ब्लू सिटी में गुलाबी पानी बना रहस्य, अब NEERI की टीम करेगी असली जांच

Jageshwar prasad | Jul 19, 2026, 13:54 IST
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जोधपुर के पास तालाब का पानी बना गुलाबी, रहस्य बरकरार
जोधपुर के पास तालाब का पानी बना गुलाबी, रहस्य बरकरार

जोधपुर के तनावड़ा गांव में तालाब का पानी एक महीने से गुलाबी है। शुरुआती जांच में भारी औद्योगिक कचरा मिला, अब NEERI नागपुर की टीम असली वजह ढूंढेगी।

समझें क्या है पूरा मामला

  • ब्लू सिटी जोधपुर के पास तालाब का पानी हुआ गुलाबी।
  • एक महीने से रहस्य बना हुआ है पानी के रंग बदलने का कारण।
  • जांच में मिलीं दो अवैध टेक्सटाइल फैक्ट्रियां, दोनों ध्वस्त।
  • नागपुर से आ रही NEERI की टीम सुलझाएगी असली वजह।
  • ग्रामीणों को सता रहा पशुओं की सेहत को लेकर डर।
राजस्थान के जोधपुर जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर तनावड़ा गांव का एक पुराना तालाब है। पिछले एक महीने से इसका पानी पूरी तरह गुलाबी रंग का हो चुका है।

जांच में तालाब के पास भारी औद्योगिक कचरा मिलने की पुष्टि हुई है। अब नागपुर से NEERI (National Environmental Engineering Research Institute) की टीम असली वजह ढूंढेगी।

ब्लू सिटी के पास अजीब नजारा

जोधपुर अपनी नीली इमारतों के कारण दुनियाभर में ब्लू सिटी के नाम से मशहूर है। इसी शहर से महज 20 किलोमीटर दूर तनावड़ा गांव का पारंपरिक तालाब अब चर्चा में है।

स्थानीय ग्रामीणों ने सबसे पहले पानी के बदलते रंग को लेकर चिंता जताई थी। मीडिया में मामला सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया।

प्रदूषण बोर्ड को मिला भारी कचरा

राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, यानी RSPCB (Rajasthan State Pollution Control Board) की टीम ने 17 जून को तालाब से कई पानी के सैंपल लिए थे। लैब रिपोर्ट में सामान्य से कई गुना अधिक कार्बनिक और औद्योगिक कचरा मिलने की पुष्टि हुई है। यह रिपोर्ट अब सामने आ चुकी है।

जांच के दौरान अधिकारियों को तालाब के पास दो अवैध टेक्सटाइल इकाइयां संचालित होती मिलीं। आशंका है कि इन फैक्ट्रियों से निकलने वाला रंगीन रासायनिक पानी सीधे तालाब में बहाया जा रहा था। प्रशासन ने तुरंत दोनों अवैध फैक्ट्रियों को ध्वस्त कर दिया।

टैंकरों पर रखी जा रही कड़ी नजर

उद्योगों के जहरीले कचरे के अवैध परिवहन को रोकने के लिए विशेष कदम उठाए गए हैं। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, यानी RTO (Regional Transport Office) और पुलिस प्रशासन ने मिलकर उड़नदस्ते तैनात किए हैं। यह टीम रात-दिन क्षेत्र में आने-जाने वाले टैंकरों पर नजर रख रही है।

असली कारण अब भी सस्पेंस

लगातार कार्रवाई के बावजूद प्रदूषण बोर्ड के वैज्ञानिक अभी तक किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंचे हैं। पानी इतना गहरा गुलाबी क्यों बना हुआ है, यह सवाल अब भी अनसुलझा है। विशेषज्ञों ने फिलहाल दो मुख्य संभावनाएं बताई हैं।

पहली संभावना है कि पानी में पोषक तत्वों और कार्बनिक कचरे की मात्रा बढ़ने से खास किस्म के गुलाबी शैवाल तेजी से पनप गए हों। दूसरी संभावना यह है कि पुराने रासायनिक टेक्सटाइल कचरे का असर अब पानी कम होने पर सतह पर दिख रहा हो। दोनों ही संभावनाओं की अभी वैज्ञानिक पुष्टि बाकी है।

अब नीरी नागपुर करेगी गहन जांच

स्थानीय और राज्य स्तर के वैज्ञानिक अब तक सटीक कारण नहीं ढूंढ पाए हैं। इसलिए अब देश की प्रमुख पर्यावरण अनुसंधान संस्था नीरी नागपुर के वैज्ञानिकों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। नीरी की विशेष टीम जल्द ही तनावड़ा गांव पहुंचेगी।

यह टीम पानी, मिट्टी और तालाब की तलहटी के जैविक नमूनों की गहन वैज्ञानिक जांच करेगी। इसी रिपोर्ट के बाद पानी के गुलाबी होने का असली कारण स्पष्ट हो सकेगा। ग्रामीणों को अब इसी रिपोर्ट का इंतजार है।

ग्रामीणों में पशुओं को लेकर डर

तनावड़ा और आसपास के इलाकों में गुलाबी पानी को लेकर भारी डर का माहौल है। यह तालाब सदियों से मवेशियों और स्थानीय वन्यजीवों के पानी का मुख्य स्रोत रहा है। औद्योगिक प्रदूषण के कारणपानी जहरीला होने की आशंका के चलते अब लोग पशुओं को तालाब के पास ले जाने से बच रहे हैं।

स्थानीय पंचायत ने प्रशासन से मांग की है कि जब तक नीरी की अंतिम रिपोर्ट नहीं आती, तब तक पूरे इलाके को सुरक्षित घेरे में रखा जाए। पंचायत का कहना है कि पानी को पूरी तरह ट्रीट किए बिना इसका इस्तेमाल जोखिम भरा हो सकता है। फिलहाल प्रशासन और वैज्ञानिक दोनों इस रहस्य को सुलझाने में जुटे हैं।

FAQ

  1. तनावड़ा गांव का तालाब गुलाबी क्यों हो गया?
    अभी इसका सटीक कारण पता नहीं चला है। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पानी में भारी मात्रा में कार्बनिक और औद्योगिक अपशिष्ट पाया है और दो अवैध टेक्सटाइल फैक्ट्रियों को ध्वस्त किया है। विशेषज्ञों को संदेह है कि रासायनिक कचरा या शैवाल (Algae) के कारण पानी गुलाबी हुआ है, लेकिन पुष्टि के लिए NEERI की जांच का इंतजार है।

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