पुलिस बनेगी दोस्त, अफसर सुलझाएंगे समस्याएं, जेन-जी और जेन-अल्फा आंदोलनों पर नया प्लान

Jageshwar prasad | Aug 31, 2026, 08:42 IST
Share
राजस्थान में अब छात्र प्रदर्शनों पर नहीं चलेगी लाठी: गृह विभाग तैयार कर रहा विशेष SOP
राजस्थान में अब छात्र प्रदर्शनों पर नहीं चलेगी लाठी: गृह विभाग तैयार कर रहा विशेष SOP

राजस्थान सरकार जेन-जी और जेन-अल्फा के प्रदर्शनों में लाठीचार्ज न करने की नई SOP बना रही है। अफसर मौके पर जाकर संवाद से समाधान निकालेंगे, मुकदमे नहीं होंगे।

समझें क्या है पूरा मामला

  • स्कूली बच्चों के प्रदर्शन को लेकर सरकार हुई सतर्क।
  • अब जेन-जी और जेन-अल्फा पर नहीं होगा लाठीचार्ज।
  • आंदोलन में मौके पर पहुंचकर बात करेंगे अफसर।
  • राजस्थान गृह विभाग तैयार कर रहा खास SOP।
  • SOP में संवाद बनेगा हथियार, मुकदमे नहीं होंगे दर्ज।
राजस्थान सरकार अब जेन-जी और जेन-अल्फा पीढ़ी के प्रदर्शनों को लेकर नई रणनीति अपनाने जा रही है। अब इन आंदोलनों में लाठीचार्ज नहीं होगा। इसके बजाय संबंधित विभाग के अफसर मौके पर जाकर बच्चों से सीधी बातचीत करेंगे।

उनकी समस्या और मांग सुनकर वहीं समाधान निकालने की कोशिश होगी। इसी के लिए गृह विभाग एक मानक संचालन प्रक्रिया, यानी SOP (Standard Operating Procedure) तैयार कर रहा है।

क्यों बन रही है यह नई नीति

गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बीते दिनों अलवर के थानागाजी, जोधपुर के लूणी और भरतपुर में स्कूली बच्चों के प्रदर्शन हुए थे। ज्यादातर प्रदर्शन बुनियादी सुविधाओं और बदहाल स्कूलों को सुधारने की मांग को लेकर थे।

इन घटनाओं के मद्देनजर राज्य सरकार के निर्देश पर गृह विभाग में SOP तैयार की जा रही है। इसके तहत जेन-जी या जेन-अल्फा के प्रदर्शन होने पर पुलिस ज्यादा से ज्यादा संवाद पर जोर देगी।

SOP में क्या-क्या शामिल होगा

प्रस्तावित SOP के अनुसार प्रदेश में कहीं भी स्कूल या कॉलेज में जेन-जी यानी 1997 से 2012 के बीच जन्मे या जेन-अल्फा यानी 2012 के बाद जन्मे छात्र अगर सड़क पर प्रदर्शन करें, तो अनुभवी अफसर बातचीत करेंगे। बातचीत के दौरान अफसरों को अभिभावक जैसा व्यवहार अपनाने को कहा गया है।

अफसर एक दोस्त की तरह बच्चों की बात सुनेंगे, न कि अधिकारी की तरह। कोशिश यह रहेगी कि मौके पर ही समस्या का समाधान निकाला जाए या उसे खत्म किया जाए। सबसे अहम बात यह है कि प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर मुकदमे दर्ज नहीं होंगे और उन पर किसी तरह का दबाव नहीं बनाया जाएगा।

SOP बनाने के पीछे तीन बड़ी वजहें

पहली वजह है आगामी निकाय और पंचायत चुनावों में नुकसान का डर। एक्सपर्ट के अनुसार सरकार नहीं चाहती कि विपक्षी दल इस मुद्दे को भुनाएं। बता दें कि कांग्रेस नेताओं ने जयपुर में एक मूक-बधिर स्कूल को लेकर 20 अगस्त को जोरदार प्रदर्शन किया था।

दूसरी वजह लाठीचार्ज का गलत संदेश जाने से बचना है। अगर पुलिस युवाओं और स्कूली बच्चों से मारपीट करती है, तो जनता में इसका गलत संदेश जाता है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पहले भी बैठकों में पुलिस अधिकारियों से संवाद और नरमी बरतने को कह चुके हैं।

तीसरी वजह सोशल मीडिया पर विवाद ट्रेंड न होने देना है। आंदोलन करने वाले छात्रों को अक्सर सोशल मीडिया पर व्यापक समर्थन मिलता है। छात्र बनाम पुलिस प्रशासन जैसा कोई मुद्दा ट्रेंड बन जाए, तो इसका असर प्रदेश के अन्य शहरों तक भी पहुंच सकता है।

गृह विभाग पहले भी जारी कर चुका है ऐसी SOP

कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों का प्रशासनिक नियंत्रण गृह विभाग ही देखता है। प्रदेश में दंगे, आंदोलन, फायरिंग और गंभीर घटनाओं जैसे मुद्दों पर गृह विभाग समय-समय पर SOP जारी करता रहा है। SOP में किसी विशिष्ट स्थिति या आपातकाल को सुरक्षित तरीके से निपटाने के लिए चरण-दर-चरण नियम तय होते हैं।

उदाहरण के तौर पर गृह विभाग ने 21 मार्च 2025 को डॉक्टरों की गिरफ्तारी को लेकर भी एक SOP जारी की थी। उस समय के अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद कुमार की ओर से जारी इस SOP में कहा गया था कि इलाज में घोर लापरवाही के चलते किसी डॉक्टर को गिरफ्तार करना हो, तो थाने को पुलिस अधीक्षक और पुलिस उपायुक्त से पहले मंजूरी लेनी होगी।

किन मुद्दों पर सड़क पर उतरे बच्चे

हाल के महीनों में स्कूली बच्चे छोटी-छोटी समस्याओं को लेकर सड़कों पर उतरे हैं। इनमें स्कूल तक सड़क न होना, शिक्षकों की कमी, मेस का खराब खाना और जर्जर स्कूल भवन जैसे मुद्दे शामिल हैं।

अलवर जिले की थानागाजी तहसील में 14 अगस्त 2026 को एक राजकीय स्कूल में छात्रों ने जर्जर भवन हटाने और खाली शिक्षक पदों को भरने की मांग को लेकर तालाबंदी कर प्रदर्शन किया था। मौके पर पहुंचे अधिकारियों की समझाइश के बाद छात्र शांत हुए और बाद में जर्जर भवन हटा दिया गया।

6 अगस्त 2026 को जोधपुर के लूणी क्षेत्र के एक स्कूल में शिक्षकों की कमी को लेकर छात्रों ने तालाबंदी कर धरना दिया था। स्थानीय विधायक जोगाराम पटेल के निर्देश पर अधिकारी मौके पर पहुंचे और खाली पदों पर जल्द शिक्षक नियुक्त करने का आश्वासन दिया गया।

इसी तरह 5 अगस्त 2026 को भरतपुर के उच्चैन क्षेत्र के एक संस्कृत स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी को लेकर करीब 700 छात्रों ने धरना दिया था। यहां प्रिंसिपल सहित 12 शिक्षक पद खाली थे। अधिकारियों के आश्वासन के बाद यह मामला भी शांत हुआ।

एक्सपर्ट क्या कहते हैं?

रिटायर्ड आईजी (IG – Inspector General) के अनुसार लोकतंत्र में किसी भी आंदोलन के समाधान के लिए संवाद का रास्ता ही सबसे बेहतर है। उनका कहना है कि संवादहीनता से ही चीजें बिगड़ती हैं और पुलिस को कई बार बेवजह पक्षकार बना दिया जाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार स्कूली बच्चों के प्रदर्शनों का कोई राजनीतिक चेहरा नहीं था। उनका कहना है कि बच्चे सिर्फ पर्याप्त स्टाफ, पक्के भवन और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं चाहते हैं। उनके अनुसार सरकारी स्कूलों में ज्यादातर निम्न आय वर्ग के बच्चे पढ़ते हैं, इसलिए सरकार को इस पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

ये भी पढ़ें:-

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ली मंत्रियों की क्लास, जनता के बीच रहने का दिया कड़ा संदेश

शिक्षकों को 8 साल से ट्रांसफर का इंतजार, अब आंदोलन करने की तैयारी

राजस्थान को मिलेगा यमुना का पानी, बांध बनाने के लिए 6 राज्यों ने दी सहमति

राजस्थान में 9 साल बाद बढ़ी लाइसेंस फीस, होटल-रेस्टोरेंट-जिम होंगे महंगे



Tags:
  • राजस्थान सरकार
  • गृह विभाग
  • Standard Operating Procedure
  • जेन-जी
  • जेन-अल्फा
EOW ने पेश किया 9500 पन्नों का पूरक चालान,रामगोपाल,देवेंद्र यादव और विनोद तिवारी समेत 12 आरोपी

By Arun Tiwari

EOW ने पेश किया 9500 पन्नों का पूरक चालान,रामगोपाल,देवेंद्र यादव और विनोद तिवारी समेत 12 आरोपी
13 से 16 अक्टूबर तक होगी सहायक निदेशक और वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी परीक्षा, जानें कब मिलेगा एडमिट कार्ड

By Ashish Bhardwaj

13 से 16 अक्टूबर तक होगी सहायक निदेशक और वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी परीक्षा, जानें कब मिलेगा एडमिट कार्ड
CG Top News : खरोरा अडानी फैक्ट्री में शराब बिक्री पर बवाल, बालोद में एसिड अटैक और हाईकोर्ट का अहम फैसला समेत पढ़े छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें

By Umeshwari Baghel

CG Top News : खरोरा अडानी फैक्ट्री में शराब बिक्री पर बवाल, बालोद में एसिड अटैक और हाईकोर्ट का अहम फैसला समेत पढ़े छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें
राजस्थान पुलिस की ऐतिहासिक पहल, हाइटेक होगी बीट पुलिसिंग, पहले चरण में 9 जिलों में होगी लागू

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान पुलिस की ऐतिहासिक पहल, हाइटेक होगी बीट पुलिसिंग, पहले चरण में 9 जिलों में होगी लागू
जवाहर सर्किल के सब-वे की 20 दुकानें बनीं कबाड़घर: दो बार नीलामी फेल, अब बिजली पर ₹19.97 लाख का नया टेंडर

By Raghvendra Singh Rathore

जवाहर सर्किल के सब-वे की 20 दुकानें बनीं कबाड़घर: दो बार नीलामी फेल, अब बिजली पर ₹19.97 लाख का नया टेंडर
पांच सितारा शेरेटन ग्रैंड पैलेस होटल ने गंदगी फैलाई, इंदौर नगर निगम ने किया ढाई लाख का स्पॉट फाइन

By Sanjay Gupta

पांच सितारा शेरेटन ग्रैंड पैलेस होटल ने गंदगी फैलाई, इंदौर नगर निगम ने किया ढाई लाख का स्पॉट फाइन
सीएम मोहन यादव ने बोला राहुल गांधी पर हमला, कांग्रेसी तब न सुधरे और ना अब सुधर रहे

By Sandeep Kumar

सीएम मोहन यादव ने बोला राहुल गांधी पर हमला, कांग्रेसी तब न सुधरे और ना अब सुधर रहे