महेश जोशी से ACB ने 8 घंटे तक की पूछताछ, JJM घोटाले में टेंडर की अनियमितताओं पर सवाल

Jageshwar prasad | May 09, 2026, 07:59 IST
Share
Ashish Bhardwaj (17)
Photograph: (the sootr)

राजस्थान में जल जीवन मिशन घोटाले में ACB ने पूर्व मंत्री महेश जोशी को गिरफ्तार कर 5 दिन की रिमांड पर लिया है। 8 घंटे की पूछताछ में टेंडर अनियमितताओं पर सवाल पूछे गए। उन पर फर्जी प्रमाण-पत्रों से 960 करोड़ के टेंडर हासिल करने का आरोप है।

News In Short

  • ACB ने JJM घोटाले में पूर्व मंत्री महेश जोशी को गिरफ्तार कर 5 दिन की रिमांड पर लिया।
  • महेश जोशी से 8 घंटे तक टेंडर प्रक्रिया और फाइलों की मंजूरी से जुड़े सवाल पूछे गए।
  • जोशी के सहयोगी संजय बड़ाया पर टेंडर दिलाने के लिए 960 करोड़ की रिश्वत लेने का आरोप।
  • गणपति और श्याम ट्यूबवेल कंपनियों ने फर्जी अनुभव प्रमाण-पत्रों से टेंडर हासिल किए थे।
  • ED से जमानत पर बाहर आए जोशी को अब ACB ने हिरासत में लिया है।

News In Detail

Jaipur: राजस्थान की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने जल जीवन मिशन घोटाले में पूर्व मंत्री महेश जोशी को गिरफ्तार करने के बाद शुक्रवार को करीब 8 घंटे तक उनसे गहन पूछताछ की। इससे पूर्व, गुरुवार सुबह करीब 5 बजे, DIG डॉ. रामेश्वर सिंह के नेतृत्व में ACB की SIT टीम जयपुर रेलवे स्टेशन के पास पावर हाउस रोड स्थित महेश जोशी के आवास पर पहुंची थी।

जोशी को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए ACB मुख्यालय ले जाया गया था, जहां आधिकारिक रूप से उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि की गई थी। गिरफ्तारी के बाद उन्हें कोर्ट में पेश कर 5 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

महेश जोशी के लिए यह पहली जेल यात्रा नहीं है। इससे पूर्व, अप्रैल 2025 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। वह करीब 7 महीने जेल में रहने के बाद दिसंबर 2025 में ही जमानत पर बाहर आए थे।

8 घंटे की कड़ी पूछताछ

ACB के अधिकारियों ने शुक्रवार सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक महेश जोशी से पूछताछ की। इस दौरान उनसे टेंडर प्रक्रिया, कमेटी गठन, अधिकारियों की भूमिका और फाइलों की मंजूरी से जुड़े कई अहम सवाल पूछे गए। ACB सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। मुख्य रूप से ACB यह जानने की कोशिश कर रही है कि टेंडर प्रक्रिया में किन-किन स्तरों पर अनियमितताएं हुईं और इसके निर्णय में कौन-कौन से अधिकारी शामिल थे।

रडार पर हैं संजय बड़ाया

ACB के रडार पर अब पूर्व मंत्री महेश जोशी के करीबी सहयोगी संजय बड़ाया भी हैं। सूत्रों के अनुसार, बड़ाया के विदेश से लौटने पर ACB उनसे पूछताछ कर सकती है। ऐसा माना जा रहा है कि बड़ाया से पूछताछ में कई नए तथ्य सामने आ सकते हैं। बड़ाया पर दो ट्यूबवेल कंपनियों- गणपति ट्यूबवेल कंपनी और श्याम ट्यूबवेल कंपनी - को टेंडर दिलाने के बदले 960 करोड़ रुपए की रिश्वत लेने का गंभीर आरोप है।

फर्जी प्रमाण-पत्र के बारे में पता था अधिकारियों को

ACB जांच में यह भी सामने आया है कि जून 2022 में जयपुर में तत्कालीन अधिशासी अभियंता विशाल सक्सेना की पोस्टिंग को लेकर संजय बड़ाया ने पूर्व मंत्री महेश जोशी से मुलाकात करवाई थी। आरोप है कि बड़ाया के प्रभाव के चलते अधिकारियों को फर्जी अनुभव प्रमाण-पत्रों के आधार पर सकारात्मक सत्यापन रिपोर्ट देने के लिए कहा गया, जबकि उन्हें प्रमाण-पत्रों के फर्जी होने की पूरी जानकारी थी। इस मामले में मुकेश गोयल (तत्कालीन अधीक्षण अभियंता), जितेन्द्र शर्मा (तत्कालीन अधिशाषी अभियंता) और संजीव गुप्ता अभी भी फरार हैं।

घोटाले की जड़

यह पूरा मामला 2021 में शुरू हुआ, जब श्री श्याम ट्यूबवेल कंपनी और श्री गणपति ट्यूबवेल कंपनी ने फर्जी अनुभव प्रमाण पत्रों के आधार पर पीएचईडी (PHED) विभाग से करोड़ों रुपए के टेंडर हासिल किए। गणपति ट्यूबवेल कंपनी ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए 859.2 करोड़ रुपए के 31 टेंडर हासिल किए, जबकि श्याम ट्यूबवेल कंपनी ने 120.25 करोड़ रुपए के 73 टेंडर हासिल करने में सफलता पाई। आरोप है कि पूर्व मंत्री महेश जोशी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए इन कंपनियों को लाभ पहुंचाने के बदले मोटी रिश्वत ली।

ये भी पढ़ें:-

आमेर-जयगढ़-नाहरगढ़ रोपवे प्रोजेक्ट पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक; टेंडर में गड़बड़ी को बनाया आधार

जयपुर में दिखा राशिद खान का सरप्राइज, सांगानेर की मस्जिद में पहुंचे दुनिया के नंबर-1 स्पिनर

थानेदार ने भरीं दो गरीब बेटियों के जीवन में खुशियां, घर पर कराया विवाह

RPSC का बड़ा एलान: दोबारा होगी SI भर्ती 2021, जानें कब हो सकती है परीक्षा

Tags:
  • ED
  • प्रवर्तन निदेशालय
  • जल जीवन मिशन घोटाले
  • भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो
  • acb
  • जल जीवन मिशन
  • महेश जोशी
  • JJM
  • पूर्व मंत्री महेश जोशी
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा