अब सिर्फ शेयर करना नहीं चलेगा, सोशल मीडिया पर न्यूज डालने वालों के लिए सरकार ला रही सख्त नियम
Neel Tiwari | Mar 31, 2026, 15:17 IST
it rules 2021
सोशल मीडिया पर खबरें शेयर करने वाले लाखों यूजर्स के लिए बड़ा बदलाव आने वाला है। केंद्र सरकार IT नियम, 2021 में संशोधन कर आम लोगों को भी दायरे में लाने की तैयारी में है। अब बिना जांचे-परखे खबर शेयर करना आपको कानूनी दायरे में ला सकता है।
News In Short
- अब सिर्फ मीडिया संस्थान ही नहीं, बल्कि आम लोग भी खबर शेयर करने पर जवाबदेह होंगे।
- सोशल मीडिया कंपनियों पर सख्ती बढ़ेगी, सरकार के निर्देशों का पालन करना प्लेटफॉर्म्स के लिए अनिवार्य किया जाएगा।
- कमेटी को मिलेगी सीधी कार्रवाई की ताकत, सरकारी कमेटी अब खुद से भी मामलों को उठाकर कार्रवाई कर सकेगी।
- फेक न्यूज पर लगेगा कड़ा नियंत्रण, गलत, भ्रामक और अपुष्ट खबरों को रोकने के लिए नियम बनाए जा रहे हैं।
- सरकार ने जनता से इस प्रस्ताव पर राय देने के लिए 14 अप्रैल तक का समय तय किया है।
क्या है पूरा मामला?
अब तक ये नियम मुख्य रूप से डिजिटल न्यूज पोर्टल्स और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स तक सीमित थे, लेकिन तेजी से बढ़ते सोशल मीडिया के प्रभाव को देखते हुए सरकार ने आम यूजर्स को भी इसमें शामिल करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इसका सीधा मतलब है कि अब सोशल मीडिया केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का प्लेटफॉर्म भी बनता जा रहा है।
IT ACT
अब आम यूजर्स पर भी लागू होंगे नियम
इसका मतलब यह है कि अगर कोई व्यक्ति बिना सत्यापन के कोई खबर वायरल करता है, तो उसे इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। यह बदलाव सोशल मीडिया पर फॉरवर्ड या शेयर करने की आदत को सीधे प्रभावित करेगा, जहां लोग अक्सर बिना जांचे जानकारी आगे बढ़ा देते हैं।
सोशल मीडिया कंपनियों के लिए क्या बदलेगा?
यदि ये प्लेटफॉर्म्स सरकार के निर्देशों को नजरअंदाज करते हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि सरकार अब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही तय करने के लिए और सख्त रुख अपनाने जा रही है।
कमेटी को मिलेगी ज्यादा ताकत
यानी अगर सरकार को किसी कंटेंट या खबर पर संदेह होता है, तो यह कमेटी बिना शिकायत के भी उस पर जांच और कार्रवाई शुरू कर सकती है। इससे डिजिटल कंटेंट की निगरानी और नियंत्रण पहले की तुलना में अधिक तेज और प्रभावी हो सकता है।
सरकार का क्या है मकसद?
सरकार मानती है कि सोशल मीडिया पर फैलने वाली अपुष्ट खबरें समाज में भ्रम और तनाव पैदा कर सकती हैं, इसलिए इन्हें नियंत्रित करना जरूरी है।
आप भी दे सकते हैं अपनी राय
इसके लिएitrules.consultation@meity.gov.in ईमेल आईडी जारी की गई है। सरकार ने यह भी भरोसा दिलाया है कि सुझाव देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी, ताकि लोग बिना किसी डर या दबाव के अपनी बात रख सकें।
क्या पड़ेगा असर?
एक तरफ यह कदम फेक न्यूज पर लगाम लगाने में मददगार साबित हो सकता है, वहीं दूसरी तरफ यह भी महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इन नियमों के जरिए अभिव्यक्ति की आजादी और नियंत्रण के बीच संतुलन कैसे बनाए रखती है।
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