पंचायत-निकाय चुनाव टालने पर हाई कोर्ट की फटकार, कहा-सरकार की मंशा ठीक नहीं
Mukesh Sharma | May 11, 2026, 15:14 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान हाई कोर्ट ने पंचायत-निकाय चुनाव टालने पर सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया है। कोर्ट ने गर्मी और बारिश जैसे सरकारी तर्कों को खारिज करते हुए इसे संवैधानिक संकट बताया। अब 18 मई को अवमानना याचिका पर अगली सुनवाई होगी।
News In Short
- पंचायत-निकाय चुनाव टालने के सरकार की अर्जी पर हाई कोर्ट की फटकार।
- हाई कोर्ट ने चुनाव टालने संबंधी अर्जी पर अपना फैसला रखा सुरक्षित।
- कोर्ट ने गर्मी व बारिश की दलीलों को नकारा, कहा-राजस्थान का व्यक्ति जानता है उपाय।
- सरकार ने ओबीसी आयोग की रिपोर्ट में देरी का दिया हवाला, कोर्ट ने जताई कड़ी नाराजगी।
- 15 अप्रैल तक चुनाव कराने के आदेश की हुई अवहेलना, 18 मई को अवमानना पर सुनवाई
News In Detail
सुनवाई के दौरान बैंच ने मौखिक रुप से कहा कि सरकार का यह रवैया ठीक नहीं है। हम पहले ही पर्याप्त समय दे चुके हैं। लेकिन सरकार इलेक्शन को होल्ड करती जा रही हैं। सरकार की ओर से एजी राजेन्द्र प्रसाद ने कहा कि निकाय चुनावों को लेकर वार्डों के आंतरिक सीमांकन पर हाई कोर्ट के दो अलग-अलग फैसले आ गए थे। जिसकी वजह से भी चुनाव में देरी हुई।
क्यों नहीं करवाए पंचायत चुनाव?
सरकार ने 9 मई 2025 को ही आयोग का गठन कर दिया था। लेकिन आयोग ने रिपोर्ट तैयार करने के लिए बार-बार समय की मांग की है, जिससे उसका कार्यकाल समय-समय पर बढ़ाया गया।
बैंच ने कहा कि ओबीसी आयोग कर क्या रहा है। वो हमारे सामने नहीं है वरना हम उसे भी निर्देश देते।
कोर्ट रूम में चली ऐसे बहस
बैंच - यह कोई कारण नहीं है। राजस्थान का व्यक्ति प्रिवेंशन (उपाय) करना जानता है।
एजी राजेन्द्र प्रसाद - कैंडिडेट्स के लिए भी प्रचार करना मुश्किल होगा।
बैंच - उन्हें इसके लिए पर्याप्त समय मिलेगा।
एजी राजेन्द्र प्रसाद - जुलाई में बरसात का सीजन शुरू हो जाएगा।
बैंच - राजस्थान में बरसात?
एडवोकेट पुनीत सिंघवी - सरकार की चुनाव कराने की मंशा ही नही है। प्रदेश में संविधानिक संकट खड़ा हो गया है। पंचायतों में प्रशासक और निकायों में अधिकारी काम संभाल रहे हैं।
एडवोकेट प्रेमचंद देवंदा - साढ़े 11 हजार पंचायतों का कार्यकाल पूरा हो चुका है।अब बढ़कर 14 हजार पंचायतें हो गई हैं। सरकार डेढ़ साल से चुनाव टाल रही हैं।
बैंच - जजमेंट रिजर्व
15 अप्रैल तक चुनाव कराने के दिए थे आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईकोर्ट के आदेश जताई थी सहमति
वन स्टेट वन इलेक्शन की धारणा को भी बल मिलेगा
प्रार्थना पत्र में सरकार ने कहा है कि अदालती आदेश की पालना के लिए हरसंभव प्रयास किया। लेकिन परिस्थितियां ऐसी हैं कि 15 अप्रैल तक चुनाव करवाना संभव नहीं है। सरकार ने ओबीसी आयोग की रिपोर्ट, स्कूल, स्टाफ, ईवीएम सहित अन्य संसाधनों की उपलब्धता का हवाला देकर हाईकोर्ट से चुनाव आगे खिसकाने का अनुरोध किया है।
सरकार के समर्थन में है राज्य चुनाव आयोग
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