राजस्थान शिक्षा मंत्री का नया आदेश, रडार पर होंगे नशा करने वाले शिक्षक, बनेगी लिस्ट
Manya Jain | Apr 12, 2026, 19:07 IST
Rajasthan Education minister new order
राजस्थान में शिक्षा मंत्री के नए आदेश पर बवाल! नशा करने वाले शिक्षकों की अब लिस्ट बनेगी। सरकार इसे अनुशासन कह रही है, जबकि शिक्षक संगठन इसे अपना अपमान बताकर विरोध कर रहे हैं।
राजस्थान की राजनीति और शिक्षा विभाग में भारी हलचल मची हुई है। | राजस्थान शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के एक नए आदेश ने बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। शिक्षा मंत्री ने नशा करने वाले शिक्षकों की लिस्ट बनाने के सख्त निर्देश दिए हैं। अफसरों को ऐसे सभी शिक्षकों की सूची तैयार करने को कहा गया है। सरकार का कहना है कि इससे स्कूलों का माहौल काफी बेहतर होगा।
वहीं, दूसरी ओर सरकारी शिक्षकसंगठन इस फैसले का कड़ा विरोध कर रहे हैं। वे इसे शिक्षकों के सम्मान के खिलाफ और अपमानजनक मान रहे हैं। संगठनों का आरोप है कि सरकार केवल वाहवाही लूटने की कोशिश कर रही है। इस आदेश के बाद सरकार और शिक्षक संगठन आमने-सामने आ गए हैं।
राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे राज्य के सरकारी स्कूलों में कार्यरत ऐसे शिक्षकों की पहचान करें जो नशे के आदी हैं। मंत्री के अनुसार, "शिक्षक समाज का आईना होते हैं" (Teachers are the mirror of society) और यदि वे ही नशे में रहेंगे, तो नई पीढ़ी का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा।
शिक्षा विभाग के अफसरों को अब दो विशेष डेटाबेस तैयार करने के लिए कहा गया है।
शिक्षा मंत्री के इस फैसले को लेकर राजस्थान के शिक्षक संगठनों (Teacher Organizations) ने कड़ी आपत्ति जताई है। शिक्षक नेताओं का तर्क है कि वे नशाखोरी के समर्थन में नहीं हैं, लेकिन जिस तरह से इस आदेश को लागू किया जा रहा है, वह अपमानजनक है।
शिक्षक नेता प्रकाश मिश्रा ने कहा कि स्कूलों में नशामुक्ति का सिद्धांत सही हो सकता है, लेकिन सरकार के पास इसे लागू करने की कोई वैज्ञानिक या व्यावहारिक व्यवस्था नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री सिर्फ सुर्खियों में बने रहने के लिए ऐसे फरमान जारी कर रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि सरकार को नशा खोजने के बजाय स्कूलों के बुनियादी ढांचे (Basic Infrastructure) और शिक्षा की गुणवत्ता (Education Quality) को सुधारने पर ध्यान देना चाहिए।
मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने भी इस आदेश को मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने वाला बताया है। कांग्रेस का आरोप है कि मदन दिलावर ने बतौर शिक्षा मंत्री अब तक ऐसा कोई ठोस फैसला नहीं लिया है जिससे सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का स्तर सुधरे।
पीएमओ डॉ. मेघवाल का इस्तीफा, विधायक ने अस्पताल में आकर लगाई थी फटकार
सास के निधन पर पूर्व IAS सुबोध अग्रवाल की जमानत अर्जी खारिज
आखिर क्यों भजनलाल के किसान ज्ञान और वसुंधरा राजे के दर्द पर मचा घमासान
भजनलाल पर डोटासरा का वार, बोले- जिनके नाम एक बीघा खेती भी नहीं
वहीं, दूसरी ओर सरकारी शिक्षकसंगठन इस फैसले का कड़ा विरोध कर रहे हैं। वे इसे शिक्षकों के सम्मान के खिलाफ और अपमानजनक मान रहे हैं। संगठनों का आरोप है कि सरकार केवल वाहवाही लूटने की कोशिश कर रही है। इस आदेश के बाद सरकार और शिक्षक संगठन आमने-सामने आ गए हैं।
क्या है शिक्षा का 'नशा' वाला फरमान?
अफसरों को तैयार करनी होगी दो तरह लिस्ट
- नशे के प्रकार की सूची: इसमें यह पता लगाया जाएगा कि कौन सा शिक्षक किस तरह का नशा करता है, जैसे पान-मसाला, बीड़ी, सिगरेट, शराब या कोई अन्य मादक पदार्थ।
- स्कूल में नशा करने वालों की सूची: इस दूसरी सूची में उन शिक्षकों के नाम शामिल होंगे जो नशा करके स्कूल परिसर में आते हैं या क्लास में बच्चों को पढ़ाते हैं।
पक्ष की तीखी प्रतिक्रिया
फरमान जारी करने का ठोस कारण
उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री सिर्फ सुर्खियों में बने रहने के लिए ऐसे फरमान जारी कर रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि सरकार को नशा खोजने के बजाय स्कूलों के बुनियादी ढांचे (Basic Infrastructure) और शिक्षा की गुणवत्ता (Education Quality) को सुधारने पर ध्यान देना चाहिए।
कांग्रेस ने उठाए सवाल
क्यों हो रहा है विरोध?
- निजी ज़िंदगी में दखल: टीचरों का कहना है कि स्कूल के बाहर वे अपनी लाइफ कैसे जीते हैं, इसकी जासूसी करना उनकी प्राइवेसी में टांग अड़ाने जैसा है।
- सज़ा का कुछ अता-पता नहीं: सरकार ने यह तो कह दिया कि नशा करने वालों की लिस्ट बनेगी, पर यह नहीं बताया कि लिस्ट बनने के बाद उन पर एक्शन क्या होगा या उन्हें क्या सज़ा मिलेगी।
- असली समस्याओं से ध्यान हटाना: स्कूलों में कमरे कम हैं, टीचरों की कमी है—इन बड़ी दिक्कतों को सुधारने के बजाय सरकार सारा जोर 'नशा' ढूंढने में लगा रही है।
- सिर्फ दिखावा: लोगों का मानना है कि यह सब बस अपनी वाहवाही कराने और चर्चा में बने रहने के लिए एक 'पब्लिसिटी स्टंट' है।
पीएमओ डॉ. मेघवाल का इस्तीफा, विधायक ने अस्पताल में आकर लगाई थी फटकार
सास के निधन पर पूर्व IAS सुबोध अग्रवाल की जमानत अर्जी खारिज
आखिर क्यों भजनलाल के किसान ज्ञान और वसुंधरा राजे के दर्द पर मचा घमासान
भजनलाल पर डोटासरा का वार, बोले- जिनके नाम एक बीघा खेती भी नहीं
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA