राजस्थान में जन्म दर-शिशु मृत्यु दर में गिरावट, SRS रिपोर्ट में भविष्य की चिंताओं की ओर इशारा
Amit Baijnath Garg | Sept 07, 2025, 16:39 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में जन्म दर, मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में गिरावट आई है। जानिए हाल ही में जारी एसआरएस रिपोर्ट 2023 के आंकड़े और उनका असर। कई चिंताएं अभी भी बनी हुई हैं।
भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त कार्यालय ने 2023 के सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (SRS) की रिपोर्ट जारी की है। SRS रिपोर्ट में देश और राज्यों के जन्म दर, मृत्यु दर (Death Rate) और शिशु मृत्यु दर के आंकड़े सामने आए हैं।
राजस्थान में कुल 350 सैंपल यूनिट्स शामिल किए गए, जिनमें 3.62 लाख की आबादी कवर की गई। इस रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान में जन्म दर और मृत्यु दर में गिरावट देखी गई है, लेकिन शिशु मृत्यु दर को लेकर चिंताएं अभी भी बनी हुई हैं।
राजस्थान में भारी बारिश से सड़कें हुईं बदहाल : मरम्मत पर खर्च होंगे 1500 करोड़ रुपए
2022 में भारत की कुल जन्म दर 19.1 प्रति हजार जनसंख्या थी, जिसमें ग्रामीण इलाकों में यह 20.8 और शहरी इलाकों में 15.5 थी। वहीं राजस्थान में जन्म दर 23.8 प्रतिशत रही, जिसमें 24.9 प्रतिशत ग्रामीण और 20.8 प्रतिशत शहरी क्षेत्रों की थी।
2023 में जन्म दर घटकर 18.4 प्रतिशत हो गई, जिसमें ग्रामीण इलाकों में 20.3 प्रतिशत और शहरी इलाकों में 14.9 प्रतिशत रही। राजस्थान की जन्म दर भी घटकर 22.9 प्रतिशत हो गई, जिसमें 23.9 प्रतिशत ग्रामीण और 20.1 प्रतिशत शहरी क्षेत्र की थी। बिहार में 25.8 प्रतिशत की जन्म दर के साथ यह दर सबसे अधिक थी, इसके बाद उत्तर प्रदेश (23.6) और फिर राजस्थान (22.9) का स्थान है।
राजस्थान में आयकर विभाग की कार्रवाई: 6 करोड़ नकद और 20 करोड़ रुपए की ज्वैलरी जब्त
भारत में 2022 में मृत्यु दर 6.8 प्रति हजार जनसंख्या थी, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में 7.2 और शहरी क्षेत्रों में 6.0 प्रतिशत थी। 2023 में मृत्यु दर घटकर 6.4 हो गई, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में 6.8 और शहरी क्षेत्रों में 5.7 प्रतिशत रही। राजस्थान की बात करें तो 2022 में मृत्यु दर 6.2 प्रतिशत थी, जो 2023 में घटकर 5.9 प्रतिशत हो गई। इस दौरान छत्तीसगढ़ में सबसे अधिक मृत्यु दर (8.3) और चंडीगढ़ में सबसे कम (4.0) रही।
Rajasthan weather update राजस्थान के 8 जिलों में भारी बरसात की चेतावनी: नदी-बांध ओवरफ्लो
RAJASTHAN Top News : राजस्थान की बड़ी खबरें
2022 में राजस्थान की शिशु मृत्यु दर 30 प्रतिशत रही, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में यह 31 और शहरी क्षेत्रों में 24 प्रतिशत थी। 2023 में शिशु मृत्यु दर में मामूली कमी आई और यह 29 प्रतिशत हो गई, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में यह 31 और शहरी क्षेत्रों में 23 प्रतिशत रही। 2023 में शिशु मृत्यु दर सबसे अधिक छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में रही, जबकि मणिपुर में यह दर सबसे कम थी। 2011-13 में भारत की शिशु मृत्यु दर 42.3 प्रतिशत थी, जो 2021-23 में घटकर 26.3 प्रतिशत हो गई।
जर्जर स्कूलों में पढ़ाई रोकने के बाद क्या वैकल्पिक व्यवस्था की गई, राजस्थान शिक्षा विभाग ने मांगी रिपोर्ट
राजस्थान में शिशु मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत से अधिक है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में। रिपोर्ट के मुताबिक, राजस्थान में जन्म दर राष्ट्रीय स्तर से ऊपर है और राज्य तीसरे स्थान पर है। हालांकि शिशु मृत्यु दर अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है और इसमें सुधार की आवश्यकता है। राज्य में मृत्यु दर में गिरावट आई है, लेकिन शिशु मृत्यु दर को लेकर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧
राजस्थान में कुल 350 सैंपल यूनिट्स शामिल किए गए, जिनमें 3.62 लाख की आबादी कवर की गई। इस रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान में जन्म दर और मृत्यु दर में गिरावट देखी गई है, लेकिन शिशु मृत्यु दर को लेकर चिंताएं अभी भी बनी हुई हैं।
राजस्थान में भारी बारिश से सड़कें हुईं बदहाल : मरम्मत पर खर्च होंगे 1500 करोड़ रुपए
जन्म दर में गिरावट
2023 में जन्म दर घटकर 18.4 प्रतिशत हो गई, जिसमें ग्रामीण इलाकों में 20.3 प्रतिशत और शहरी इलाकों में 14.9 प्रतिशत रही। राजस्थान की जन्म दर भी घटकर 22.9 प्रतिशत हो गई, जिसमें 23.9 प्रतिशत ग्रामीण और 20.1 प्रतिशत शहरी क्षेत्र की थी। बिहार में 25.8 प्रतिशत की जन्म दर के साथ यह दर सबसे अधिक थी, इसके बाद उत्तर प्रदेश (23.6) और फिर राजस्थान (22.9) का स्थान है।
राजस्थान में आयकर विभाग की कार्रवाई: 6 करोड़ नकद और 20 करोड़ रुपए की ज्वैलरी जब्त
मृत्यु दर में कमी
Rajasthan weather update राजस्थान के 8 जिलों में भारी बरसात की चेतावनी: नदी-बांध ओवरफ्लो
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 1971 से 2023 तक देश में मृत्यु दर लगातार घटती गई है। 1971 में मृत्यु दर 14.9 प्रतिशत थी, जो अब घटकर 6.4 प्रतिशत हो गई है। राजस्थान की मृत्यु दर स्तर राष्ट्रीय औसत से नीचे रही है, खासकर शहरी क्षेत्रों में।
शिशु मृत्यु दर में मामूली कमी
जर्जर स्कूलों में पढ़ाई रोकने के बाद क्या वैकल्पिक व्यवस्था की गई, राजस्थान शिक्षा विभाग ने मांगी रिपोर्ट
राजस्थान की स्थिति, सुधार की आवश्यकता
FAQ
- Q1: राजस्थान में जन्म दर और मृत्यु दर में क्या बदलाव आया है?
2023 में राजस्थान में जन्म दर में कमी आई है, जो 22.9 प्रतिशत रही, जबकि मृत्यु दर भी घटकर 5.9 प्रतिशत हो गई। यह गिरावट राज्य के विकास और जनसंख्या नियंत्रण के लिहाज से महत्वपूर्ण है। - Q2: शिशु मृत्यु दर में क्या सुधार हुआ है?
2023 में शिशु मृत्यु दर में मामूली कमी आई है और यह 29 प्रतिशत रही। हालांकि, राजस्थान में शिशु मृत्यु दर अभी भी राष्ट्रीय औसत से अधिक है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में। - Q3: राजस्थान में जन्म दर और शिशु मृत्यु दर को लेकर क्या चिंताएं हैं?
राजस्थान में जन्म दर राष्ट्रीय औसत से अधिक है, लेकिन शिशु मृत्यु दर को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं, खासकर ग्रामीण इलाकों में। इसमें सुधार की आवश्यकता है ताकि स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर परिणाम मिल सकें।
- thesootr links
- मध्यप्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- जॉब्स और एजुकेशन की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
- निशुल्क वैवाहिक विज्ञापन और क्लासिफाइड देखने के लिए क्लिक करें
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari