प्रेमानंद महाराज को किस आईपीएस अधिकारी ने बताया अंधविश्वासी, जानिए क्या-क्या कहा

Ashish Bhardwaj | Apr 18, 2026, 12:16 IST
Share
IPS meena
Photograph: (the sootr)

राजस्थान के सीनियर आईपीएस अधिकारी किशन सहाय एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार उनके निशाने पर प्रेमानंद महाराज हैं। पुलिस अधिकारी बोले की प्रेमानंद अंधविश्वासी हैं और समाज में फैलाते हैं अंधविश्वास

News In Short

  • राजस्थान के सीनियर आईपीएस अधिकारी किशन सहाय एक बार फिर चर्चा में।
  • आईपीएस अधिकारी किशन सहाय ने प्रेमानंद महाराज पर साधा निशाना।
  • पुलिस अधिकारी बोले, प्रेमानंद अंधविश्वासी हैं और समाज में फैलाते हैं अंधविश्वास।
  • किशन सहाय ने कहा, धीरेंद्र शास्त्री जाति व्यवस्था तोड़ रहे, पर फैला रहे अंधविश्वास।
  • आईपीएस अधिकारी किशन सहाय अक्सर करते हैं वैज्ञानिक दृष्टिकोण की वकालत।

News In Detail

​Jaipur: राजस्थान पुलिस के गलियारों में अनुशासन और कानून की बातें तो आम हैं, लेकिन जब खाकी वर्दीधारी कोई आला अधिकारी सीधे धर्म और आस्था के प्रतीकों पर सवाल खड़ा कर दे, तो चर्चा का बाजार गर्म होना लाजिमी है। राजस्थान कैडर के सीनियर आईपीएस अधिकारी किशन सहाय एक बार फिर अपनी बेबाक बयानबाजी के कारण सुर्खियों में हैं। इस बार उनके निशाने पर आए हैं देश के मशहूर धर्मगुरु प्रेमानंद महाराज और धीरेंद्र शास्त्री।

​प्रेमानंद महाराज पर तीखा हमला

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे आईपीएस किशन सहाय के हालिया बयानों ने एक नई बहस छेड़ दी है। जब उनसे चर्चित धार्मिक चेहरों प्रेमानंद जी महाराज और धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बारे में राय पूछी गई, तो उन्होंने बिना किसी लाग-लपेट के अपनी बात रखी।

​किशन सहाय ने कहा, प्रेमानंद महाराज का व्यवहार अच्छा है, इसमें कोई दो राय नहीं। लेकिन वे अंधविश्वासी हैं और समाज में अंधविश्वास फैलाते हैं। प्रेमानंद महाराज, जिन्हें उनकी सादगी और राधा-नाम संकीर्तन के लिए लाखों लोग अपना आदर्श मानते हैं, उन पर आईपीएस अधिकारी की यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है।

​वहीं, बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री के बारे में किशन सहाय का रुख थोड़ा अलग, लेकिन उतना ही कड़ा दिखा। उन्होंने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री की एक बात उन्हें ठीक लगती है कि वे जातिप्रथा के खिलाफ बोलते हैं और जाति व्यवस्था को तोड़ने की बात करते हैं। लेकिन साथ ही उन्होंने जोड़ा, वे भी धार्मिक अंधविश्वास फैलाने का काम कर रहे हैं, जो सही नहीं है।

​ईश्वर को बता चुके हैं काल्पनिक

​यह पहला मौका नहीं है जब किशन सहाय ने धार्मिक मान्यताओं पर प्रहार किया है। उन्हें राजस्थान पुलिस का सबसे तार्किक या बेबाक अधिकारी माना जाता है। वे सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया पर अक्सर वैज्ञानिक दृष्टिकोण की वकालत करते हैं।

किशन सहाय इससे पहले भगवान और धर्म के अस्तित्व पर भी सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में ईश्वर को एक काल्पनिक अवधारणा करार दिया था। उनके लिए धर्म और आस्था से ऊपर तर्क और विज्ञान है। उनके इन बयानों के कारण कई बार धार्मिक संगठनों ने उनका विरोध किया, लेकिन मीणा अपनी विचारधारा पर अडिग रहे हैं।

​अनुशासनहीनता और बहाली का दिलचस्प सफर

​किशन सहाय का करियर जितना उनकी कार्यशैली के लिए जाना जाता है, उतना ही उनके साथ जुड़े घटनाक्रमों के लिए भी। मूल रूप से राजस्थान के अलवर जिले के रहने वाले मीणा ने अपने करियर की शुरुआत 2004 में राज्य पुलिस सेवा (RPS) अधिकारी के रूप में की थी। साल 2013 में उन्हें आईपीएस के रूप में पदोन्नति मिली। अब वे आईजी के पद पर हैं।

हालांकि, उनके करियर में नवंबर 2024 का समय काफी उथल-पुथल भरा रहा। झारखंड विधानसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग ने उन्हें लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया था। आरोप था कि वे बिना किसी पूर्व अनुमति के अपनी चुनाव पर्यवेक्षक की ड्यूटी छोड़कर जयपुर लौट आए थे। यह मामला प्रशासनिक हल्कों में काफी चर्चा में रहा, लेकिन दिसंबर 2024 में राजस्थान सरकार ने उन्हें फिर से बहाल कर दिया।

​छिड़ा विचारधारा का युद्ध

​आईजी किशन सहाय के इस बयान के बाद सोशल मीडिया दो गुटों में बंट गया है। एक गुट उनके वैज्ञानिक और तार्किक दृष्टिकोण की सराहना कर रहा है। उनका कहना है कि एक शिक्षित अधिकारी का काम समाज को कुरीतियों और अंधविश्वास से बाहर निकालना है, चाहे इसके लिए उन्हें कड़वा ही क्यों न बोलना पड़े।

​वहीं, दूसरा गुट (खासकर प्रेमानंद महाराज के अनुयायी) इस टिप्पणी से बेहद आहत और आक्रोशित है। समर्थकों का तर्क है कि प्रेमानंद जी जैसे संत केवल भक्ति और सदाचार का मार्ग दिखाते हैं, इसे अंधविश्वास कहना आस्था का अपमान है।
आलोचकों का यह भी मानना है कि एक सरकारी पद पर बैठे व्यक्ति को किसी की व्यक्तिगत आस्था या धार्मिक गुरुओं पर इस तरह की टिप्पणी करने से बचना चाहिए।

ये भी पढे़:-

राजस्थान में इतिहास पर आर-पार, जूली ने बताया अस्मिता पर हमला, दिलावर बोले- सुधारेंगे कांग्रेस की भूल

रबर के अंगूठे और फोटो से बनाए जा रहे थे फर्जी आधार, अवैध सेंटर का मास्टरमाइंड गिरफ्तार

विधायक रविंद्र सिंह भाटी की सुरक्षा में बड़ी कटौती, जनआंदोलन का असर या प्रशासनिक प्रक्रिया?

सांवलिया सेठ का खजाना खुला: पहले दिन 11.11 करोड़ की नकदी निकली, सोने-चांदी की गिनती अभी बाकी

    गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
    छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

    By Arun Tiwari

    छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
    मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

    By Sandeep Kumar

    मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
    IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

    By VINAY VERMA

    IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
    राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

    By Ashish Bhardwaj

    राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
    पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

    By Arun Tiwari

    पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
    भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

    By Jitendra Shrivastava

    भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
    UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

    By Sanjay Dhiman

    UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज