के सामने डॉ. मीणा ने कहा कि मुझे यह स्वीकार करने में कोई हिचक नहीं है कि हमारी सरकार की कमजोरी मॉनिटरिंग है। मीणा ने इस मामले में मुख्य सचिव से बात की है। साथ ही सीएम भजनलाल शर्मा और स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर से भी बात करने की कही।

पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने में राजस्थान तीसरे नंबर पर, मध्यप्रदेश में 500 तो छत्तीसगढ़ में 350 फीसदी का इजाफा

अस्पताल ने रखा अपना पक्ष

उधर, दुर्लभजी हॉस्पिटल के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर जॉर्ज थॉमस का बयान सामने आया है कि परिजन घायल को दूसरे अस्पताल से रेफर करवाकर यहां लाए थे। मरीज का जनाधार कार्ड एक्टिव नहीं था। उसे अस्पताल एक्टिव कर नहीं सकता था। परिजनों ने कैश में इलाज करवाने की सहमति दी थी। हमने मरीज को बचाने के लिए अपना बेस्ट ट्रीटमेंट दिया, लेकिन दुर्भाग्य से मौत हो गई। हमने परिजनों को इलाज की राशि लौटा दी है।

एड गुरु पीयूष पांडे का निधन : राजस्थान से निकल कर मुंबई के विज्ञापनों की दुनिया में छाने वाले पांडे बहुत याद आएंगे

राठौड़ बोले-कानून का पालन जरूरी

उधर, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ का बयान सामने आया है। राठौड़ ने बयान दिया है कि कहने को तो कोई कुछ भी कह दे, लेकिन सही बात यह है कि सरकार ने एक व्यवस्था बना रखी है। कानून बना रखा है। उस कानून का पालन सबको करना है। कहीं कानून की अवहेलना होती है तो उस पर सरकार कार्रवाई करती है। सरकार की तरफ से कोई कमी नहीं है। मॉनिटरिंग पूरी है, जहां ध्यान में कोई चीज आएगी तो सरकार कार्रवाई करेगी। प्राइवेट हॉस्पिटल को मानवता दिखानी चाहिए। धन ही सब कुछ नहीं है। अस्पताल एक सेवा का केंद्र है। पैसे को आधार बनाकर डेड बॉडी नहीं देना अच्छी बात नहीं है।

बीजेपी के कुशासन में बंटाधार : जूली

वहीं नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सोशल मीडिया पर बयान दिया है कि भाजपा सरकार के कुशासन में स्वास्थ्य सेवाओं का बंटाधार हो रखा है। न मरीजों को स्वास्थ्य लाभ मिल रहा है और ना ही दवाइयां। कभी अग्निकांड हो रहे हैं, तो कभी दवाइयों का टोटा सामने आ रहा है।

Tags:
  • राजस्थान
  • राजस्थान सरकार
  • केंद्र सरकार
  • जयपुर
  • किरोड़ीलाल मीणा
  • मदन राठौड़
  • नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली
  • संतोकबा दुर्लभजी अस्पताल
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा