सचिन पायलट की दोनों टांग कांग्रेस में, अब भाजपा के बहकावे में नहीं आएंगे, गहलोत ने आखिर क्यों कही यह बात?
Jageshwar prasad | Apr 27, 2026, 19:56 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने सोमवार को मानेसर कांड को फिर याद किया। टोंक में बीजेपी प्रभारी द्वारा सचिन पायलट को बहरूपिया और भगोड़ा कहे जाने पर गहलोत ने कहा कि पायलट अब समझ और संभल गए हैं, वे कांग्रेस छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे।
News In Short
- बीजेपी प्रभारी राधामोहन ने सचिन पायलट को बताया बहरूपिया व भगोड़ा विधायक।
- राधामोहन ने कहा कि पायलट की एक टांग कांग्रेस में और दूसरी कहां, किसी को पता नहीं।
- अशोक गहलोत बोले - पायलट की दोनों टांगे कांग्रेस में, बीजेपी के बहकावे में अब नहीं आएंगे।
- गहलोत ने फिर छेड़ा 2020 की मानेसर कांड का मुद्दा, कहा— गलती का अहसास हो गया है।
- गहलोत ने बीजेपी पर चुनाव जीतने के लिए सरकारी संस्थाओं के दुरुपयोग का लगाया आरोप।
News In Detail
क्या कहा अशोक गहलोत ने?
गहलोत ने स्पष्ट किया कि पायलट की दोनों टांगें कांग्रेस में ही हैं और वे कहीं नहीं जाने वाले। पार्टी अब पूरी तरह एकजुट है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी चुनाव जीतने के लिए चुनाव आयोग, ED और अन्य केंद्रीय संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है।
सवाल: भाजपा प्रभारी ने कहा कि टोंक के जो स्थानीय विधायक हैं वे बहुरूपिया हैं, उनकी एक टांग कांग्रेस में रहती है, एक जाने कहाँ रहती है:
जवाब: उनकी दोनों टांगे कांग्रेस में है और कांग्रेस में रहेगी। अब उनके भटके आएंगे जो पहले गुमराह करके ले गए मानेसर के अंदर हमारे लोगों को।
सचिन… pic.twitter.com/vhZWCHFcO4
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) April 27, 2026
क्या कहा था राधामोहन दास अग्रवाल ने?
क्या था मानेसर कांड?
सचिन पायलट और उनके खेमे के 19 विधायक अचानक राजस्थान छोड़कर हरियाणा के मानेसर में एक लग्जरी होटल (आईटीसी ग्रैंड भारत) में जाकर रुक गए थे। पायलट का आरोप था कि मुख्यमंत्री उन्हें दरकिनार कर रहे हैं और उन्हें काम करने की आजादी नहीं है।
पायलट के इस कदम से गहलोत सरकार अल्पमत में आती दिखी थी। गहलोत ने आरोप लगाया कि बीजेपी पायलट के साथ मिलकर उनकी सरकार गिराने की साजिश रच रही है और विधायकों की खरीद-फरोख्त की जा रही है।
इसी दौरान अशोक गहलोत और सचिन पायलट के रिश्तों में भारी कड़वाहट देखी गई। गहलोत ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिना नाम लिए पायलट के लिए 'निकम्मा' और 'नकारा' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था, जो राजस्थान की राजनीति में आज भी चर्चा का विषय रहते हैं।
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