इतनी बारिश के बाद भी राणा प्रताप सागर बांध में पानी की कमी, केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट में खुलासा
Amit Baijnath Garg | Sept 27, 2025, 13:30 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के सबसे बड़े बांध राणा प्रताप सागर में पिछले 36 वर्षों में चार स्लूज गेट नहीं खुले। बांध की क्षमता 297 एमसीएम तक घटी। आयोग की जल संकट की चेतावनी। अफसरों की राय अलग।
राजस्थान की चंबल सिंचाई परियोजना के तहत बने राणा प्रताप सागर बांध में पानी भरने की दर लगातार घट रही है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान के सबसे बड़े बांध के चार स्लूज गेट पिछले 36 वर्षों से बंद पड़े हैं। इसके चलते कैचमेंट में अच्छी बारिश होने के बावजूद भी बांध में पर्याप्त पानी नहीं भर पा रहा है।
एमपी पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान, शुरू होगी हेलीकॉप्टर सेवा, हवाई मार्ग से जुड़ेंगे उज्जैन, खजुराहो और बांधवगढ़
रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले 51 वर्षों में बांध के तल में मिट्टी और गाद जमने से 297 एमसीएम की क्षमता घट गई है। 1970 में डैम की कुल क्षमता 3128.11 एमसीएम थी, जो 2021 में घटकर 2831.20 एमसीएम रह गई। हर साल लगभग 0.202% की दर से क्षमता कम हो रही है। यह स्थिति पनबिजली उत्पादन और जल आपूर्ति दोनों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है।
डूंगरी बांध के विरोध में जुटी विशाल महापंचायत, ग्रामीणों ने कहा-जान दे देंगे, लेकिन बांध नहीं बनने देंगे
बांध में जमा गाद को निकालने के लिए चार स्लूज गेट लगे हुए हैं, जिन्हें 36 वर्षों से नहीं खोला गया। जल संसाधन विभाग ने बजट मंजूर किया है, लेकिन राशि जारी नहीं की गई। यह लापरवाही सुरक्षा कानूनों के बावजूद हुई है और भविष्य में इसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ सकता है।
अनूपगढ़ में घग्घर नदी के टूटे बांध से फसलें जलमग्न, लोगों की पलायन करने की मजबूरी
केंद्रीय जल आयोग ने फरवरी से अप्रैल, 2021 के बीच जीपीएस (GPS), डिजिटल इको साउंडर और टोटल स्टेशन जैसी आधुनिक तकनीक से डैम का सर्वे किया। सर्वे में पाया गया कि जलग्रहण क्षेत्र का 25% हल्के कटाव वाला, 15% मध्यम, 23% ज्यादा कटाव वाला और 28% क्षेत्र गंभीर स्थिति में है। मिट्टी कटाव रोकने के लिए चैकडैम, नाला बांध, टेरेस, ट्रैप तालाब और पेड़-पौधे लगाने जैसी सिफारिशें की गई हैं।
मानसून ने तोड़ा 108 साल का रिकॉर्ड; फिर भी राजस्थान के 93 बांध रह गए खाली, रामगढ़ बांध भी रह गया खाली
वहीं जल संसाधन विभाग के एक्सईएन नीरज अग्रवाल का कहना है कि केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट का अध्ययन जारी है। सरकार से दिशा-निर्देश मिलने के बाद उपाय शुरू किए जाएंगे। फिलहाल डैम अगले 100 वर्षों तक सुरक्षित है, लेकिन त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है।
एमपी पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान, शुरू होगी हेलीकॉप्टर सेवा, हवाई मार्ग से जुड़ेंगे उज्जैन, खजुराहो और बांधवगढ़
मिट्टी-गाद जमा होने से क्षमता घट रही
डूंगरी बांध के विरोध में जुटी विशाल महापंचायत, ग्रामीणों ने कहा-जान दे देंगे, लेकिन बांध नहीं बनने देंगे
36 वर्षों से बंद स्लूज गेट
भविष्य की चेतावनी और पनबिजली संकट आयोग के अनुसार, हर साल लगभग 5.82 एमसीएम मिट्टी जमा हो रही है। यदि यही स्थिति रही तो 2041 तक मिट्टी का स्तर 322.12 मीटर तक पहुंच जाएगा, जबकि पनबिजली घर के लिए आवश्यक पानी का स्तर 322 मीटर है। इससे टरबाइन तक पानी पहुंचने में रुकावट आएगी और पनबिजली उत्पादन प्रभावित हो सकता है। राजस्थान परमाणु बिजलीघर, भारी पानी संयंत्र और न्यूक्लियर फ्यूल कॉम्प्लेक्स भी इस बांध पर निर्भर हैं।
आधुनिक तकनीक से सर्वे
मानसून ने तोड़ा 108 साल का रिकॉर्ड; फिर भी राजस्थान के 93 बांध रह गए खाली, रामगढ़ बांध भी रह गया खाली
जल संसाधन विभाग की प्रतिक्रिया
FAQ
- 1. राणा प्रताप सागर बांध में पानी की कमी का मुख्य कारण क्या है?
मुख्य कारण चार स्लूज गेट का 36 वर्षों से बंद रहना और डैम के तल में जमा गाद व मिट्टी है। - 2. बांध की क्षमता कितनी घट गई है और इसका प्रभाव क्या होगा?
51 वर्षों में 297 एमसीएम क्षमता कम हुई है। यदि इसी तरह कमी जारी रही तो पनबिजली उत्पादन और जल आपूर्ति पर असर पड़ेगा। - 3. केंद्रीय जल आयोग ने क्या समाधान सुझाए हैं?
चैकडैम, नाला बांध, टेरेस, ट्रैप तालाब और पेड़-पौधे लगाने जैसी उपायों की सिफारिश की गई है, ताकि मिट्टी कटाव रोका जा सके और डैम की क्षमता बनी रहे।
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari