प्राइवेट स्कूलों को देना ही होगा आरटीई के तहत एडमिशन, हाईकोर्ट ने खारिज की निजी स्कूलों की याचिका

Mukesh Sharma | Jan 08, 2026, 19:08 IST
Share
RTE ORDER
Photograph: (the sootr)

राजस्थान हाईकोर्ट ने निजी स्कूल प्रबंधकों की शिक्षा के अधिकार आरटीई को लेकर जारी याचिका निरस्त कर दी है। आदेश जारी कर कहा है कि प्री-प्राईमरी से पहली कक्षा तक के बच्चों को आरटीई के तहत प्रवेश देना होगा।

Jaipur. राजस्थान हाई कोर्ट ने शिक्षा का अधिकार यानि आरटीई पर मोहर लगाते हुए कहा है कि प्राइवेट स्कूलों को प्री-प्राईमरी से लेकर पहली कक्षा तक आरटीई के तहत एडमिशन देने ही होंगे। कोर्ट ने कहा है कि जिस भी कक्षा में गैर-आरटीई एडमिशन होंगे,उसमें स्कूल को 25 फीसदी सीट पर आरटीई के तहत एडमिशन देने ही होंगे।

सर्दी की चपेट में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान, आने वाले दिनों में और बढ़ेगी ठंड

हाईकोर्ट ने सुनाया फैसला

एक्टिंग सीजे एस.पी. शर्मा और जस्टिस बलजिंदर सिंह संधू की बैंच ने यह फैसला अभ्युत्थानम सोसायटी और स्माइल फॉर ऑल सोसायटी की जनहित याचिकाओं का निपटारा करते हुए दिया। कोर्ट ने राज्य सरकार और निजी स्कूलों की अपीलों को खारिज करते हुए फीस पुर्नभरण के लिए भी विस्तृत दिशा निर्देश दिए है।

पोस्टकार्ड को याचिका माना, हाईकोर्ट ने कैदी को दिया पैरोल, कहा-सिर्फ अमीरों का विशेषाधिकार नहीं

पांच साल से चल रहा है विवाद

यह विवाद वर्ष 2020 में सरकार की ओर से नोटिफिकेशन जारी करने के साथ ही शुरु हो गया था। सोसायटी की एडवोकेट रिद्धि चंद्रावत ने बताया कि साल 2020 में राज्य सरकार ने नोटिफिकेशन जारी की थी। इसमें कहा था कि सरकार प्राईवेट स्कूलों को केवल पहली कक्षा में एडमिशन देने पर ही फीस का पुर्नभरण करेगी। प्री-प्राइमरी कक्षा में आरीटीई के तहत एडमिशन देने पर फीस का पुर्नभरण नहीं किया जाएगा। सरकार का कहना था कि केन्द्र सरकार इसके लिए भुगतान नहीं देती है। नोटिफिकेशन को जनहित याचिका के जरिए चुनौती दी थी।

जल जीवन मिशन घोटाले पर हाईकोर्ट ने पूछा, सिर्फ दो फर्मों की ही जांच क्यों, बाकी का क्या

नहीं हो रहे थे एडमिशन

प्री-प्राईमरी कक्षाओं के बच्चों को आरटीई में एडमिशन देने के बदले सरकार प्राईवेट स्कूलों को फीस का पुर्नभरण नहीं कर रही थी। इस कारण प्राईवेट स्कूलों ने बच्चों को प्री-प्राईमरी कक्षाओं में एडमिशन देना बंद कर दिया था। हालांकि अदालत के अंतरिम आदेश के बाद से प्राईवेट स्कूल बच्चों को एडमिशन देने लगे थे।

राजस्थान हाईकोर्ट ने 3 ग्राम पंचायत मुख्यालय बदलने पर दिया नोटिस, जिला कलेक्टरों को देना होगा जवाब

अपील लंबित होने की आड़ में नहीं हो रहे थे एडमिशन

मामले में एकलपीठ के आदेश के खिलाफ अपील लंबित होने के चलते प्री-प्राइमरी में एडमिशन देने वाले स्कूलों ने पहली कक्षा में एडमिशन देना बंद कर दिया था तो कई स्कूलों ने प्री-प्राइमरी में एडमिशन देना बंद कर दिया था। इस कारण हर साल सैकड़ों बच्चे आरटीई के तहत एडमिशन से वंचित हो रहे थे। लेकिन अब कोर्ट के आदेश से स्थिति स्पष्ट हो गई हैं। वहीं स्कूलों और सरकार के बीच फीस पुर्नभरण के विवाद पर अदालत ने दिशा-निर्देश भी जारी किए है।

44 हजार बच्चे रहे स्कूल जाने से वंचित

आरटीई के तहत सत्र 2025-26 में 44 हजार से ज्यादा बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पाए थे। कई प्राइवेट स्कूलों ने आरटीई के तहत लॉटरी से चयनित बच्चों को प्रवेश देने से साफ इनकार कर दिया था। इसके बावजूद शिक्षा विभाग की कार्रवाई महज नोटिस जारी करने तक सीमित रही।

ईडी का बड़ा एक्शन: जयपुर के प्रवेश काबरा की 2.67 करोड़ की सम्पतियां अटैच

केवल नोटिस देकर की इतिश्री

जयपुर में ही पिछले साल में 60 से ज्यादा निजी स्कूलों को अंतिम चेतावनी वाले नोटिस जारी किए थे,लेकिन ना तो एक भी स्कूल की मान्यता रद्द हुई और ना ही किसी पर दंडात्मक कार्रवाई हुई। हजारों अभिभावक विभाग और स्कूलों के चक्कर काटते रहे लेकिन,बच्चों को समय पर एडमिशन नहीं मिल पाया।

मुख्य बिंदू :

  • आरटीई का उद्देश्य सभी बच्चों को समान शिक्षा का अवसर प्रदान करना है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि निजी स्कूलों को भी आरटीई के तहत प्राइवेट स्कूलों को देना ही होगा आरटीई के तहत एडमिशन, ताकि सभी बच्चों को शिक्षा का समान अवसर मिल सके।
  • सरकार का कहना था कि केंद्र सरकार इसके लिए भुगतान नहीं करती है। इसी कारण से, निजी स्कूलों को प्री-प्राईमरी कक्षाओं में आरटीई के तहत एडमिशन देने पर फीस का पुनर्भरण नहीं किया गया था।
  • शिक्षा विभाग ने कई निजी स्कूलों को नोटिस जारी किए थे, लेकिन किसी स्कूल की मान्यता रद्द नहीं की गई और कोई दंडात्मक कार्रवाई भी नहीं की गई। इस पर कोर्ट ने अपनी नाराजगी जताई और दिशा-निर्देश जारी किए।
Tags:
  • राजस्थान
  • राजस्थान हाई कोर्ट
  • शिक्षा का अधिकार
  • आरटीई
  • प्राइवेट स्कूलों को देना ही होगा आरटीई के तहत एडमिशन
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा