संगीत प्रेमी हैं आईएएस मृणाल मीणा, पहले ही प्रयास में देश में पाई थी 174वीं रैंक
The Sootr | May 03, 2025, 18:15 IST
Photograph: (the sootr)
मृणाल की छवि साफ सुथरी है, वे जहां भी रहे, जमीनी स्तर पर काम किया। इतना ही नहीं वे जनता को मूलभूत सुविधाएं दिलाने को लेकर ठोस काम करते हैं।
हफ़ीज़ बनारसी का मशहूर शेर है कि
जितने ऊंचे ख़याल होते हैं,
उतनी ऊंची उड़ान होती है...
ख़्वाब हर कोई देखता है, पर उन्हें वही व्यक्ति पूरा कर पाता है, जिसके इरादे मजबूत होते हैं। ऐसे ही मजबूत इरादों वाले शख्स हैं आईएएस मृणाल मीणा।
राजस्थान के भरतपुर के रहने वाले मृणाल बचपन से अपने प्रशासनिक अधिकारी पिता के जैसा बनना चाहते थे। अपने सपनों को पूरा करने के लिए उन्होंने 12वीं तक की पढ़ाई राजस्थान में पूरी की। फिर वे आगे की पढ़ाई के लिए हैदराबाद चले गए। वहां उन्होंने नालसार विश्वविद्यालय से लॉ की डिग्री पूरी की। कुछ समय तक लॉ में ही इंटर्नशिप भी की।
मृणाल लॉ में इंटर्नशिप तो कर रहे थे, पर बचपन का सपना अभी पूरा नहीं हुआ था। फिर क्या था, उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा की ओर रुख किया। कड़ी मेहनत की। लगन के साथ अपने पहले ही प्रयास में वे सिविल सेवा का एग्जाम पास कर गए। उन्हें 174वीं रैंक मिली। यहीं से उनकी जिंदगी का नया सफर शुरू हुआ। उन्हें मध्य प्रदेश कैडर अलॉट हुआ।
मृणाल की छवि साफ सुथरी है, वे जहां भी रहे, जमीनी स्तर पर काम किया। मैदानी पदस्थापना के बीच जब सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं तो उन्होंने नवाचार करते हुए शिक्षकों को ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करवाने के आदेश दे दिए। इतना ही नहीं वे जनता को मूलभूत सुविधाएं दिलाने को लेकर ठोस काम करते हैं।
यह भी पढ़ें... IAS संजीव श्रीवास्तव की रॉबिनहुड सी छवि, विवादों से नाता... भेष बदलकर कई दफा मारी रेड
![5c8b328b-e70]()
आईएएस मीणा को भूमि संसाधन के अंतर्गत सर्वश्रेष्ठ भू-प्रबंधन और प्रशासन के लिए केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा सम्मानित किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें पुरस्कृत किया था। देश के 750 जिलों में से 75 जिलों के कलेक्टर, एसडीएम और राजस्व भूमि अभिलेख अधिकारियों को यह सम्मान दिया गया था, इन्हीं में से एक मृणाल मीणा थे, तब वे उज्जैन में पदस्थ थे।
यह भी पढ़ें... पूर्व IAS रमेश थेटे को MP हाईकोर्ट से बड़ा झटका, भ्रष्टाचार केस में याचिका खारिज
![44d600fc-ee1]()
संगीत एक ऐसी विधा है, जिसमें आमतौर पर सभी की रुचि होती है। मृणाल को संगीत से बेहद लगाव है। उन्हें संगीत सुनना और गाना दोनों ही बेहद पसंद है। वे कई इंस्ट्रूमेंट्स बजा भी लेते हैं। खास तौर पर उन्हें गिटार बजाना पसंद करते हैं। उन्होंने यूट्यूब पर अपना चैनल भी बना रखा है, जिस पर वे अपने गिटार बजाते हुए वीडियो पोस्ट करते हैं।
यह भी पढ़ें... " पद बचाने की फिक्र में मसूरी ट्रेनिंग से दूरी बना रहे मप्र के IAS अफसर "
नाम: मृणाल मीना
जन्म दिनांक: 18-03-1990
जन्म स्थान: भरतपुर, राजस्थान
एजुकेशन: LL.B. (Hons.) B.A
बैच: RR; 2015 (मध्यप्रदेश)
![7ac67f96-b51]()
3 मई 2025 की स्थिति में आईएएस मृणाल मीना बालाघाट कलेक्टर हैं। उनकी पहली पदस्थापना रीवा में सहायक कलेक्टर के तौर पर हुई थी। फिर वे SDM मुरैना, सीईओ जिला पंचायत राजगढ़, नगर निगम कमिश्नर रीवा रहे। इसी के साथ बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में वे एडिशनल कलेक्टर, सीईओ जिला पंचायत और महाकाल मंदिर प्रशासक बने।
यह भी पढ़ें... वाड्रा-डीएलएफ लैंड डील का खुलासा करने वाले आईएएस अशोक खेमका हुए रिटायर, 34 साल में झेले 57 तबादले
जितने ऊंचे ख़याल होते हैं,
उतनी ऊंची उड़ान होती है...
ख़्वाब हर कोई देखता है, पर उन्हें वही व्यक्ति पूरा कर पाता है, जिसके इरादे मजबूत होते हैं। ऐसे ही मजबूत इरादों वाले शख्स हैं आईएएस मृणाल मीणा।
राजस्थान के भरतपुर के रहने वाले मृणाल बचपन से अपने प्रशासनिक अधिकारी पिता के जैसा बनना चाहते थे। अपने सपनों को पूरा करने के लिए उन्होंने 12वीं तक की पढ़ाई राजस्थान में पूरी की। फिर वे आगे की पढ़ाई के लिए हैदराबाद चले गए। वहां उन्होंने नालसार विश्वविद्यालय से लॉ की डिग्री पूरी की। कुछ समय तक लॉ में ही इंटर्नशिप भी की।
मृणाल लॉ में इंटर्नशिप तो कर रहे थे, पर बचपन का सपना अभी पूरा नहीं हुआ था। फिर क्या था, उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा की ओर रुख किया। कड़ी मेहनत की। लगन के साथ अपने पहले ही प्रयास में वे सिविल सेवा का एग्जाम पास कर गए। उन्हें 174वीं रैंक मिली। यहीं से उनकी जिंदगी का नया सफर शुरू हुआ। उन्हें मध्य प्रदेश कैडर अलॉट हुआ।
शिकायतें मिलीं तो शिक्षकों पर कसी लगाम
यह भी पढ़ें... IAS संजीव श्रीवास्तव की रॉबिनहुड सी छवि, विवादों से नाता... भेष बदलकर कई दफा मारी रेड
राष्ट्रपति से मिला था सम्मान
5c8b328b-e70
आईएएस मीणा को भूमि संसाधन के अंतर्गत सर्वश्रेष्ठ भू-प्रबंधन और प्रशासन के लिए केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा सम्मानित किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें पुरस्कृत किया था। देश के 750 जिलों में से 75 जिलों के कलेक्टर, एसडीएम और राजस्व भूमि अभिलेख अधिकारियों को यह सम्मान दिया गया था, इन्हीं में से एक मृणाल मीणा थे, तब वे उज्जैन में पदस्थ थे।
यह भी पढ़ें... पूर्व IAS रमेश थेटे को MP हाईकोर्ट से बड़ा झटका, भ्रष्टाचार केस में याचिका खारिज
संगीत प्रेमी हैं आईएएस मृणाल मीणा
44d600fc-ee1
संगीत एक ऐसी विधा है, जिसमें आमतौर पर सभी की रुचि होती है। मृणाल को संगीत से बेहद लगाव है। उन्हें संगीत सुनना और गाना दोनों ही बेहद पसंद है। वे कई इंस्ट्रूमेंट्स बजा भी लेते हैं। खास तौर पर उन्हें गिटार बजाना पसंद करते हैं। उन्होंने यूट्यूब पर अपना चैनल भी बना रखा है, जिस पर वे अपने गिटार बजाते हुए वीडियो पोस्ट करते हैं।
यह भी पढ़ें... " पद बचाने की फिक्र में मसूरी ट्रेनिंग से दूरी बना रहे मप्र के IAS अफसर "
कॅरियर एक नजर
जन्म दिनांक: 18-03-1990
जन्म स्थान: भरतपुर, राजस्थान
एजुकेशन: LL.B. (Hons.) B.A
बैच: RR; 2015 (मध्यप्रदेश)
पदस्थापना
7ac67f96-b51
3 मई 2025 की स्थिति में आईएएस मृणाल मीना बालाघाट कलेक्टर हैं। उनकी पहली पदस्थापना रीवा में सहायक कलेक्टर के तौर पर हुई थी। फिर वे SDM मुरैना, सीईओ जिला पंचायत राजगढ़, नगर निगम कमिश्नर रीवा रहे। इसी के साथ बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में वे एडिशनल कलेक्टर, सीईओ जिला पंचायत और महाकाल मंदिर प्रशासक बने।
यह भी पढ़ें... वाड्रा-डीएलएफ लैंड डील का खुलासा करने वाले आईएएस अशोक खेमका हुए रिटायर, 34 साल में झेले 57 तबादले
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari