बंगाल चुनाव ने बढ़ाई हलचल, वोट कटने के डर से मजदूरों का पलायन, जयपुर के ज्वेलरी कारोबार पर संकट

Ashish Bhardwaj | Mar 25, 2026, 12:29 IST
Share
bangal elec
Photograph: (the sootr)

पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए राजस्थान से बंगाली मजदूरों का तेजी से पलायन हो रहा है। इन मजदूरों को मतदान नहीं करने पर अपना वोट कटने का डर सता रहा है। प्रदेश में बड़ी संख्या में बंगाली मजदूर हैं।

News In Short

  • पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव की राजस्थान में भी हलचल।
  • राजस्थान से बंगाली मजदूरों का हो रहा सामूहिक पलायन।
  • बंगाली मजदूरों को डर है कि मतदान नहीं किया तो वोट कट जाएंगे।
  • इस पलायन से ज्वेलरी और टेंट व्यवसाय ठप होने की कगार पर।
  • ज्वेलरी सेक्टर में अकेले करीब 1.25 लाख बंगाली श्रमिक कार्यरत।

News In Detail

Jaipur: ​पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों ने राजस्थान में भी हलचल पैदा कर दी है। बंगाल के नेताओं की ओर से वोट कटने का डर दिखाए जाने के बाद जयपुर में काम कर रहे बंगाली श्रमिकों का अपने पैतृक गांव लौटने का सिलसिला शुरू हो गया है। इस सामूहिक पलायन से जयपुर का विश्वप्रसिद्ध ज्वेलरी और टेंट व्यवसाय ठप होने की कगार पर पहुंच गया है।

​वोट कटने की आशंका ने बढ़ाया पलायन

पश्चिम बंगाल के स्थानीय नेताओं ने श्रमिकों को संदेश भेजा है कि यदि वे वोट डालने नहीं आए तो मतदाता सूची से उनका नाम स्थायी रूप से काट दिया जाएगा। इस चेतावनी ने जयपुर के विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे हजारों कारीगरों और श्रमिकों को घर लौटने पर मजबूर कर दिया है।

बंगाली समाज के सूत्रों का कहना है कि बंगाल में एनआरसी और आधार से जुड़ी पुरानी आशंकाओं के कारण श्रमिकों के मन में यह डर बैठ गया है कि वोट न देना उनके नागरिक अधिकारों के लिए खतरा बन सकता है।

​ठप होने की कगार पर ज्वेलरी व्यवसाय

​जयपुर की अर्थव्यवस्था में बंगाली कारीगर रीढ़ की हड्डी माने जाते हैं। ज्वेलरी ट्रेड और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में अकेले करीब 1.25 लाख बंगाली श्रमिक कार्यरत हैं। सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी के अध्यक्ष कैलाश मित्तल का कहना है कि ज्वेलरी की सूक्ष्म नक्काशी और फिनिशिंग का काम मुख्य रूप से बंगाल के कुशल कारीगर ही करते हैं। यदि ये नहीं रहे, तो काम पूरी तरह रुक जाएगा।

टेंट व्यवसायी रामजी अग्रवाल का कहना है कि टेंट-इवेंट और फ्लावर डेकोरेशन में सवा लाख से अधिक बंगाली श्रमिक जुटे हैं। विवाह का सीजन सिर पर है और ऐसे में श्रमिकों का जाना पूरे कारोबार को संकट में डाल रहा है। जयपुर सहित पूरे प्रदेश में बंगाली श्रमिकों की संख्या 2.5 से 3 लाख के बीच है। इन्हें रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन वोट कटने का डर इतना है कि वे रुकने को तैयार नहीं हैं।

​घरेलू कामकाज पर भी पड़ेगा असर

​पलायन का यह सिलसिला केवल फैक्ट्री और दुकानों तक सीमित नहीं है। जयपुर के घरों में काम करने वाली बंगाली महिलाओं ने भी लंबी छुट्टी की मांग शुरू कर दी है। इनमें से कई महिलाएं एक से दो महीने की छुट्टी लेकर अभी से निकलने की तैयारी में हैं। उनका कहना है कि अगर वे नहीं गईं तो भविष्य में उन्हें सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित होना पड़ सकता है।

​दोगुने किराए पर घर लौटने की होड़

​पलायन की स्थिति इतनी विकट है कि ट्रेनों में टिकट उपलब्ध नहीं हैं। श्रमिक 3000 रुपये तक खर्च कर बसों के जरिए घर जा रहे हैं। कुछ श्रमिकों ने बताया कि ट्रेन में वेटिंग अधिक होने के कारण वे दोगुने और तिगुने पैसे देकर निजी वाहनों का सहारा ले रहे हैं। प्रवासी बंगाली कल्चरल सोसाइटी के सचिव डॉ. रोबिन सरकार ने बताया कि इस गंभीर विषय पर चर्चा के लिए अप्रैल के पहले सप्ताह में विशेष बैठक बुलाई गई है।

​कारोबारियों का फ्लाइट टिकट ऑफर

​शादियों के सीजन और विदेशी ऑर्डर्स को देखते हुए जयपुर के कारोबारी बेहद चिंतित हैं। श्रमिकों को रोकने के लिए कुछ मालिकों ने यह भी वादा किया है कि जो श्रमिक मतदान के तुरंत बाद लौट आएंगे, उन्हें वापसी के लिए हवाई जहाज का टिकट दिया जाएगा।

​हालांकि, इन प्रयासों के बावजूद जयपुर के ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग और टेंट उद्योग पर मंदी और कामकाज ठप होने का काला साया मंडरा रहा है। यदि समय रहते श्रमिक वापस नहीं लौटे तो करोड़ों रुपये का व्यापारिक नुकसान होना तय है।

ये भी पढे़:-

आईपीएस पुष्पेन्द्र सिंह राठौड़ को माना अवमानना का दोषी, अगले महीने तय होगी सजा

उदयपुर आईजी पर लगे जमीन की जबरन रजिस्ट्री कराने के आरोप, एफआईआर में आया नाम

देश में अनिवार्य वोटिंग पर कानून बनाने का प्रस्ताव नहीं, सरकार का संसद में आया जवाब

नीमराणा में एसी प्लांट में भीषण आग, करोड़ों का नुकसान

Tags:
  • राजस्थान
  • विधानसभा चुनाव
  • पश्चिम बंगाल
  • एनआरसी
  • पलायन
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता

By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar

नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि