राजस्थान में आयुर्वेदिक दवाओं का संकट, सरकार की अनदेखी से बिगड़ रही सेहत
Nitin Kumar Bhal | Sept 24, 2025, 11:23 IST
Photograph: (TheSootr)
राजस्थान के आयुर्वेद चिकित्सालयों में दवाओं की कमी को लेकर चिंता बढ़ी है। दिसंबर 2024 से दवाओं की आपूर्ति में लगातार देरी हो रही है, जिससे मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
राजस्थान के आयुर्वेद चिकित्सालयों में दिसंबर 2024 से दवाओं की कमी को लेकर गंभीर समस्या सामने आई है। राज्य के आयुर्वेद विभाग ने दावा किया था कि जनवरी 2025 तक 150 दवाओं की आपूर्ति हो जाएगी, लेकिन कई माह बाद भी विभाग ने अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की है। इस स्थिति ने प्रदेशभर के आयुर्वेदिक अस्पतालों और चिकित्सालयों में परेशानी बढ़ा दी है। ऐसे में लोगों को दवाओं के अभाव में मजबूरन एलोपैथी की ओर दौड़ना पड़ रहा है।
यह खबर भी देखें...
पीएम मोदी राजस्थान और मध्यप्रदेश को कल देंगे सौगात, शुरू करेंगे 1.21 लाख करोड़ की परियोजनाएं
राजस्थान के अधिकांश जिला अस्पतालों में 9 महीने बाद भी 100 दवाओं की आपूर्ति नहीं हो पाई है। कई अन्य अस्पतालों में भी दवाओं की गंभीर कमी का सामना किया जा रहा है। जोधपुर सहित अन्य संभागों के आयुर्वेद अधिकारियों ने 190 दवाओं की सूची भेजी थी, लेकिन स्थिति अब तक बेहतर नहीं हुई है। जोधपुर में पहले 67 तरह की दवाएं आईं थीं, जिन्हें अस्पतालों और चिकित्सालयों में भेज दिया गया। अब, 14 दवाओं की पैकिंग रसायनशाला में चल रही है और कुछ अन्य दवाओं की आपूर्ति का इंतजार किया जा रहा है।
यह खबर भी देखें...
राजस्थान में लोग बना रहे मोबाइल से दूरी, टेलीडेंसिटी में 3 प्रतिशत की गिरावट
राजस्थान के आयुर्वेद अस्पतालों के लिए दवाओं की आपूर्ति एक गंभीर समस्या बनी हुई है। राज्य में कुल 33 जिला अस्पताल, 88 चिकित्सालय और 3578 औषधालय हैं। इन सभी अस्पतालों और औषधालयों में दवाओं की लगातार आपूर्ति नहीं हो पा रही है, जिससे मरीजों को जरूरी इलाज नहीं मिल पा रहा है।
यह खबर भी देखें...
प्रिसीपल तबादला सूची : जिन्होंने की गड़बड़ी उन्हें इनाम, उत्कृष्ट को भेजा 450 किमी दूर
राजस्थान के अस्पतालों के लिए दवाओं की संख्या निम्नलिखित है:
राजस्थान के आयुर्वेद अस्पतालों में दवाओं की कमी का मुख्य कारण वितरण प्रणाली की कमी और आपूर्ति में देरी हो सकती है। जब तक सही समय पर दवाएं अस्पतालों और चिकित्सालयों तक नहीं पहुंचतीं, तब तक मरीजों को इलाज में रुकावट आती है। यही कारण है कि इस मुद्दे को लेकर स्थानीय चिकित्सक और मरीज दोनों ही चिंतित हैं।
राजस्थान के अधिकांश औषधालयों में भी 90 प्रकार की आयुर्वेदिक दवाओं की कमी है। यह स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब मरीजों को इलाज के लिए जरूरी दवाएं तुरंत चाहिए होती हैं। लेकिन, दवाओं की आपूर्ति में देरी होने के कारण यह समस्या और भी बढ़ जाती है।
दवाओं की आपूर्ति प्रक्रिया राज्य के आयुर्वेद विभाग द्वारा तीन प्रमुख सूची के आधार पर की जाती है। यह सूची हर अस्पताल और औषधालय की जरूरतों के हिसाब से बनाई जाती है। हालांकि, दवाओं की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए इन सूची का सही तरीके से पालन करना जरूरी है।
यह खबर भी देखें...
राजस्थान कांग्रेस को जल्द मिलेंगे नए जिलाध्यक्ष, संगठन सृजन अभियान शुरू
जोधपुर में पहले 67 तरह की दवाएं भेजी गई थीं, जो अब अस्पतालों में वितरित की जा चुकी हैं। वर्तमान में, 14 दवाओं की पैकिंग रसायनशाला में चल रही है और 47 दवाओं की आपूर्ति भी की गई है। इन दवाओं की आपूर्ति जल्द ही संभाग के जिलों में की जाएगी। इसके बाद, 40 दवाओं की और आपूर्ति का इंतजार किया जा रहा है। हालांकि, यह सभी दवाएं मिलकर भी अस्पतालों के लिए निर्धारित 190 दवाओं की संख्या तक नहीं पहुंच पाएंगी।
rajasthan-ayurvedic-hospitals-medicine-shortage
पीएम मोदी राजस्थान और मध्यप्रदेश को कल देंगे सौगात, शुरू करेंगे 1.21 लाख करोड़ की परियोजनाएं
दवाओं की आपूर्ति में देरी
हालांकि, राजस्थान आयुर्वेद विभाग के निदेशक डॉ. आनंद शर्मा का कहना है कि प्रदेश के अस्पतालों में दवाओं की कमी नहीं है और वे अच्छा सामान मुहैया करवा रहे हैं। उनका दावा है कि तीन अलग-अलग सूची के अनुसार दवाइयों की आपूर्ति की जाती है, और इस बार विशेष रूप से दवाओं की आपूर्ति बेहतर हुई है।
यह खबर भी देखें...
राजस्थान में लोग बना रहे मोबाइल से दूरी, टेलीडेंसिटी में 3 प्रतिशत की गिरावट
अस्पतालों के लिए दवाओं की आवश्यकता
rajasthan-ayurvedic-hospitals-medicine-shortage
प्रिसीपल तबादला सूची : जिन्होंने की गड़बड़ी उन्हें इनाम, उत्कृष्ट को भेजा 450 किमी दूर
अस्पतालों के लिए दवाओं की सूची
- जिला अस्पताल: 190 दवाएं
- चिकित्सालय: 124 दवाएं
- औषधालय: 90 दवाएं
rajasthan-ayurvedic-hospitals-medicine-shortage
दवाओं की आपूर्ति में कमी के कारण
औषधालयों में कमी
rajasthan-ayurvedic-hospitals-medicine-shortage
दवाओं की आपूर्ति प्रक्रिया
आयुर्वेद क्या है?आयुर्वेद के बारे में मुख्य बिंदु (हिंदी में):
| |
यह खबर भी देखें...
राजस्थान कांग्रेस को जल्द मिलेंगे नए जिलाध्यक्ष, संगठन सृजन अभियान शुरू
जोधपुर में दवाओं की स्थिति
FAQ
- 1. राजस्थान के आयुर्वेद चिकित्सालयों में दवाओं की कमी क्यों हो रही है?
राजस्थान के आयुर्वेद चिकित्सालयों में दवाओं की कमी आपूर्ति में देरी और वितरण प्रणाली की कमी के कारण हो रही है। कई दवाएं समय पर अस्पतालों तक नहीं पहुंच रही हैं। - 2. आयुर्वेद विभाग के निदेशक ने दवाओं की कमी पर क्या कहा है?
आयुर्वेद विभाग के निदेशक डॉ. आनंद शर्मा का कहना है कि प्रदेश के अस्पतालों में दवाओं की कमी नहीं है और वे अच्छी गुणवत्ता की दवाओं की आपूर्ति कर रहे हैं। - 3. राजस्थान में कितने आयुर्वेद अस्पताल और औषधालय हैं?
राजस्थान में कुल 33 जिला अस्पताल, 88 चिकित्सालय और 3578 औषधालय हैं। - 4. जोधपुर में आयुर्वेद दवाओं की स्थिति क्या है?
जोधपुर में 67 तरह की दवाओं की आपूर्ति की गई है, और 14 दवाओं की पैकिंग रसायनशाला में चल रही है। अन्य दवाओं की आपूर्ति का इंतजार किया जा रहा है। - 5. राजस्थान में आयुर्वेद दवाओं की आपूर्ति कब पूरी होगी?
राजस्थान में आयुर्वेद दवाओं की आपूर्ति कब पूरी होगी, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपूर्ति प्रक्रिया में सुधार किया जाता है या नहीं। वर्तमान में, कुछ दवाएं अभी भी नहीं आई हैं।
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari