रिटायर्ड आईएएस जेएन कंसोटिया ने शेयर की 25 साल पुरानी चिट्ठी, सोशल मीडिया पर हो गई वायरल
Amresh Kushwaha | Mar 29, 2026, 09:51 IST
postcard casteism ias konsotia rajgarh
साल 2001 में रिटायर्ड आईएएस जेएन कंसोटिया को एक पोस्टकार्ड मिला। उसमें लिखा था कि केआर नारायणन शूद्र हैं तो राष्ट्रपति कैसे बन सकते हैं। इस चिट्ठी को साझा कर आईएएस कंसोटिया ने समाज में फैले जातिवाद पर सवाल उठाए हैं…
News In Short
- साल 2001 में रिटायर्ड IAS अफसर जेएन कंसोटिया राजगढ़ जिले के कलेक्टर थे।
- उन्हें एक पोस्टकार्ड मिला जिसमें तत्कालीन राष्ट्रपति केआर नारायणन की जाति पर सवाल उठाया गया था।
- पोस्टकार्ड में पूछा गया था कि शूद्र होने पर नारायणन राष्ट्रपति कैसे बन सकते हैं।
- यह घटना समाज में आज भी मौजूद जातिवादी सोच को उजागर करती है।
- कंसोटिया ने इस किस्से को साझा कर समाज में बदलाव की जरूरत बताई।
News In Detail
एक पोस्टकार्ड जिसने हिला दिया
केआर नारायणन: एक महान शख्सियत
K R Narayanan Acted As A 'Constitutional President': A Centenary Tribute
जातिवाद की सोच आज भी जिंदा है
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समाज में बदलाव की जरूरत
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बदलाव की जरूरत क्यों जरूरी है
वह पोस्टकार्ड आज भी सवाल करता है
FAQ
- क्या केआर नारायणन सच में दलित समाज से थे?
हां, केआर नारायणन (Kocheril Raman Narayanan) केरल के एक दलित परिवार से आते थे। वे बेहद गरीबी में पले-बढ़े लेकिन अपनी पढ़ाई और मेहनत के दम पर IFS (Indian Foreign Service) अधिकारी बने, फिर राजनेता और अंततः भारत के 10वें राष्ट्रपति बने। वे 1997 से 2002 तक राष्ट्रपति रहे। उनका जीवन इस बात का सबूत है कि जाति नहीं, काबिलियत ही असली पहचान होती है। - IAS कंसोटिया को पोस्टकार्ड कब और कहां मिला था?
यह घटना साल 2001 की है, जब जेएन कंसोटिया मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के कलेक्टर थे। उनके दफ्तर में एक पोस्टकार्ड आया जिसमें राष्ट्रपति केआर नारायणन की जाति पर आपत्तिजनक सवाल उठाया गया था। कंसोटिया ने इस किस्से को बाद में सार्वजनिक किया ताकि समाज में जातिवाद के खिलाफ जागरूकता फैले। - कौन हैं रिटायर्ड आईएएस जेन कंसोटिया?
जेएन कंसोटिया मध्यप्रदेश कैडर के 1989 बैच के वरिष्ठ IAS अधिकारी हैं। उनकी प्रशासनिक सेवा करीब तीन दशकों तक रही। उन्होंने अपनी सेवा SDM स्तर से शुरू की। इसके बाद वे जिला कलेक्टर बने और कई जिलों में काम किया। राजगढ़ जिले में वे 2001 में कलेक्टर के पद पर तैनात थे। धीरे-धीरे वे Commissioner, Principal Secretary और फिर ACS (Additional Chief Secretary) के पद तक पहुंचे। अपनी सेवा के दौरान उन्होंने DG RCVP (Rajmata Vijayaraje Scindia Krishi Vishwa Vidyalaya) और ACS Home जैसे अहम पदों की जिम्मेदारी भी संभाली। ये दोनों पद मध्यप्रदेश शासन में बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। अजाक्स के बड़े नेता जेएन कंसोटिया सेवानिवृत्ति के बाद भी वे सामाजिक मुद्दों पर मुखर रहे हैं। जातिवाद और सामाजिक भेदभाव के खिलाफ उनके अनुभव और विचार चर्चा में रहते हैं। वे लंबे समय तक SC-ST कर्मचारियों के संगठन अजाक्स के अध्यक्ष रह चुके हैं।
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