प्रेमचन्द बैरवा का नाम इस्तेमाल कर तबादला मांगा, कोर्ट में भेजी फाइल
Ashish Bhardwaj | Jul 26, 2026, 17:09 IST
प्रेमचन्द बैरवा का नाम इस्तेमाल कर तबादला
राजस्थान के उप मुख्यमंत्री प्रेमचन्द बैरवा का नाम इस्तेमाल करने के मामले में पुलिस ने जांच पूरी हो गई है। अभियोजन स्वीकृति के लिए फाइल कोर्ट भेजी गई है।
समझें क्या है पूरा मामला
- डिप्टी CM के नाम के दुरुपयोग मामले में पुलिस जांच पूरी।
- JLN अस्पताल के नर्सिंग ऑफिसर पर आरोप प्रमाणित मिले।
- आरोपी को नोटिस जारी कर केस फाइल कोर्ट भेजी गई।
- OSD की शिकायत पर 25 जून को दर्ज हुआ था मामला।
- अभियोजन स्वीकृति के बाद पुलिस पेश करेगी चार्जशीट।
आरोप है कि नर्सिंग ऑफिसर ने डिप्टी CM का नाम इस्तेमाल कर तबादले का दबाव बनाया। मामला डिप्टी CM के OSD की शिकायत पर 25 जून को दर्ज हुआ था। पुलिस जांच में आरोपी को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है। आरोपी को नोटिस जारी कर फाइल अभियोजन स्वीकृति के लिए कोर्ट भेजी गई है। स्वीकृति मिलने के बाद पुलिस चार्जशीट पेश करेगी, फिर कोर्ट में सुनवाई होगी।
पुलिस जांच में क्या सामने आया
इसके साथ ही अभियोजन स्वीकृति के लिए पत्रावली न्यायालय भेजी गई है। स्वीकृति मिलने के बाद ही पुलिस आरोपी के खिलाफ चार्जशीट पेश कर सकेगी। इसके बाद मामले की सुनवाई अदालत में होगी। फिलहाल यह मामला विचाराधीन है और अंतिम फैसला अदालत को करना है।
OSD की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
शिकायत के अनुसार नर्सिंग ऑफिसर पुष्पेन्द्र पारीक ने अपने मोबाइल फोन की कॉलर आईडी इस तरह सेट कर रखी थी कि उनके कॉल करने पर ट्रूकॉलर पर उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा का नाम दिखाई देता था।
शिकायत में यह भी बताया गया कि आरोपी ने खुद को उप मुख्यमंत्री बताकर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कार्यालय के विशिष्ट सहायक बलवंत लिगरी को फोन किया और स्वयं का जेएलएन अस्पताल में तबादला कराने के निर्देश दिए। आरोप है कि उन्होंने जेएलएन अस्पताल अधीक्षक डॉ. अरविंद खरे को भी फोन कर खुद को उप मुख्यमंत्री बताते हुए मनचाहा कार्य आवंटित करने का दबाव बनाया।
ड्यूटी पर लौटा आरोपी, जांच रिपोर्ट अटकी
मामला सामने आने के बाद डॉ. खरे ने पारीक की बिना सूचना गैरहाजिरी की जांच डॉ. रमाकान्त दीक्षित को सौंपी थी। यह जांच अभी लंबित बताई जा रही है।
पुलिस ने क्या कहा
ये खबर भी पढे़:-
अंतरराज्यीय तेल चोर गिरोह का भंडाफोड़, CRPF का पूर्व जवान निकला मास्टरमाइंड
RPSC चेयरमैन केसरी सिंह खुद पहुंचे परीक्षा केंद्र, किया औचक निरीक्षण
219 खाद्य सुरक्षा अधिकारी खाली बैठे, फिर भी हाे रहे हैं डेपुटेशन
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman
अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब
By VINAY VERMA
RCA चुनाव में बड़ा उलटफेर, राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह ने छोड़ा मैदान
By Ashish Bhardwaj
वेदांता ग्रुप को जल्द नया और युवा नेतृत्व मिलेगा: प्रिया अग्रवाल हेब्बर हो सकती हैं उत्तराधिकारी, कौन सी जिम्मेदारी मिलेगी?
By Arohi Raj
हाईकोर्ट की फटकार से जागा स्वास्थ्य विभाग: सचिव अमित कटारिया पर लगा जुर्माना, लापरवाही में कांकेर CMHO सस्पेंड
By Umeshwari Baghel