फोन में डॉक्यूमेंट, फोटो-वीडियो रखना पड़ सकता है भारी, पुलिस ने जारी किया अलर्ट
Ashish Bhardwaj | Aug 04, 2026, 19:01 IST
पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच ने फोन में डेटा सेव रखने को लेकर एडवाइजरी जारी की है। देशभर में रोज 1.3 लाख से ज्यादा साइबर हमले हो रहे हैं। एडीजी साइबर क्राइम वीके सिंह के अनुसार एक मामले में 1 टीबी डेटा डार्क वेब पर लीक हो गया था।
समझें क्या है पूरा मामला
- फोन में सेव डेटा बन सकता है साइबर ठगी की वजह।
- राजस्थान पुलिस ने पासवर्ड और बैंकिंग डेटा पर दी चेतावनी।
- डार्क वेब पर लीक हुआ 1 टीबी डेटा।
- साइबर ठग पहचान चोरी से लेकर ब्लैकमेल तक करते हैं शिकार।
- ठगी से बचने के लिए पुलिस ने जारी की सुरक्षा सलाह।
हाल ही में कुछ बड़े मामले भी सामने आए हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा डेटा लीक और डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों ने चिंता बढ़ा दी है।
1 टीबी डेटा हुआ डार्क वेब पर लीक
लोग फोन में क्या-क्या रखते हैं सेव
इसके अलावा 38 प्रतिशत लोग बैंकिंग जानकारी फोन में सेव करते हैं। 48 प्रतिशत लोग ऑफिस ईमेल भी फोन में खुला रखते हैं। 37 प्रतिशत लोग एआई चैट हिस्ट्री सेव रखते हैं। वहीं 34 प्रतिशत लोग अपने पासवर्ड भी फोन में ही सेव करते हैं।
साइबर ठग किन 4 तरीकों से बनाते हैं निशाना
दूसरा तरीका वित्तीय धोखाधड़ी है। बैंकिंग ऐप, यूपीआई और ओटीपी तक पहुंच बनाकर खाते से रकम उड़ाई जाती है। तीसरा तरीका ब्लैकमेलिंग है। निजी फोटो, वीडियो और एआई चैट हिस्ट्री के जरिए ब्लैकमेल या डिजिटल अरेस्ट जैसे अपराध किए जाते हैं।
चौथा तरीका कॉरपोरेट जासूसी है। ऑफिस ईमेल और गोपनीय दस्तावेज चुराकर कंपनियों से फिरौती मांगी जाती है। यह चारों तरीके आम लोगों के साथ-साथ कंपनियों के लिए भी बड़ा खतरा हैं।
ठगी होने पर तुरंत करें यह काम
शिकायत के लिए एक आसान तरीका भी है। राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। इसकी वेबसाइट है cybercrime.gov.in। इसके अलावा साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर भी कॉल किया जा सकता है। राजस्थान पुलिस ने दो अलग हेल्पडेस्क नंबर भी जारी किए हैं। यह नंबर हैं 9256001930 और 9257510100।
राजस्थान पुलिस की जरूरी अपील
फोन में स्टोरेज एन्क्रिप्शन और स्क्रीन लॉक हमेशा चालू रखने की सलाह दी गई है। ऐप्स को सिर्फ जरूरी परमिशन ही देनी चाहिए। बैंकिंग ऐप और जरूरी दस्तावेज होम स्क्रीन या गैलरी में खुला नहीं रखना चाहिए। इन्हें सिक्योर या हिडेन फोल्डर में रखना बेहतर है।
क्लाउड बैकअप को भी मजबूत पासवर्ड और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन से सुरक्षित रखना चाहिए। ऐप्स हमेशा गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करने चाहिए। पुलिस ने फोन में स्क्रीन लॉक और जरूरी सुरक्षा फीचर हमेशा सक्रिय रखने की सलाह भी दी है।
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