विवादों में IPS पूर्वा चौधरी : OBC-NCL सर्टिफिकेट पर उठे सवाल, सोशल मीडिया पर तस्वीरें बता रहीं मजबूत स्थिति
Amit Baijnath Garg | Dec 26, 2025, 16:43 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के संगरिया के बोलावाली गांव की रहने वाली पूर्वा चौधरी ने यूपीएससी में 533वीं रैंक हासिल की। उनके OBC-NCL सर्टिफिकेट को लेकर उठ रहा विवाद। आरक्षण पर फिर छिड़ी बहस। वहीं सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों को लेकर भी विवाद जारी।
Jaipur. राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के संगरिया के बोलावाली गांव की रहने वाली पूर्वा चौधरी ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024 में 533वीं रैंक हासिल की। यह उपलब्धि न सिर्फ उनके परिवार, बल्कि पूरे इलाके के लिए गर्व का कारण बन गई है। उनकी इस सफलता के बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल था, लेकिन अब उनका नाम विवाद में घिरा हुआ है।
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पूर्वा की सफलता के बाद सोशल मीडिया पर उनके OBC-NCL (अन्य पिछड़ा वर्ग-नॉन क्रीमी लेयर) सर्टिफिकेट को लेकर बहस शुरू हो गई। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स का आरोप था कि उनके पिता ओमप्रकाश सहारण, जो राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) के वरिष्ठ अधिकारी हैं, के चलते उन्हें OBC-NCL का लाभ नहीं मिलना चाहिए था। इसके बाद एक बार फिर आरक्षण पर बहस छिड़ गई है।
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इसके अलावा, पूर्वा की तस्वीरों में दिख रहे महंगे हैंडबैग और कारों को आधार बनाकर उनकी आर्थिक स्थिति पर भी सवाल उठाए गए। पूर्वा के पिता ओमप्रकाश सहारण वर्तमान में कोटपूतली में अतिरिक्त जिला कलेक्टर हैं, ने इस पूरे विवाद पर अपनी सफाई दी।
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यह पूरा विवाद यूपीएससी के चयन प्रक्रिया और आरक्षण व्यवस्था पर एक नई बहस को जन्म दे रहा है। हाल के वर्षों में OBC, EWS और PwBD कोटे के कथित दुरुपयोग को लेकर कई मामले सामने आ चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यूपीएससी को इस मामले में अधिक पारदर्शी और सख्त दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया लागू करनी चाहिए।
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पूर्वा चौधरी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सेंट जेवियर्स स्कूल से प्राप्त की और फिर दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी शुरू की और सफलता प्राप्त की।
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OBC-NCL सर्टिफिकेट विवाद
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उनके पिता की सफाई
पिता ने समझाए नियम सहारण ने कहा कि OBC-NCL श्रेणी के लिए नियम स्पष्ट हैं। यदि कोई व्यक्ति 40 वर्ष की आयु से पहले सीधी भर्ती के जरिए क्लास-1 या ग्रुप-ए सेवा में आता है, तो उसके परिवार को OBC-NCL का लाभ नहीं मिलता। सहारण ने बताया कि वह 44 वर्ष की आयु में RAS अधिकारी बने थे। इस कारण उनकी बेटी ने सभी नियमों का पालन किया है।
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विवादों में IPS पूर्वा चौधरी
- IPS पूर्वा चौधरी ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024 में 533वीं रैंक हासिल की। उनका आईपीएस में चयन हुआ था।
- पूर्वा का नाम उनके OBC-NCL सर्टिफिकेट और सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों को लेकर विवादों में आया। कुछ लोगों ने उनके पिता की आर्थिक स्थिति पर सवाल उठाए।
- सहारण ने कहा कि उनका परिवार OBC-NCL के नियमों का पालन करता है। वह 44 वर्ष की आयु में RAS अधिकारी बने थे, जिससे उनकी बेटी को लाभ मिलना वैध है।
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