राजस्थान के पूर्व मंत्री को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं, राज्य सरकार को भी नोटिस
Nitin Kumar Bhal | Jul 16, 2025, 18:26 IST
Photograph: (The Sootr)
सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान के पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया की याचिका पर राजस्थान सरकार को नोटिस जारी किया। भाया ने 19 FIR को एक करने की मांग की थी। शीर्ष कोर्ट ने भाया को भी राहत देने से इनकार किया।
राजस्थान (Rajasthan) के पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रमोद जैन भाया की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। भाया ने याचिका में उनके खिलाफ विभिन्न पुलिस थानों में दर्ज लगभग 19 FIR को एक ही FIR मर्ज या फिर रद्द करने की मांग की थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने स्पष्ट किया कि वे राजस्थान सरकार द्वारा की जा रही जांच पर रोक नहीं लगाएंगे। शीर्ष कोर्ट ने अगली सुनवाई तक भाया के खिलाफ किसी भी कठोर दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी गई है। भाया को सभी मामलों में जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करने का निर्देश दिया है।
यह खबर भी पढ़ें ... राजस्थान के स्कूल में 9 साल की बच्ची को आया हार्टअटैक, एम्बुलेंस में ले जाते मौत
भाया की ओर से वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने तर्क दिया कि ये एफआईआर राजनीतिक प्रेरणा से भरी हुई हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि ये एफआईआर 2023 के राजस्थान विधानसभा चुनावों के बाद दर्ज की गईं, जब भाया ने चुनावी हार के बाद सत्तारूढ़ दल से दूरी बना ली थी। रोहतगी ने अदालत से इन एफआईआर पर रोक लगाने की अपील की।
यह खबर भी पढ़ें ... जयपुर में खान मंत्री प्रमोद जैन भाया के खिलाफ मोर्चा खोले बैठे भरत सिंह ने सिर मुंडवाया, बोले- गहलोत का ईमान मर चुका है
राजस्थान राज्य का प्रतिनिधित्व कर रहे एडिशनल एडवोकेट जनरल शिव मंगल शर्मा ने यह दलील दी कि प्रत्येक एफआईआर अलग-अलग अपराधों से संबंधित है। उन्होंने कहा कि इन एफआईआर को एक साथ जोड़ना न तो कानूनी रूप से संभव है, न ही व्यावहारिक रूप से। शर्मा ने बताया कि इन मामलों की जांच स्वतंत्र रूप से चल रही है।
यह खबर भी पढ़ें ... IT के निशाने पर बोगस चंदा लेने वाले दल, राजस्थान समेत देशभर में छापेमारी
भाया ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश को भी चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने उनकी मांग को खारिज कर दिया था और कहा था कि एफआईआर में अलग-अलग आरोप हैं, जिनमें कोई समानता नहीं है।
यह खबर भी पढ़ें ... जैसलमेर से ज्यादा बीकानेर में रेगिस्तान, जयपुर की जलवायु शेखावाटी जैसी, जानिए काजरी की रिपोर्ट में बदलता राजस्थान
राजस्थान सरकार एफआईआर
यह खबर भी पढ़ें ... राजस्थान के स्कूल में 9 साल की बच्ची को आया हार्टअटैक, एम्बुलेंस में ले जाते मौत
भाया के वकील ने क्या कहा?
यह खबर भी पढ़ें ... जयपुर में खान मंत्री प्रमोद जैन भाया के खिलाफ मोर्चा खोले बैठे भरत सिंह ने सिर मुंडवाया, बोले- गहलोत का ईमान मर चुका है
राज्य सरकार का पक्ष
यह खबर भी पढ़ें ... IT के निशाने पर बोगस चंदा लेने वाले दल, राजस्थान समेत देशभर में छापेमारी
हाई कोर्ट ने भी नहीं दी थी राहत
यह खबर भी पढ़ें ... जैसलमेर से ज्यादा बीकानेर में रेगिस्तान, जयपुर की जलवायु शेखावाटी जैसी, जानिए काजरी की रिपोर्ट में बदलता राजस्थान
कांग्रेस के अमीर नेताओं में शुमार भायाप्रमोद जैन भाया राजस्थान में कांग्रेस के सबसे अमीर नेताओं में शुमार हैं। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनावों में दाखिल हलफनामे के अनुसार भाया की कुल संपत्ति 56 करोड़ 48 लाख रुपए है। बारां की अंता सीट से वे चार बार चुनाव लड़ चुके हैं। 2008 व 2018 में उन्हें जीत हासिल हुई। दोनों बार वे गहलोत सरकार में मंत्री बने। 2013 और 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। | |
FAQ
- क्या सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को नोटिस क्यों जारी किया?
सुप्रीम कोर्ट ने प्रमोद जैन भाया की याचिका पर राजस्थान सरकार को नोटिस जारी किया। भाया ने 19 एफआईआर को एक करने या रद्द करने की मांग की थी। कोर्ट ने राज्य सरकार से चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। - क्या सुप्रीम कोर्ट ने भाया के खिलाफ किसी दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाई है?
हां, सुप्रीम कोर्ट ने भाया के खिलाफ किसी कठोर दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी है। हालांकि, कोर्ट ने उन्हें जांच एजेंसियों के साथ सहयोग करने का निर्देश दिया है। - राजस्थान हाईकोर्ट ने क्यों भाया की याचिका खारिज की थी?
राजस्थान हाईकोर्ट ने भाया की याचिका को खारिज कर दिया था क्योंकि उसमें दर्ज एफआईआर में अलग-अलग आरोप थे और वे एक ही लेन-देन से उत्पन्न नहीं हुए थे, जिससे उनका एक साथ जोड़ना संभव नहीं था।
- प्रमोद जैन भाया (Pramod Jain Bhaya)
- राजस्थान सरकार (Rajasthan Government)
- सुप्रीम कोर्ट नोटिस (Supreme Court Notice)
- एफआईआर एक करने की मांग (FIR Consolidation Request)
- राजनीतिक प्रेरित एफआईआर (Politically Motivated FIR)
राजस्थान सरकार एफआईआर
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari