RPSC फर्जी डिग्री केस: SOG की बड़ी कार्रवाई, 16वें आरोपी को पकड़ा
Saurabh Mishra | Sept 03, 2026, 13:31 IST
फर्जी डिग्री केस
राजस्थान लोक सेवा आयोग की हिंदी प्राध्यापक भर्ती परीक्षा में फर्जी डिग्री मामले में एसओजी ने आरोपी दीनदयाल मोलपुरिया को गिरफ्तार किया। अब तक 16 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
समझें क्या है पूरा मामला
- RPSC हिंदी प्राध्यापक भर्ती में फर्जी डिग्री मामले में गिरफ्तारी।
- मेवाड़ यूनिवर्सिटी की नकली डिग्री से पाई थी नियुक्ति।
- SOG ने फर्जी डिग्री दिलाने वाले आरोपी को पकड़ा।
- अब तक इस मामले में 16 गिरफ्तारियां हो चुकीं।
- चूरू निवासी दीनदयाल मोलपुरिया गिरफ्तार।
राजस्थान पुलिस के महानिदेशक पुलिस स्पेशल ऑपरेशन कार्यालय ने बुधवार को इसकी जानकारी दी।
कैसे सामने आया फर्जी डिग्री का मामला
आरपीएससी आयोग अजमेर ने जब इस डिग्री का सत्यापन कराया तो पता चला कि यह डिग्री मेवाड़ विश्वविद्यालय गंगरार चित्तौड़गढ़ द्वारा जारी ही नहीं की गई थी। अभ्यर्थी ने असत्य शपथ पत्र देकर फर्जी डिग्री के आधार पर नियुक्ति हासिल करने की कोशिश की थी। इस मामले में पुलिस थाना सिविल लाइन अजमेर पर 20 मार्च 2024 को प्रकरण संख्या 100/2024 दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
RPSC हिंदी प्राध्यापक भर्ती मामले में एक और गिरफ्तारी
पुलिस ने आरोपी दीनदयाल मोलपुरिया को दस्तयाब कर 30 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया। इसके बाद उसे 3 सितंबर 2026 तक पुलिस रिमांड पर लिया गया, जिससे आगे की पूछताछ की जा रही।
अधिकारियों के मुताबिक इस पूरे मामले में फर्जी डिग्री हासिल करने वाली ब्रह्मा कुमारी सहित अब तक कुल 16 अभियुक्त गिरफ्तार किए जा चुके। यह कार्रवाई उप महानिरीक्षक पुलिस भुवन भूषण यादव की निगरानी और पुलिस अधीक्षक कुंदन कंवरिया के नेतृत्व में की गई। अनुसंधान अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्याम सुंदर विश्नोई ने आरोपियों की तलाश जारी रखी, जिसके बाद यह गिरफ्तारी संभव हो सकी।
गिरफ्तार आरोपी दीनदयाल मोलपुरिया, पुत्र जगदीश प्रसाद मोलपुरिया, उम्र 46 साल है। वह चूरू जिले के सरदारशहर थाना क्षेत्र स्थित रेगर बस्ती का रहने वाला है। पुलिस अब इस मामले में जुड़े अन्य वांछित आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
FAQ
- RPSC हिंदी प्राध्यापक भर्ती में फर्जी डिग्री का मामला क्या है?
एक अभ्यर्थी ने मेवाड़ यूनिवर्सिटी की फर्जी एमए हिंदी डिग्री जमा कर नियुक्ति हासिल की थी। सत्यापन में यह डिग्री फर्जी पाई गई। इसके बाद पुलिस में मामला दर्ज हुआ। - नए गिरफ्तार आरोपी की क्या भूमिका है?
आरोपी दीनदयाल मोलपुरिया ने यूनिवर्सिटी के डीन से संपर्क कर फर्जी डिग्री और मार्कशीट जारी करवाई थी। यह डिग्री एक अन्य व्यक्ति के जरिए अभ्यर्थी तक पहुंचाई गई। - इस मामले में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
इस प्रकरण में अब तक कुल 16 अभियुक्त गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इनमें फर्जी डिग्री हासिल करने वाली अभ्यर्थी भी शामिल हैं।
राजस्थान एसओजी की निलंबित एएसपी दिव्या मित्तल का आईओ पर गंभीर आरोप, कहा- तंवर ने केस में गलत धारा लगाई, अब कर रहे पेरशान
राजस्थान सरकार ने लिया यू-टर्न, 23 दिन बाद खत्म हुई पटवारियों की हड़ताल
टंकी और टावर पर चढ़ने वालों की खैर नहीं, राजस्थान पुलिस का सख्त एक्शन प्लान
फर्जी सर्टिफिकेट से डॉक्टर ने की इंटर्नशिप, SOG ने किया गिरफ्तार
पांच सितारा शेरेटन ग्रैंड पैलेस होटल ने गंदगी फैलाई, इंदौर नगर निगम ने किया ढाई लाख का स्पॉट फाइन
By Sanjay Gupta
सीएम मोहन यादव ने बोला हमला राहुल गांधी पर हमला, बोले-कांग्रेसी तब न सुधरे और ना अब सुधर रहे
By Sandeep Kumar
छत्तीसगढ़ सचिवालय में प्रमोशन की बड़ी खबर, एक अवर सचिव और दो अनुभाग अधिकारियों को मिली पदोन्नति
By VINAY VERMA
छत्तीसगढ़ पुलिस में 7 अधिकारियों की नई पोस्टिंग, CM सुरक्षा से राजभवन तक बदले अधिकारी, भाटापारा DSP भी बदले
By VINAY VERMA
3605 पंचायतों में चुनाव तारीख बदलने की तैयारी: 6 नवंबर को धनतेरस, आयुक्त बोले-कैलेंडर बनाते समय ध्यान नहीं रहा
By Jageshwar prasad
जैसलमेर: शाहगढ़ में केंद्र सरकार की कैराकल संरक्षण की योजना, दो को लगाए गए रेडियो कॉलर
By Jageshwar prasad
टिकट के दावेदारों से दिलावर बोले-प्रधान बनकर गड़बड़ी मत करना; चाबी मेरे पास, एक मिनट में हटा दूंगा
By Saurabh Mishra