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Photograph: (the sootr)
Jaipur. राजस्थान में कांग्रेस के बाद अब भाजपा सांसदों पर सांसद निधि का आवंटन दूसरे राज्यों में करने के आरोप लगे हैं। पहले भाजपा ने कांग्रेस के तीन सांसदों पर सांसद निधि का आवंटन हरियाणा में करने का आरोप लगाया है। अब कांग्रेस ने भी भाजपा सांसदों पर अलग-अलग राज्यों में सांसद निधि से काम कराने का दावा किया है।
तीन कांग्रेस सांसदों की दरियादिली, सांसद निधि से हरियाणा को किया उपकृत, जाने क्यों
भाजपा सांसदों ने दूसरे राज्यों में भेजे ढ़ाई करोड़
कांग्रेस पार्टी ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि पार्टी के आठ सांसदों ने सांसद निधि का लगभग 2.64 करोड़ रुपये दूसरे राज्यों में खर्च किया है। यह रकम भाजपा के सांसदों द्वारा हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में खर्च की गई है। इस मामले में कांग्रेस ने कहा है कि भाजपा के नेताओं ने यह रकम उन क्षेत्रों में खर्च की है, जिनका उनके राजनीतिक प्रभाव से सीधा संबंध है।
कांग्रेस ने किया बचाव
कांग्रेस का कहना है कि उसके तीन सांसदों ने सांसद निधि से हरियाणा में करीब 1.30 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, जो कि पूरी तरह से नियमों के तहत किया गया था। कांग्रेस के चूरू से सांसद राहुल कस्वां, झुंझुनू से सांसद बृजेंद्र ओला और भरतपुर से सांसद संजना जाटव ने यह रकम खर्च की थी। ये क्षेत्र हरियाणा के कैथल में थे, जो कि कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला के क्षेत्र में आता है। रणदीप राजस्थान से कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य हैं।
सांसद निधि विवाद: कांग्रेस ने भाजपा पर लगाया आरोप, 8 सांसदों ने खर्च किए 2.64 करोड़ रुपये
भाजपा सांसदों का खर्च
8 भाजपा सांसदों ने दूसरे राज्यों में खर्च किए 2.64 करोड़ रुपए । राजस्थान से राज्यसभा सांसद रवनीत सिंह ने हरियाणा के करनाल में 5 लाख रुपये खर्च किए, जबकि पंजाब के अमृतसर और जालंधर में क्रमशः 85 हजार और 13.49 लाख रुपये दिए। इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश के घनश्याम तिवाड़ी और उत्तर प्रदेश के चुन्नीलाल गरासिया ने भी अलग-अलग राज्यों में सांसद निधि खर्च की है।
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नियमनुसार खर्च की सीमा
नियमानुसार, लोकसभा और राज्यसभा सांसद एक वित्तीय वर्ष में अपने सांसद निधि से अधिकतम 50 लाख रुपये तक की राशि दूसरे राज्यों में विकास कार्यों के लिए दे सकते हैं। हालांकि, प्रदेश के अंदर विकास की बहुत आवश्यकता है, ऐसे में इस राशि का दूसरे राज्यों में खर्च करना एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। यह स्थिति स्पष्ट करती है कि सांसद निधि के उपयोग पर पुनः विचार करने की जरूरत है।
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सांसद निधि को लेकर प्रमुख आंकड़े
भाजपा के आठ सांसदों ने लगभग 2.64 करोड़ रुपये दूसरे राज्यों में खर्च किए।
कांग्रेस के तीन सांसदों ने हरियाणा में 1.30 करोड़ रुपये खर्च किए।
सांसद निधि खर्च सीमा एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 50 लाख रुपये दूसरे राज्यों में खर्च किए जा सकते हैं।
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सांसद निधि का पूरा विवाद
नए साल में राजस्थान की राजनीति में सांसद निधि (MPLADS) के आवंटन को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच तीखी बहस छिड़ी हुई है। भाजपा के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय और राजस्थान के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने आरोप लगाया कि राजस्थान के तीन कांग्रेस सांसदों ने अपने क्षेत्र की जनता के पैसे को हरियाणा के कैथल विधानसभा क्षेत्र में खर्च किया है।
भाजपा ने कांग्रेस सांसदों पर आरोप लगाया है कि इन सांसदों ने मिलकर रणदीप सुरजेवाला के बेटे आदित्य सुरजेवाला के निर्वाचन क्षेत्र कैथल में लगभग 1.20 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इनमें चूरू से सांसद राहुल कस्वां ने 50 लाख रुपये, भरतपुर से सांसद संजना जाटव ने 45.5 लाख रुपये और झुंझुनूं से सांसद बृजेंद्र सिंह ओला ने 24.7 लाख रुपये की अभिशंसा की है।
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कांग्रेस के पलटवार
कांग्रेस के सांसदों ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वे नियमों के दायरे में रहकर काम कर रहे हैं। राहुल कस्वां ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार, एक सांसद अपनी निधि का एक हिस्सा (सालाना 25 लाख से 50 लाख रुपये तक) देश में कहीं भी विकास कार्यों के लिए अनुशंसित कर सकता है।
संजना जाटव का भी कहना है कि उन्होंने हरियाणा के कैथल में जो पैसे दिए, वहीं राज्यसभा सांसद सुरजेवाला ने भी उनके निर्वाचन क्षेत्र भरतपुर के लिए 1 करोड़ रुपये की निधि जारी की है, जो उनके क्षेत्र के लिए अतिरिक्त लाभ है।
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भाजपा के किस सांसद ने कहां और कितने दिए रुपए
राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के सुमेरपुर जनपद में जनोपयोगी धर्मशाला विकास कार्य के लिए 5 लाख रुपए और उत्तर प्रदेश के अयोध्या में सोलर पैनल लगाने के लिए 20 लाख रुपए सांसद कोष से दिए।
राज्यसभा सांसद केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने करनाल, अमृतसर और जालंधर क्षेत्र में सांसद कोष से करीब 20 लाख रुपए जारी किए। यह राशि अस्पताल, स्कूल और ट्रस्ट से जुड़े कार्यों के लिए दी गई।
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राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया ने उत्तर प्रदेश के पीलीभीत और शाहजहांपुर में सांसद कोष से 49 लाख रुपए दिए, जो एलईडी लाइट लगाने के कार्यों में खर्च हुए। राज्यसभा सांसद राजेन्द्र गहलोत ने उत्तर प्रदेश के आगरा में सांसद कोष से बड़ी राशि जारी की। यह पैसा वाटर टैंक और हाईमास्ट लाइटों के लिए दिया गया। इसके अलावा यूपी के मऊ जिले में एक बच्चे को सुनने की मशीन भी सांसद कोष से उपलब्ध कराई गई।
राजनीतिक आकाओं को खुश करने दी : मदन राठौड़
राजस्थान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस के सांसदों ने अपने राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए सांसद निधि का दुरुपयोग किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह अपने क्षेत्र की जनता के साथ धोखाधड़ी है। सांसद निधि जनता को राहत देने के लिए होती है, न कि राजनीतिक आकाओं को खुश करने और उनके कृपा पात्र बने रहने के लिए।
सांसद निधि के यह नियम
अगस्त 2024 के दिशा-निर्देशों के अनुसार सांसद अपने निर्वाचन क्षेत्र के बाहर प्रति वर्ष 25 लाख रुपये (कुछ मामलों में 50 लाख तक) तक के कार्यों की सिफारिश कर सकते हैं, जबकि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में यह सीमा 1 करोड़ रुपये तक हो सकती है।
भाजपा का तर्क है कि यह राजस्थान की जनता के साथ विश्वासघात है क्योंकि इन सांसदों के अपने निर्वाचन क्षेत्रों में कई विकास कार्य अभी भी अधूरे हैं।
मुख्य बिंदू :
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा के आठ सांसदों ने सांसद निधि का 2.64 करोड़ रुपये दूसरे राज्यों में खर्च किया, जबकि कांग्रेस के तीन सांसदों ने यह रकम हरियाणा में खर्च की।
सांसदों को एक वित्तीय वर्ष में 50 लाख रुपये तक की राशि दूसरे राज्यों में विकास कार्यों के लिए खर्च करने की अनुमति है।
कांग्रेस के तीन सांसदों ने हरियाणा के कैथल में सांसद निधि से लगभग 1.30 करोड़ रुपये खर्च किए
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