RUHS : बिना फैकल्टी और निर्धारित मापदंडों के चल रहे फार्मेसी कॉलेज, हजारों विद्यार्थियों का भविष्य अधर में

Nitin Kumar Bhal | Sept 05, 2025, 11:57 IST
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Photograph: (The Sootr)

राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विवि ने फार्मेसी और नर्सिंग संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की है, जिनकी मानक पर खामियां थीं, जिससे 12 निजी फार्मेसी कॉलेजों में जीरो सत्र घोषित किया गया है।

राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (Rajasthan University of Health Sciences, RUHS) ने राज्य के फार्मेसी (Pharmacy) और नर्सिंग (Nursing) संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू की है। विश्वविद्यालय ने तय मानकों पर खरा नहीं उतरने वाले 12 निजी फार्मेसी कॉलेजों में सत्र 2025-26 के लिए जीरो सत्र (Zero Session) घोषित कर दिया है। इसके तहत इन संस्थानों को अगले सत्र में प्रवेश देने की अनुमति नहीं होगी। यह कदम विश्वविद्यालय द्वारा जारी किए गए निरीक्षण और मीटिंग में लिया गया है, जो 25 अगस्त को आयोजित हुई थी।

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फार्मेसी कॉलेजों में जीरो सत्र की घोषणा

राजस्थान के फार्मेसी कॉलेजों में जो संस्थान निर्धारित मापदंडों (Criteria) को पूरा नहीं करते हैं, उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। विश्वविद्यालय की निरीक्षण मंडल (Inspection Board) की रिपोर्ट के अनुसार, कई संस्थानों में टीचिंग फैकल्टी, नॉन-टीचिंग स्टाफ और योग्य प्राचार्य की कमी पाई गई है। इस कारण, इन संस्थानों में 2025-26 के लिए डिप्लोमा इन फार्मेसी (Diploma in Pharmacy) की 60-60 सीटों के लिए प्रवेश प्रक्रिया बंद कर दी गई है। यह निर्णय छात्रों और अभिभावकों के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि इन कॉलेजों ने पहले से ही प्रवेश के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे।

इस बारे में राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय जयपुर के कुलपति डॉ. प्रमोद येवले ने बताया कि ऑनलाइन पोर्टल पर सत्र 2025-26 में फार्मेसी कॉलेजों ने डिप्लोमा कोर्स की संबद्धता के लिए आवेदन किया था। खामियों के कारण निरीक्षण मंडल की मीटिंग में 10 से ज्यादा कॉलेजों में जीरो सेशन घोषित किया है। 5 के आवेदन पत्र निरस्त किए हैं।

राजस्थान में किन फार्मेसी कॉलेज पर कार्रवाई की गई है?

सत्र 2025-26 के लिए जीरो सत्र घोषित किए गए संस्थानों में प्रमुख रूप से 12 निजी फार्मेसी कॉलेज (Private Pharmacy Colleges) शामिल हैं। इनमें बीपी फार्मेसी कॉलेज सीकर (BP Pharmacy College, Sikar), गोदारा कॉलेज ऑफ फार्मेसी हनुमानगढ़ (Godara College of Pharmacy, Hanumangarh), लोटस कॉलेज ऑफ फार्मेसी भीलवाड़ा (Lotus College of Pharmacy, Bhilwara), और मां वैष्णवी एजुकेशन इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च संस्थान बारां (Maa Vaishnavi Education Institute and Research Institute, Baran) शामिल हैं।

इसके अलावा, मरुधरा कॉलेज ऑफ फार्मेसी लक्ष्मणगढ़ (Marudhara College of Pharmacy, Laxmangarh), न्यू सैनिक कॉलेज ऑफ फार्मेसी जयपुर (New Sainik College of Pharmacy, Jaipur), ओम शिव फार्मेसी कॉलेज निम्बाहेड़ा (Om Shiv Pharmacy College, Nimbahera), और रूप रजत इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी बाड़मेर (Roop Rajat Institute of Pharmacy, Barmer) के आवेदन पत्र भी निरस्त (Rejected) किए गए हैं।

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कॉलेज में जीरो सेशन क्या होता है?

  • "जीरो सत्र" का अर्थ:
    • कॉलेज में "जीरो सत्र" का मतलब दो प्रमुख स्थितियों से हो सकता है:
      • कोई प्रवेश नहीं होता।
      • छात्रों के लिए एक सत्र को रद्द कर दिया जाता है, जिससे उनका पाठ्यक्रम एक साल पीछे चला जाता है।
  • पहली संभावना: 'शून्य सत्र' जब कोई प्रवेश नहीं होता:
    • यह तब होता है जब किसी विश्वविद्यालय या कॉलेज को किसी विशेष वर्ष में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलती।
    • ऐसा तब होता है जब विश्वविद्यालय या कॉलेज नियामक संस्थाओं द्वारा मानकों को पूरा नहीं करता या आवश्यक अनुमतियां नहीं मिलतीं।
    • उदाहरण:
      • अगर विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) या अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) जैसी संस्थाओं से अनुमति नहीं मिलती, तो उस सत्र में प्रवेश नहीं हो पाता और वह सत्र "शून्य सत्र" घोषित कर दिया जाता है।
  • दूसरी संभावना: 'शून्य सत्र' जब पूरा सत्र रद्द हो जाता है:
    • इस स्थिति में, एक विश्वविद्यालय का पूरा शैक्षणिक सत्र किसी राजनीतिक मुद्दे, छात्र आंदोलनों या अन्य अप्रत्याशित कारणों से रद्द कर दिया जाता है।
    • इस स्थिति में छात्रों को नुकसान होता है क्योंकि उनका पाठ्यक्रम प्रभावित होता है और सत्र को रद्द कर दिया जाता है।


5 संस्थानों के आवेदन पत्र निरस्त

इन 12 संस्थानों के अलावा, 5 और संस्थानों के आवेदन पत्र भी निरस्त कर दिए गए हैं, जो निर्धारित मापदंडों को पूरा नहीं करते थे। इनमें देव कॉलेज ऑफ फार्मेसी पीलीबंगा हनुमानगढ़ (Dev College of Pharmacy, Pilibanga Hanumangarh), माधव कॉलेज ऑफ फार्मेसी कोटा (Madhav College of Pharmacy, Kota), श्री स्वामी नारायण कॉलेज ऑफ फार्मेसी भीनमाल (Shri Swami Narayan College of Pharmacy, Bhinmal), श्री ओंकार लाल कॉलेज ऑफ फार्मेसी बारां (Shri Omkar Lal College of Pharmacy, Baran), और वरदान फार्मेसी कॉलेज चित्तौड़गढ़ (Vardan Pharmacy College, Chittorgarh) शामिल हैं। इन संस्थानों का मानक के अनुसार मूल्यांकन (Evaluation) किया गया था, जिसके बाद इनके आवेदन पत्र निरस्त किए गए हैं।

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राजस्थान के फार्मेसी कॉलेजों में क्या कमी मिली?

इन संस्थानों में कुछ सामान्य खामियां पाई गई हैं जैसे:

  1. टीचिंग फैकल्टी की कमी (Lack of Teaching Faculty)
  2. नॉन-टीचिंग स्टाफ की कमी (Lack of Non-Teaching Staff)
  3. योग्य प्राचार्य का अभाव (Absence of Qualified Principal)
  4. संरचनात्मक खामियां (Structural Deficiencies)
  5. अन्य प्रशासनिक समस्याएं (Other Administrative Issues)
इन खामियों के कारण इन संस्थानों में छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा (Quality Education) का आश्वासन नहीं मिल सकता था, इसलिए इन संस्थानों के आवेदन पत्र को निरस्त कर दिया गया है।

जीरो सेशन का विद्यार्थियों पर क्या प्रभाव होगा?

आरयूएचएस के इस फैसले का प्रभाव उन विद्यार्थियों (Students) पर भी पड़ा है, जिन्होंने इन कॉलेजों में दाखिले के लिए आवेदन किया था। इन संस्थानों में जीरो सत्र घोषित होने के बाद, छात्रों को अगले सत्र के लिए अब इन कॉलेजों से कोई भी प्रवेश (Admission) नहीं मिलेगा। यह स्थिति उन छात्रों के लिए निराशाजनक (Disappointing) है, जो इन कॉलेजों को अपनी भविष्य की शिक्षा के लिए चुनने की सोच रहे थे।

फार्मेसी कॉलेजों में जीरो सेशन के बादअब छात्रों को अपने विकल्पों पर विचार करने की आवश्यकता है और अन्य संस्थानों (Other Institutions) में आवेदन करना होगा, जिनमें प्रवेश प्रक्रिया अभी भी चल रही है।

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फार्मेसी कॉलेजों को सुधार का मिलेगा मौका

राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (RUHS) के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिन संस्थानों को जीरो सत्र घोषित किया गया है, उन्हें अगले सत्र के लिए सुधारात्मक कदम उठाने का अवसर दिया जाएगा। अगर ये संस्थान अपनी खामियों को सुधारते हैं और मानक को पूरा करते हैं, तो भविष्य में उन्हें प्रवेश की अनुमति दी जा सकती है।

राज्य सरकार और विश्वविद्यालय इन संस्थानों को सुधारने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करेंगे, ताकि वे अगले सत्र में पुनः प्रवेश प्रक्रिया में शामिल हो सकें।

FAQ

  1. 1. राजस्थान में जीरो सत्र घोषित होने वाले फार्मेसी कॉलेज कौन से हैं?
    राजस्थान में 12 फार्मेसी कॉलेजों में जीरो सत्र घोषित किया गया है, जिनमें बीपी फार्मेसी कॉलेज सीकर, गोदारा कॉलेज ऑफ फार्मेसी हनुमानगढ़, लोटस कॉलेज ऑफ फार्मेसी भीलवाड़ा, आदि शामिल हैं।
  2. 2. राजस्थान में फार्मेसी कॉलेज में जीरो सत्र का निर्णय क्यों किया गया ?
    इन कॉलेजों में टीचिंग फैकल्टी, नॉन-टीचिंग स्टाफ और योग्य प्राचार्य की कमी पाई गई थी, जिसके कारण जीरो सत्र घोषित किया गया।
  3. 3. फार्मेसी कॉलेज में जीरो सत्र के बाद क्या छात्रों के लिए अन्य विकल्प उपलब्ध हैं?
    जीरो सत्र घोषित होने वाले संस्थानों में प्रवेश नहीं मिलेगा, लेकिन छात्रों के पास अन्य कॉलेजों और संस्थानों में आवेदन करने का विकल्प है।
  4. 4. क्या राजस्थान में फार्मेसी कॉलेज को सुधारने का मौका मिलेगा?
    हां, इन कॉलेजों को सुधारात्मक कदम उठाने का अवसर दिया जाएगा। अगर वे सुधार करते हैं तो भविष्य में प्रवेश प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं।
  5. 5. राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय ने जीरो सत्र कार्रवाई को क्यों किया?
    यह कार्रवाई विश्वविद्यालय द्वारा तय मानकों (Criteria) को सुनिश्चित करने और छात्रों को गुणवत्ता वाली शिक्षा (Quality Education) प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है।

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