नरेश मीणा ने मानी टीना डाबी की बात; पेयजल समस्या पर आंदोलन लिया वापस
Jageshwar prasad | May 11, 2026, 18:42 IST
Photograph: (the sootr)
टोंक में पेयजल किल्लत को लेकर होने वाला बड़ा आंदोलन टल गया है। नेता नरेश मीणा और कलेक्टर टीना डाबी के बीच हुई लंबी बातचीत के बाद सहमति बनी। प्रशासन ने सात दिनों में समस्या सुलझाने का भरोसा दिया है। इसके बाद मीणा ने अपना धरना वापस ले लिया।
News In Short
- नरेश मीणा ने टोंक में पानी की समस्या पर धरना देने की चेतावनी दी थी।
- प्रशासन ने सुरक्षा के लिए कलेक्ट्रेट को किले की तरह घेर लिया था।
- कलेक्टर टीना डाबी और नरेश मीणा के बीच चेंबर में लंबी वार्ता हुई।
- टीना डाबी ने सात दिनों के भीतर पानी की समस्या हल करने का वादा किया।
- आश्वासन मिलने के बाद नरेश मीणा ने अपना अनिश्चितकालीन धरना स्थगित कर दिया।
News In Detail
कलेक्ट्रेट में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
दोपहर करीब साढ़े बारह बजे नरेश मीणा कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। वहां उनके समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की और अपना विरोध जताया। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाना चाहता था।
कलेक्टर चेंबर में हुई लंबी चर्चा
मुलाकात के दौरान पानी की किल्लत पर बिंदुवार चर्चा की गई। टीना डाबी ने अधिकारियों को तुरंत समाधान निकालने के निर्देश दिए। उन्होंने भरोसा दिया कि सात दिनों में एक्शन प्लान लागू होगा। इस आश्वासन के बाद माहौल पूरी तरह बदल गया।
प्रशासनिक कार्यशैली की हुई तारीफ
नरेश मीणा ने अपना प्रस्तावित धरना तुरंत स्थगित कर दिया। उन्होंने कहा कि अब सात दिन तक वे प्रशासन का इंतजार करेंगे। उन्हें उम्मीद है कि अब आंदोलन की जरूरत नहीं पड़ेगी। पानी के टैंकरों की सप्लाई भी जल्द शुरू की जाएगी।
मंत्री की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
मीणा ने कहा कि जो अपने जिले की समस्या नहीं सुलझा सकता। वह पूरे प्रदेश का भला कैसे कर पाएगा? फिलहाल टोंक प्रशासन ने चैन की सांस ली है। पुलिस ने भी कलेक्ट्रेट से अब बैरिकेड्स हटा दिए हैं।
जनता को मिली बड़ी राहत
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
नरेश मीणा ने देवली-उनियारा विधानसभा क्षेत्र में हो रही पानी की भारी किल्लत के कारण धरने का ऐलान किया था। इलाके के लोग भीषण गर्मी में पानी के लिए तरस रहे थे। प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम न उठाए जाने पर उन्होंने अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी दी थी।
कलेक्टर टीना डाबी और नरेश मीणा की मुलाकात का क्या नतीजा निकला?
दोनों के बीच हुई लंबी वार्ता काफी सफल रही। टीना डाबी ने नरेश मीणा को भरोसा दिया कि सात दिनों के भीतर पेयजल समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। उन्होंने इसके लिए संबंधित अधिकारियों को एक एक्शन प्लान बनाने और टैंकरों से पानी सप्लाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी मौके पर ही दे दिए।
टोंक कलेक्ट्रेट में सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए थे?
नरेश मीणा के आंदोलन को देखते हुए कलेक्ट्रेट को एक अभेद्य किले में बदल दिया गया था। तीन थानों की पुलिस के साथ ही पुलिस लाइन से अतिरिक्त जाब्ता बुलाया गया था। कलेक्ट्रेट की सीढ़ियों तक को बैरिकेड्स लगाकर बंद कर दिया गया था ताकि समर्थक कलेक्टर चेंबर तक सीधे न पहुंच सकें।
ये भी पढ़ें:-
जनगणना के लिए स्कूलों में अब 50% तक शिक्षक हो सकेंगे रिलीव, जानिए यह फैसला किन शहरों पर होगा लागू?
पंचायत-निकाय चुनाव टालने पर हाई कोर्ट की फटकार, कहा-सरकार की मंशा ठीक नहीं
पूर्व मंत्री का सहयोगी संजय बड़ाया गिरफ्तार, जल जीवन मिशन घोटाले का रहा मुख्य सूत्रधार
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari