चुनाव से पहले होगा बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, कई जिलों में बदलेंगे अफसर
Mukesh Sharma | Jul 21, 2026, 21:07 IST
राजस्थान अफसर
राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव से पहले बड़े प्रशासनिक फेरबदल होगा। इसमें संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टर, जिला निर्वाचन अधिकारी, एसपी समेत कई अधिकारियों को इधर-उधर किया जा सकता है।
समझें क्या है पूरा मामला
- राजस्थान पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने तबादलों के निर्देश जारी किए हैं।
- गृह जिले और लंबे समय से एक ही जगह तैनात अधिकारियों को 15 अगस्त तक हटाया जाएगा।
- कलेक्टर, एसपी, एसडीएम समेत कई बड़े प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी दायरे में आएंगे।
- जयपुर-जोधपुर पुलिस आयुक्तालय और नगरीय निकाय अधिकारियों पर भी यह नियम लागू होगा।
- आयोग ने निष्पक्ष चुनाव के लिए लापरवाह अधिकारियों को चुनाव ड्यूटी से दूर रखने के निर्देश दिए हैं।
राजस्थान में चुनावी हलचल तेज हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने सरकार को साफ निर्देश दिए हैं। जो अधिकारी अपने गृह जिले या गृह क्षेत्र में तैनात हैं, उन्हें हटाया जाएगा। इसके अलावा लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे अधिकारियों पर भी यह नियम लागू होगा।
आयोग ने इसके लिए 15 अगस्त की समयसीमा तय की है। खास बात यह है कि 10 जुलाई के बाद प्रदेश में तबादलों पर रोक लगी हुई थी। लेकिन अब एक बार में आईएएस (IAS – Indian Administrative Service) और आईपीएस (IPS – Indian Police Service) अधिकारियों की लंबी सूची सामने आ सकती है।
किन-किन पदों पर लागू होगा आदेश
जिला आबकारी अधिकारी, एसडीएम (SDM – Sub-Divisional Magistrate) और सहायक कलेक्टर भी इस सूची में हैं। तहसीलदार और डीएसपी (DSP – Deputy Superintendent of Police) जैसे पद भी इससे अछूते नहीं रहेंगे। साफ है कि यह आदेश प्रशासनिक ढांचे के हर स्तर को छूएगा।
पुलिस आयुक्तालयों में भी लागू होगा नियम
इसके अलावा नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं के अधिकारी भी दायरे में आएंगे। इनमें आयुक्त, उपायुक्त और अधिशासी अधिकारी शामिल हैं। आयोग का मानना है कि निष्पक्षता पर सवाल उठाने वाले अधिकारियों को हटाना जरूरी है।
पंचायत स्तर पर भी होंगे तबादले
आयोग ने 30 नवंबर 2026 को कटऑफ तारीख माना है। पिछले चार साल में किसी जिले, नगरीय क्षेत्र या पंचायत समिति में तीन साल से ज्यादा समय तक तैनात रहे अधिकारी भी हटाए जाएंगे। यह नियम प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव ला सकता है।
लापरवाह अधिकारी रहेंगे चुनाव ड्यूटी से दूर
चुनाव की घोषणा होने के बाद आयोग की अनुमति के बिना कोई तबादला नहीं हो सकेगा। राजस्थान हाईकोर्ट में सरकार पहले ही शपथ-पत्र दे चुकी है कि पंचायत और निकाय चुनाव की प्रक्रिया 15 नवंबर 2026 तक पूरी कर ली जाएगी। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रशासनिक फेरबदल की रफ्तार तेज रहने की उम्मीद है।
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