पश्चिम बंगाल में दीदी का दबदबा या खेला होवे? जानें फलोदी के भावों का पूरा गणित
Mukesh Sharma | Apr 20, 2026, 19:29 IST
Photograph: (the sootr)
देश के पांच राज्यों में हो रहे चुनाव को लेकर सट्टा बाजार भी सक्रिय हो गया है। राजस्थान फलोदी सट्टा बाजार के आकलन ने कई राजनीतिक दिग्गज की धड़कनें बढ़ा दी हैं।
Jaipur: देश के पांच राज्यों पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुड्डुचेरी में चुनाव हो रहे हैं। लोकतंत्र के इस महापर्व में फलोदी का सट्टा बाजार भी अपनी भविष्यवाणियों को लेकर गर्म है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा जितनी तेज है, सट्टेबाजों के बीच भी भाव उतने ही उतार-चढ़ाव भरे हैं। हालांकि, वास्तविक परिणाम 4 मई को आएंगे, लेकिन सट्टा बाजार के आकलन ने अभी से कई राजनीतिक सूरमाओं की धड़कनें बढ़ा दी हैं।
सट्टा बाजार में सबसे ज्यादा गहमागहमी और पैसा पश्चिम बंगाल के चुनावों पर लगा है। पश्चिम बंगाल चुनाव के कारण इस समय देश का सबसे बड़ा पॉलिटिकल हॉटस्पॉट बना हुआ है। सट्टेबाजों की मानें तो बंगाल की जंग केवल सीटों की नहीं, बल्कि साख की जंग है।
फलोदी सट्टा बाजार के ताजा भावों के अनुसार बंगाल में सत्ता परिवर्तन की संभावना फिलहाल ना के बराबर नजर आ रही है। सट्टेबाजों का गणित कह रहा है कि ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) अपनी जमीन बचाने में सफल रह सकती है।
हालांकि भाजपा ने बंगाल में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है, लेकिन सट्टा बाजार के भाव अभी भी ममता बनर्जी को बढ़त की स्थिति में दिखा रहे हैं। यहां 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होना है।
दिलचस्प बात यह है कि सट्टेबाजी के कारोबार का सबसे बड़ा हिस्सा बंगाल के नतीजों पर दांव लगा रहा है, जिससे यह साफ है कि जनता और सट्टेबाज दोनों ही इसे सबसे रोमांचक मुकाबला मान रहे हैं।
पूर्वोत्तर के द्वार असम की बात करें तो यहां फलोदी के सट्टेबाजों ने भगवा दल पर भरोसा जताया है। सट्टा बाजार के भावों के अनुसार असम में भाजपा (BJP) को स्पष्ट बढ़त मिलती दिख रही है। विकास के दांव और स्थानीय समीकरणों के चलते यहां भाजपा की वापसी की उम्मीदें सट्टा बाजार में काफी मजबूत हैं। दोनों राज्यों में नौ अप्रैल को मतदान हो चुका है।
वहीं, केंद्र शासित प्रदेश पुड्डुचेरी में भी हवा का रुख बदला हुआ नजर आ रहा है। सट्टा बाजार का आकलन है कि यहां का माहौल एनडीए (NDA) के पक्ष में है। कांग्रेस के हाथ से सत्ता खिसकने के संकेतों ने सट्टा बाजार में एनडीए के भावों को काफी कम (जीत के करीब) कर दिया है।
दक्षिण भारत के दो प्रमुख राज्यों केरल और तमिलनाडु में सट्टा बाजार ने काफी चौंकाने वाले आकलन पेश किए हैं।
केरल का मुकाबला: केरल की राजनीति में अक्सर वाम मोर्चे के नेतृत्व वाले एलडीएफ (LDF) और यूडीएफ (UDF) के बीच सत्ता का फेरबदल होता रहा है। इस बार सट्टा बाजार का झुकाव कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ (UDF) की ओर दिखाई दे रहा है।
हालांकि, सत्तारूढ़ एलडीएफ सीटों के मामले में पिछड़ती तो दिख रही है, लेकिन सट्टेबाजों का मानना है कि एलडीएफ कड़ी टक्कर देने की स्थिति में है। मुकाबला बेहद नेक-टू-नेक बताया जा रहा है। केरल में मतदान नौ अप्रैल को हो चुका है।
तमिलनाडु की लहर: तमिलनाडु में सट्टा बाजार ने एकतरफा संकेत दिए हैं। भावों के अनुसार यहां डीएमके (DMK) की सत्ता में शानदार वापसी होती दिख रही है। एआईएडीएमके (AIADMK) के लिए सट्टा बाजार के भाव फिलहाल काफी ठंडे नजर आ रहे हैं। तमिलनाडु में मतदान 23 अप्रैल को होगा।
राजस्थान का एक छोटा सा कस्बा फलोदी अपने सट्टा बाजार के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। यहां के सट्टेबाजों का नेटवर्क इतना सटीक माना जाता है कि कई बार बड़े-बड़े राजनीतिक विश्लेषक भी इनके भावों का अध्ययन करते हैं।
सट्टा बाजार किसी भी हार-जीत को केवल लहर के आधार पर नहीं, बल्कि ज़मीनी गणित, जातिगत समीकरण और जनता के मिजाज को भांपकर तय करता है। सट्टा बाजार सभी राज्यों में मतदान पूरा होने के बाद नए भाव खोलेगा। इन भाव से संबंधित राज्य में जीतने—हारने वाली पार्टी का ज्यादा पुख्ता अंदाजा लगेगा।
सट्टा बाजार के ये भाव एक अनुमान मात्र हैं। इन्हें जनता का अंतिम फैसला नहीं माना जा सकता। लोकतंत्र में असली बादशाह जनता होती है, जिसका फैसला ईवीएम (EVM) में कैद होता है। जहां एक तरफ सट्टा बाजार ने बंगाल में ममता बनर्जी की वापसी और असम में भाजपा की जीत का अनुमान लगाया है, वहीं तमिलनाडु में डीएमके को जीत का सेहरा पहनाया है।
अब देखना यह है कि 4 मई को जब मतगणना होगी तो फलोदी के सट्टेबाजों का गणित कितना सटीक बैठता है या फिर जनता का जनादेश किसी नए खेला को जन्म देता है। फिलहाल, देशभर की नजरें बंगाल की गलियों से लेकर फलोदी के सट्टा बाजार के बदलते भावों पर टिकी हैं।
पश्चिम बंगाल:
टीएमसी...159 से 162
भाजपा....127 से 130
असम:
भाजपा....74 से 76
कांग्रेस....20 से 22
(एनडीए....97 से 99)
(ऐएसएम...23 से 25)
(एनडीए भाजपानीत और ऐएसएम कांग्रेसनीत गठबंधन है)
केरल:
यूडीएफ....75 से 77
एलडीएफ...62 से 64
(यूडीएफ कांग्रेसनीत और एलडीएफ कम्यूनिस्ट पार्टियों का गठबंधन है )
तमिलनाडु:
डीएमके....141 से 144
पुडुचेरी :
एनडीए.....17 से 19
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क्या दीदी रोक पाएंगी 'कमल' की रफ्तार ?
फलोदी सट्टा बाजार के ताजा भावों के अनुसार बंगाल में सत्ता परिवर्तन की संभावना फिलहाल ना के बराबर नजर आ रही है। सट्टेबाजों का गणित कह रहा है कि ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) अपनी जमीन बचाने में सफल रह सकती है।
हालांकि भाजपा ने बंगाल में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है, लेकिन सट्टा बाजार के भाव अभी भी ममता बनर्जी को बढ़त की स्थिति में दिखा रहे हैं। यहां 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होना है।
दिलचस्प बात यह है कि सट्टेबाजी के कारोबार का सबसे बड़ा हिस्सा बंगाल के नतीजों पर दांव लगा रहा है, जिससे यह साफ है कि जनता और सट्टेबाज दोनों ही इसे सबसे रोमांचक मुकाबला मान रहे हैं।
असम और पुड्डुचेरी: भाजपा और एनडीए की ओर झुकाव
वहीं, केंद्र शासित प्रदेश पुड्डुचेरी में भी हवा का रुख बदला हुआ नजर आ रहा है। सट्टा बाजार का आकलन है कि यहां का माहौल एनडीए (NDA) के पक्ष में है। कांग्रेस के हाथ से सत्ता खिसकने के संकेतों ने सट्टा बाजार में एनडीए के भावों को काफी कम (जीत के करीब) कर दिया है।
केरल में टक्कर और तमिलनाडु में सत्ता बरकरार
केरल का मुकाबला: केरल की राजनीति में अक्सर वाम मोर्चे के नेतृत्व वाले एलडीएफ (LDF) और यूडीएफ (UDF) के बीच सत्ता का फेरबदल होता रहा है। इस बार सट्टा बाजार का झुकाव कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ (UDF) की ओर दिखाई दे रहा है।
हालांकि, सत्तारूढ़ एलडीएफ सीटों के मामले में पिछड़ती तो दिख रही है, लेकिन सट्टेबाजों का मानना है कि एलडीएफ कड़ी टक्कर देने की स्थिति में है। मुकाबला बेहद नेक-टू-नेक बताया जा रहा है। केरल में मतदान नौ अप्रैल को हो चुका है।
तमिलनाडु की लहर: तमिलनाडु में सट्टा बाजार ने एकतरफा संकेत दिए हैं। भावों के अनुसार यहां डीएमके (DMK) की सत्ता में शानदार वापसी होती दिख रही है। एआईएडीएमके (AIADMK) के लिए सट्टा बाजार के भाव फिलहाल काफी ठंडे नजर आ रहे हैं। तमिलनाडु में मतदान 23 अप्रैल को होगा।
फलोदी सट्टा बाजार: राजनीति का अघोषित थर्मामीटर
सट्टा बाजार किसी भी हार-जीत को केवल लहर के आधार पर नहीं, बल्कि ज़मीनी गणित, जातिगत समीकरण और जनता के मिजाज को भांपकर तय करता है। सट्टा बाजार सभी राज्यों में मतदान पूरा होने के बाद नए भाव खोलेगा। इन भाव से संबंधित राज्य में जीतने—हारने वाली पार्टी का ज्यादा पुख्ता अंदाजा लगेगा।
| राज्य | संभावित विजेता (सट्टा बाजार के अनुसार) | स्थिति |
|---|---|---|
| पश्चिम बंगाल | तृणमूल कांग्रेस (TMC) | मजबूत पकड़, बदलाव मुश्किल |
| असम | भाजपा (BJP) | स्पष्ट बढ़त |
| तमिलनाडु | डीएमके (DMK) | सत्ता में वापसी |
| केरल | यूडीएफ (UDF) | एलडीएफ के साथ कड़ी टक्कर |
| पुड्डुचेरी | एनडीए (NDA) | माहौल पक्ष में |
दांव बनाम जनादेश
अब देखना यह है कि 4 मई को जब मतगणना होगी तो फलोदी के सट्टेबाजों का गणित कितना सटीक बैठता है या फिर जनता का जनादेश किसी नए खेला को जन्म देता है। फिलहाल, देशभर की नजरें बंगाल की गलियों से लेकर फलोदी के सट्टा बाजार के बदलते भावों पर टिकी हैं।
फलोदी सट्टा बाजार के अनुसार राज्यवार संभावित सीट:
टीएमसी...159 से 162
भाजपा....127 से 130
west bengal
असम:
भाजपा....74 से 76
कांग्रेस....20 से 22
(एनडीए....97 से 99)
(ऐएसएम...23 से 25)
(एनडीए भाजपानीत और ऐएसएम कांग्रेसनीत गठबंधन है)
assam
केरल:
यूडीएफ....75 से 77
एलडीएफ...62 से 64
(यूडीएफ कांग्रेसनीत और एलडीएफ कम्यूनिस्ट पार्टियों का गठबंधन है )
kerala
तमिलनाडु:
डीएमके....141 से 144
tamilnadu
पुडुचेरी :
एनडीए.....17 से 19
puducherry
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