8 नए जिलों में चरमराई शिक्षा व्यवस्था, एक अधिकारी के भरोसे तीन-तीन बड़े दफ्तर
Ashish Bhardwaj | Jun 15, 2026, 14:08 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में बनाए गए नए 8 जिलों में समग्र शिक्षा का ढांचा पटरी पर नहीं आ पाया है। ये जिले अभी कामचलाऊ व्यवस्था के भरोसे काम कर रहे हैं। एक ही अधिकारी को तीन विभागों का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया है।
ऐसे समझें पूरा मामला
- राजस्थान में 8 नए जिलों में विकसित नहीं पाया शिक्षा का बुनियादी ढ़ांचा।
- अभी कामचलाऊ व्यवस्था, एक अधिकारी को तीन विभागों का अतिरिक्त प्रभार।
- डाइट (DIET) न होने से प्रारंभिक शिक्षा के पेपर सेट करने में दिक्कत।
- एडीपीसी नहीं होने से नए स्कूल भवनों व मरम्मत का अटक रहा कार्य।
- शिक्षकों को अपने कामकाज के लिए पुराने जिलों के चक्कर काटने की मजबूरी।
प्रदेश में घोषित किए गए 8 नवीन जिलों में तीन साल बीत जाने के बाद भी समग्र शिक्षा का ढांचा पूरी तरह वेंटिलेटर पर है।
इन नए जिलों में न तो मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी (CDEO) के स्वतंत्र कार्यालय खुल पाए हैं और न ही अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक (ADPC) और जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) जैसे कार्यालयों को मंजूरी मिल सकी है।
नतीजा यह है कि इन क्षेत्रों की पूरी शिक्षा व्यवस्था आज भी पुराने मूल जिलों की बैसाखी पर टिकी है। इससे लाखों विद्यार्थियों की पढ़ाई और शिक्षकों के प्रशासनिक कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
कामचलाऊ व्यवस्था को बढ़ाया आगे
वित्त विभाग द्वारा नए पदों के सृजन और स्वतंत्र कार्यालयों के प्रस्ताव को खारिज किए जाने के बाद सरकार ने एक ही अधिकारी (मूल जिले के DEO माध्यमिक) पर तीन-तीन वृहद कार्यालयों का अतिरिक्त कार्यभार सौंप दिया है।
इस अव्यवहारिक फैसले का राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद् (RESA) ने तीखा विरोध करते हुए इसे राज्य की शैक्षिक गुणवत्ता के साथ बड़ा खिलवाड़ करार दिया है।
अकेले अधिकारी पर त्रिमूर्ति का बोझ
लेकिन सरकार के नए आदेश ने एक अनोखा संकट खड़ा कर दिया है। अब पुराने जिले के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) माध्यमिक को ही अपने मूल कार्य के साथ-साथ नए जिले के CDEO और समग्र शिक्षा के वित्तीय व प्रशासनिक दायित्वों (ADPC) का एडिशनल चार्ज दे दिया गया है।
शक्तियों के इस अति-केंद्रीकरण से न केवल प्रशासनिक शिथिलता आएगी, बल्कि स्कूलों का सघन प्रबोधन (मॉनिटरिंग) भी ठप हो जाएगा।
पुराने जिलों के चक्कर काटने को मजबूर शिक्षक
समग्र शिक्षा के तहत नए स्कूलों के भवनों का निर्माण, जर्जर कमरों की मरम्मत, प्रयोगशालाओं और खेल मैदानों के विकास के लिए मिलने वाली वित्तीय स्वीकृतियां पूरी तरह ठप पड़ी हैं।
इसके अलावा इन क्षेत्रों के शिक्षकों को अपने सर्विस रिकॉर्ड, एरियर भुगतान, अवकाश स्वीकृति और अन्य प्रशासनिक समस्याओं के समाधान के लिए आज भी अपने पुराने मूल जिलों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
पेपर सेट करने से लेकर प्रशिक्षण तक सब राम भरोसे
नए जिलों में स्वतंत्र डाइट अकादमियों को मंजूरी न मिलने से शैक्षिक अनुसंधान और मूल्यांकन का स्तर लगातार गिर रहा है।
पुरानी डाइट पर अत्यधिक बोझ होने के कारण नए जिलों के बच्चों के लिए समय पर उत्कृष्ट अध्ययन सामग्री और व्यवस्थित मूल्यांकन टूल तैयार नहीं हो पा रहे हैं। इसका जिसका सीधा असर बोर्ड और स्थानीय परीक्षाओं के परिणाम पर पड़ रहा है।
ये बनाए गए नए जिले
समिति की सिफारिशों के बाद भाजपा सरकार ने नौ जिलों को निरस्त कर दिया। आठ जिलों में बालोतरा, डीडवाना-कुचामन, फलौदी, सलूम्बर, खैरथल-तिजारा, डीग, कोटपूतली-बहरोड़ और ब्यावर शामिल हैं। अब प्रदेश में कुल 41 जिले हो गए हैं।
FAQ
- राजस्थान के 8 नए जिलों में शिक्षा का ढांचा क्यों नहीं बना?
वित्त विभाग ने नए पदों और स्वतंत्र कार्यालयों के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इसके बाद सरकार ने पुराने जिले के DEO पर ही तीन दफ्तरों का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया। तीन साल बाद भी CDEO, ADPC और DIET के स्वतंत्र कार्यालय नहीं खुले। - राजस्थान में शिक्षा विभाग के नए जिलों में ऑफिस नहीं होने से छात्रों पर क्या असर पड़ रहा है?
शिक्षकों को सर्विस रिकॉर्ड, एरियर और अवकाश के लिए पुराने जिलों के दफ्तर जाना पड़ता है। नए स्कूलों के निर्माण और मरम्मत की वित्तीय स्वीकृतियां अटकी हैं। DIET न होने से शिक्षक प्रशिक्षण और परीक्षा पेपर तैयार करने में देरी हो रही है। - राजस्थान में 8 नए जिले कौन से हैं?
बालोतरा, डीडवाना-कुचामन, फलौदी, सलूम्बर, खैरथल-तिजारा, डीग, कोटपूतली-बहरोड़ और ब्यावर। गहलोत सरकार ने 17 नए जिले घोषित किए थे। भजनलाल सरकार ने 9 निरस्त कर दिए और 8 को बरकरार रखा। अब राजस्थान में कुल 41 जिले हैं।
ये खबर भी पढे़:-
परिवहन विभाग में दो सीनियर IAS अफसरों में ठनी, 3 बार बदली 6 इंस्पेक्टरों की पोस्टिंग
राजस्थान में CBN की बड़ी कार्रवाई, कंटेनर से 25 करोड़ का डोडा चूरा जब्त
जयपुर में CJP को मिली परमिशन, आज होगा विरोध-प्रदर्शन, आ सकेंगे 800 लोग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj