अब डॉक्टर और स्टाफ साइकिल से आएंगे अस्पताल, पेट्रोल-डीजल बचाने के लिए जारी हुआ आदेश
Ashish Bhardwaj | May 19, 2026, 13:55 IST
Photograph: (the sootr)
पीएम की अपील के बाद सरकारी स्तर पर पेट्रोल-डीजल बचाने के लिए तरह—तरह के आदेश जारी किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में राजस्थान के श्रीगंगानगर में जिला अस्पताल के पूरे स्टाफ को साइकिल पर आने का आदेश दिया गया है।
News In Short
- राजस्थान में पेट्रोल-डीजल बचाने का एक आदेश बना चर्चा का विषय।
- यह आदेश श्रीगंगानगर में जिला अस्पताल के स्टाफ के लिए जारी हुआ है।
- आदेश में पेट्रोल-डीजल बचाने के लिए साइकिल पर आने को कहा गया है।
- यह आदेश जिला चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी ने जारी किया है।
- स्टाफ से कहा है कि यह आदेा व्हाट्सऐप ग्रुप पर भी तामिल माना जाए।
News In Detail
इस आदेश ने अस्पताल के डॉक्टरों से लेकर नर्सिंग स्टाफ तक को गाड़ियों की चाबी घर पर ही छोड़कर साइकिल ढूंढने पर मजबूर कर दिया है।
यह आदेश श्रीगंगानगर में जिला चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी ने सर्कुलर के रूप में जारी किया है। इसमें साफ तौर पर लिखा है कि स्टाफ ड्यूटी पर आने के लिए यथासंभव साइकिल का उपयोग करें ताकि पेट्रोल-डीजल की बचत की जा सके।
क्या है पूरा मामला?
इस परिपत्र के जरिए संस्थान में कार्यरत सभी चिकित्सकों, चिकित्सा शिक्षकों, रेजिडेंट डॉक्टरों, इंटर्न, नर्सिंग कर्मियों, पैरामेडिकल स्टाफ, संविदा कर्मियों और कार्यालय के अन्य कर्मचारियों से कहा गया है कि वे अस्पताल में अपनी ड्यूटी पर उपस्थित होने के लिए बड़े पेट्रोल और डीजल वाहनों (जैसे कारों और बड़ी एसयूवी) का उपयोग न करें।
बड़ी गाड़ी को नो, साइकिल को हां
आदेश में साफ तौर पर लिखा गया है कि स्टाफ ड्यूटी पर आने के लिए छोटे वाहनों (जैसे बाइक या स्कूटी) का इस्तेमाल करें। या फिर सार्वजनिक परिवहन का सहारा लें।
आदेश में ज़ोर देकर कहा गया है कि यथासंभव साइकिल का उपयोग करें ताकि पेट्रोल-डीजल की बचत की जा सके।
दिलचस्प बात यह है कि इस आदेश को केवल कागजी नहीं रहने दिया गया है। इसकी गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बकायदा नोट लिखकर साफ किया गया है कि यह आदेश व्हाट्सऐप ग्रुप पर भी तामिल माना जाएगा। यानी अब कोई भी कर्मचारी 'मुझे पता नहीं था' का बहाना नहीं बना सकेगा।
WhatsApp Image 2026-05-19 at 1.49.59 PM
जनता के बीच कौतूहल का माहौल
स्थानीय लोगों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल बचाने की यह सरकारी होड़ अगर सच में जमीन पर उतरी तो यह न केवल पर्यावरण और देश की अर्थव्यवस्था के लिए बेहतरीन उदाहरण होगा, बल्कि इससे डॉक्टरों की सेहत भी दुरुस्त रहेगी।
हालांकि, स्टाफ के बीच दबी जुबान में इस बात की भी चर्चा है कि आपातकालीन सेवाओं के दौरान इस आदेश का पालन करना कितना व्यावहारिक होगा। बहरहाल, आदेश जारी हो चुका है और अब देखना यह है कि श्रीगंगानगर जिला अस्पताल का यह फॉर्मूला प्रदेश के अन्य विभागों के लिए कितनी बड़ी नजीर बनता है।
ये भी पढे़:-
बिना कैंपस और स्टाफ के सिर्फ कागजों में चल रही बाबा आमटे दिव्यांग यूनिवर्सिटी
पीहर जाने की जिद में मां ने 8 महीने की मासूम को पिलाया तेजाब, वेंटिलेटर पर बच्ची
महिला वन रक्षक ने सीनियर अधिकारी पर लगाए सेक्सुअल हैरेसमेंट के आरोप, विभागीय जांच के आदेश
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari