सोने की तस्करी में फंसी थाई महिला को राहत, हाई कोर्ट बोला-विदेशी नागरिक को भी सम्मान से जीने का हक
Mukesh Sharma | May 26, 2026, 12:55 IST
Thai Woman Photograph: (The sootr)
सोना तस्करी में फंसी थाई महिला को राजस्थान हाई कोर्ट से राहत मिल गई है। कोर्ट ने आरोपी महिला का एक्सपायर्ड पासपोर्ट लौटाने का आदेश देते हुए कहा कि अनुच्छेद 21 के तहत सम्मान से जीने का अधिकार विदेशी नागरिकों को भी है।
News In Short
- सोने की तस्करी में फंसी थाई महिला को राजस्थान हाई कोर्ट से मिली राहत।
- हाई कोर्ट ने कहा- जीवन और सम्मान का अधिकार विदेशी नागरिकों को भी।
- कोर्ट ने कहा, वैध पासपोर्ट रखना हर किसी व्यक्ति का बुनियादी हक।
- भाग जाएगी महिला के काल्पनिक डर पर पासपोर्ट रोकने का फैसला पूरी तरह गलत।
- अदालत ने विदेशी महिला का एक्सपायर्ड पासपोर्ट तुरंत लौटाने के दिए निर्देश।
News In Detail
अदालत ने कहा है कि पासपोर्ट एक बेहद जरूरी दस्तावेज है। इसके बिना कोई भी व्यक्ति अंतरराष्ट्रीय सीमाएं पार नहीं कर सकता। इसके नवीनीकरण से रोकना किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता को अनुचित रूप से छीनने जैसा है ।
ट्रायल कोर्ट का आदेश खारिज
कोर्ट ने याचिकाकर्ता महिला को उसका एक्सपायर हो चुका पासपोर्ट तुरंत वापस सौंपने के निर्देश दिए हैं, जिससे वह इसके रिन्यूअल करवा सके। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि किसी आपराधिक मामले के लंबित होने मात्र से किसी व्यक्ति के पासपोर्ट से जुड़े अधिकारों को पूरी तरह से और अनिश्चितकाल के लिए खत्म नहीं किया जा सकता।
कोर्ट के अनुसार एक वैध पासपोर्ट रखना नागरिक का निजी अधिकार है। लेकिन,देश से बाहर यात्रा करने का मामला पूरी तरह ट्रायल कोर्ट की अनुमति और शर्तों पर निर्भर करता है ।
क्या है पूरा मामला
बाद में उसे जमानत तो मिल गई थी, लेकिन इस बीच ही उसका थाईलैंड से जारी पासपोर्ट 6 जनवरी,2025 को एक्यपायर हो गया। इस कारण वह भारत में अवैध प्रवासी हो गई।
वैध पासपोर्ट नहीं होने के कारण वह ना तो अपने देश वापिस जा सकती है ना ही कानूनी रुप से अपनी स्थिति सही कर पा रही थी। ट्रायल कोर्ट से उसने अपना जब्त पासपोर्ट रिन्यू करवाने के लिए मांगा था। ट्रायल कोर्ट ने इनकार कर दिया था।
ट्रायल कोर्ट का कहना था कि वह विदेशी नागरिक है और भारत में उसका कोई स्थायी ठिकाना नहीं हैं। पासपोर्ट मिलते ही वह देश छोड़कर भाग सकती है और मुकदमे की सुनवाई से बच सकती है । ट्रायल कोर्ट के आदेश को उसने हाईकेार्ट में चुनौती दी थी।
पासपोर्ट व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मामला
अदालत ने याचिकाकर्ता को मुकदमे की सुनवाई के लिए देश में मौजूद रहने और उसकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए ट्रायल कोर्ट को सख्त जमानत शर्तें लागू करने की छूट दी है। कोर्ट ने कहा है कि किसी काल्पनिक डर या आशंका के आधार पर किसी व्यक्ति को उसके वैध नागरिक दस्तावेज से हमेशा के लिए वंचित रखना पूरी तरह से गलत और अनुचित है ।
FAQs
राजस्थान हाई कोर्ट ने विदेशी महिला के पासपोर्ट अधिकार पर क्या फैसला दिया?
हाई कोर्ट ने कहा कि अनुच्छेद 21 (Article 21) के तहत विदेशी नागरिकों को भी व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सम्मानपूर्वक जीवन का अधिकार है। इसलिए केवल लंबित मुकदमे के आधार पर पासपोर्ट नवीनीकरण नहीं रोका जा सकता।
ट्रायल कोर्ट का आदेश क्यों खारिज किया गया?
ट्रायल कोर्ट ने विदेशी महिला को पासपोर्ट लौटाने से यह कहकर इनकार किया था कि वह देश छोड़कर भाग सकती है। हाई कोर्ट ने कहा कि केवल आशंका के आधार पर किसी के अधिकार नहीं छीने जा सकते।
मेनका गांधी केस का इस मामले से क्या संबंध है?
हाई कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के मेनका गांधी फैसले का हवाला देते हुए कहा कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता और पासपोर्ट अधिकार संविधान के तहत संरक्षित हैं। जब तक दोष सिद्ध न हो, किसी व्यक्ति के मौलिक अधिकार समाप्त नहीं किए जा सकते।
ये भी पढे़:-
सरिस्का में बाघिन ने दो शावकों को दिया जन्म, टाइगर संख्या 54 हुई
25-25 पैसे के 2 इनामी आरोपी गिरफ्तार, 5 महीने से काट रहे थे फरारी
झुंझुनूं में ACB की बड़ी कार्रवाई, 8.50 लाख रुपए की रिश्वत लेते VDO गिरफ्तार
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari