शव के साथ प्रदर्शन किया तो होगी जेल, राजस्थान सरकार का नया कानून

Kamlesh Keshote | Dec 07, 2025, 15:16 IST
Share
rajasthan mrit
Photograph: (THESOOTR)

राजस्थान ने मृत शरीर सम्मान अधिनियम लागू किया गया है। यह कानून पूर्ववर्ती गहलोत सरकार ने बनाया था। भजनलाल सरकार ने इसके नियम बनाकर इसे राज्य में लागू कर दिया है। यह कानून शव के साथ धरना प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान करता है।

Jaipur. राजस्थान में भाजपा सरकार ने पूर्ववर्ती अशोक गहलोत की सरकार के कई फैसलों को बदलने के साथ कुछ नए कानूनों को भी लागू किया है। इन में से एक महत्वपूर्ण कदम है। राजस्थान मृत शरीर सम्मान अधिनियम का लागू किया जाना। इस कानून के तहत राज्य अब देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है। जिसने मृत शरीर को सम्मान देने के लिए नियम बनाए हैं। यह कानून मृत शरीर के साथ होने वाली अव्यवस्थाओं को नियंत्रित करने के उद्देश्य से बनाया गया है।

राजस्थान में मतदाता डिजिटाइजेशन का काम 97 प्रतिशत पूरा, देश में SIR में पहले पायदान पर प्रदेश

शव के साथ धरना प्रदर्शन पर सजा

ऐसा देखा जाता है कि जब किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, तो उनके परिवार वाले और समाज के लोग सरकार से अपनी मांगें पूरी करने के लिए शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन करते हैं। इस प्रकार की घटनाओं में कई बार शव का अंतिम संस्कार 10 से 20 दिनों तक नहीं हो पाता। इससे न सिर्फ सामाजिक असमंजस पैदा होता है, बल्कि सार्वजनिक व्यवस्था भी बिगड़ती है। राजस्थान सरकार ने इस मुद्दे पर कड़ा कदम उठाते हुए एक अधिनियम पारित किया है। जिसके तहत सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ सजा का प्रावधान किया गया है।

राजस्थान में तीसरे मोर्चे की सुगबुगाहट, क्या 2028 को लेकर बड़ी तैयारी कर रहे हनुमान बेनीवाल

क्या हैं अधिनियम के प्रावधान यदि कोई व्यक्ति या परिवार सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन करता है, तो कार्यपालक मजिस्ट्रेट को नोटिस जारी करना होगा। नोटिस प्राप्त होने के बाद 24 घंटे के भीतर शव का अंतिम संस्कार करना अनिवार्य होगा। अगर ऐसा नहीं किया गया तो संबंधित परिजनों के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा और प्रशासन द्वारा शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
राजस्थान प्रशासनिक सेवा में बड़ा बदलाव, 18 RAS अफसरों को पदोन्नति के बाद मिली नई पोस्टिंग

अस्पतालों के लिए नई जिम्मेदारियां

अधिनियम के तहत यदि किसी व्यक्ति की मौत के बाद शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाता, तो अस्पताल प्रशासन को अब शव को रोकने का अधिकार नहीं होगा। अगर कोई अस्पताल शव को नहीं सौंपता है, तो उस अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

मालदीव्स जैसा लगता है राजस्थान का चाचाकोटा, शानदार नजारे देख हो जाएंगे हैरान

अधिनियम में सजा और जुर्माना

अधिनियम में सजा और जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है। अगर परिजन शव को कब्जे में नहीं लेते हैं, तो उन्हें एक साल तक की सजा और जुर्माना हो सकता है। यदि कोई व्यक्ति या परिवार शव के साथ धरना प्रदर्शन करता है तो उसे दो साल तक की सजा हो सकती है। लावारिस शवों का जेनेटिक डाटा एफएसएल में सुरक्षित रखा जाएगा। यदि कोई कर्मचारी या अधिकारी डाटा लीक करता है तो उसे 3 से 10 साल तक की सजा हो सकती है।

राजस्थान विधानसभा में कॉन्स्टिट्यूशनल क्लब के बाद सेंट्रल हॉल की तैयारी, भवन की सुंदरता को लगेंगे चार चांद

10 साल तक की सजा का प्रावधान

इस अधिनियम में शव के साथ प्रदर्शन करने या शव के साथ धरने में शामिल होने पर 10 साल तक की सजा का प्रावधान भी किया गया है। यह सजा उन मामलों में लागू होगी। जहां शव के साथ धरना प्रदर्शन किया जाता है और उससे सार्वजनिक असमंजस और व्यवस्था की हानि होती है।



Tags:
  • राजस्थान
  • राजस्थान सरकार
  • अशोक गहलोत
  • मृत शरीर सम्मान अधिनियम
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा