अनुशासन, मेहनत और आत्मविश्वास से आईएएस वैशाली जैन ने दूसरे प्रयास में हासिल की 21वीं रैंक
Abhilasha Saksena Chakraborty | Dec 30, 2025, 15:43 IST
IAS Vaishali Jain
आईएएस वैशाली जैन ने कोरोना से जंग लड़कर यूपीएससी 2020 में अपने दूसरे प्रयास में सफलता हासिल की। वैशाली ने नौकरी के साथ ही तैयारी कर ऑल इंडिया रैंक 21 हासिल की। वैशाली आज देशभर की बेटियों के लिए प्रेरणा हैं।
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिनी जाती है। हर साल लाखों युवा इस परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन सफलता कुछ चुनिंदा लोगों को ही मिलती है। वैशाली जैन उन्हीं में से एक हैं जिन्होंने साल 2020 में अपने दूसरे ही प्रयास में 21वीं रैंक लाकर इस परीक्षा में सफलता हासिल की।
खास बात यह है कि उसी साल उनकी छोटी बहन अंकिता जैन ने ऑल इंडिया तीसरी रैंक हासिल की। अपनी सफलता से वैशाली ने यह साबित कर दिया है कि निरंतर मेहनत और सही रणनीति से असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है।
उत्तर प्रदेश के आगरा की रहने वाली IAS Vaishali Jainपढ़ाई में शुरू से ही मेधावी रही हैं। उन्होंने दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (DTU) से बी.टेक की पढ़ाई की और इसके बाद आईआईटी दिल्ली से एम.टेक पूरा किया। एम.टेक के दौरान उन्होंने स्वर्ण पदक भी हासिल किया, जो उनकी शैक्षणिक प्रतिभा को दर्शाता है।
वैशाली के पिता सुशील कुमार जैन एक व्यवसायी हैं और उनकी माता अनीता जैन गृहिणी हैं। परिवार में शिक्षा और अनुशासन का हमेश से माहौल रहा है। उनकी बड़ी बहन अंकिता जैन और एक छोटा भाई भी हैं।
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एम. टेक पूरा करने के बाद वैशाली ने यूपीएससी सिविल सर्विसेज परीक्षा की तैयारी शुरू की। 2019 में उन्होंने पहला प्रयास किया, लेकिन उस बार वे प्रारंभिक परीक्षा भी पास नहीं कर सकीं। यह असफलता उनके लिए भावनात्मक रूप से कठिन थी और कुछ समय के लिए वे हतोत्साहित भी हो गईं।
इस दौर में उनकी बड़ी बहन अंकिता जैन ने उनका हौसला बढ़ाया। दोनों बहनों ने तय किया कि वे साथ मिलकर तैयारी करेंगी। वे न केवल नोट्स साझा करती थीं, बल्कि मानसिक रूप से एक-दूसरे को मजबूत भी रखती थीं।
प्रेरणा बनाए रखने के लिए उन्होंने अपने अध्ययन कक्ष की दीवार पर एक कविता भी लगाई थी, जो उन्हें मुश्किल समय में आगे बढ़ने की शक्ति देती थी। यूपीएससी में चयन के पहले वैशाली का इंजीनियरिंग सर्विसेज एग्जामिनेशन (ESE) में चयन हुआ था।
![List of Inspiring IAS Sisters Who Cracked UPSC]()
पहले प्रयास की असफलता से सीख लेते हुए आईएएस वैशाली जैन ने अपनी रणनीति में बदलाव किया। उन्होंने अपनी कमजोरियों पर काम किया, विषयों की बेहतर समझ विकसित की और निरंतर अभ्यास किया।
दूसरे प्रयास में उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने यूपीएससी सीएसई 2020 में 21वीं रैंक हासिल की। यह सफलता न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि थी, बल्कि दो बहनों की संयुक्त सफलता ने पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया।
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वैशाली जैन के अनुसार, यूपीएससी की तैयारी में समय प्रबंधन सबसे अहम भूमिका निभाता है। वे प्रतिदिन लगभग 11 से 12 घंटे अध्ययन करती थीं। उनका मानना है कि पढ़ाई की गुणवत्ता, घंटों की संख्या से अधिक महत्वपूर्ण होती है।
वे पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों को हल करने पर विशेष जोर देती हैं, ताकि परीक्षा के पैटर्न और प्रश्नों की प्रकृति को समझा जा सके। इसके अलावा, वैशाली मानती हैं कि सकारात्मक और प्रेरणादायक माहौल दिमाग की सोच को सही दिशा देता है और लंबे समय तक प्रेरणा बनाए रखता है।
रीवा में खाद की लगातार बढ़ती किल्लत और कालाबाजारी के खिलाफ कड़ा कदम उठाने को लेकर एसडीएम वैशाली जैन की जमकर सराहना की गई थीi उन्होंने खुद ग्राहक बनकर खाद वितरण केंद्र का निरीक्षण किया और मौके पर चल रही कालाबाजारी व मुनाफाखोरी को रंगे हाथों उजागर किया। उनके इस सख्त और नवाचारी एक्शन से न सिर्फ गड़बड़ी सामने आई, बल्कि किसानों में भरोसा भी मजबूत हुआ।
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नाम: आईएएस वैशाली जैन
जन्म: 18/06/1994
जन्मस्थान: आगरा
एजुकेशन: एम.टेक
बैच: 2021
कैडर: मध्य प्रदेश कैडर
IAS Vaishali Jain वर्तमान में रतलाम जिले की सीईओ और एडिशनल कलेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। इसके पहले वो रीवा एसडीएम भी रह चुकी हैं।
वैशाली जैन की सफलता यह साबित करती है कि असफलता अंत नहीं होती, बल्कि वह सीखने का अवसर होती है। सही मार्गदर्शन, आत्मविश्वास और निरंतर मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। वैशाली जैन यह साबित करती हैं कि अगर इरादे मजबूत हों, तो दूसरा प्रयास जीवन बदल सकता है।
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(प्रोफाइल 353- 2 मार्च 2026 तक अपडेट)
खास बात यह है कि उसी साल उनकी छोटी बहन अंकिता जैन ने ऑल इंडिया तीसरी रैंक हासिल की। अपनी सफलता से वैशाली ने यह साबित कर दिया है कि निरंतर मेहनत और सही रणनीति से असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है।
पढ़ाई में शुरू से रही अव्वल
वैशाली के पिता सुशील कुमार जैन एक व्यवसायी हैं और उनकी माता अनीता जैन गृहिणी हैं। परिवार में शिक्षा और अनुशासन का हमेश से माहौल रहा है। उनकी बड़ी बहन अंकिता जैन और एक छोटा भाई भी हैं।
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यूपीएससी की तैयारी: असफलता से आत्मविश्वास तक
इस दौर में उनकी बड़ी बहन अंकिता जैन ने उनका हौसला बढ़ाया। दोनों बहनों ने तय किया कि वे साथ मिलकर तैयारी करेंगी। वे न केवल नोट्स साझा करती थीं, बल्कि मानसिक रूप से एक-दूसरे को मजबूत भी रखती थीं।
प्रेरणा बनाए रखने के लिए उन्होंने अपने अध्ययन कक्ष की दीवार पर एक कविता भी लगाई थी, जो उन्हें मुश्किल समय में आगे बढ़ने की शक्ति देती थी। यूपीएससी में चयन के पहले वैशाली का इंजीनियरिंग सर्विसेज एग्जामिनेशन (ESE) में चयन हुआ था।
List of Inspiring IAS Sisters Who Cracked UPSC
दूसरे प्रयास में शानदार सफलता
दूसरे प्रयास में उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने यूपीएससी सीएसई 2020 में 21वीं रैंक हासिल की। यह सफलता न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि थी, बल्कि दो बहनों की संयुक्त सफलता ने पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया।
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तैयारी की रणनीति: अनुशासन और निरंतरता
वे पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों को हल करने पर विशेष जोर देती हैं, ताकि परीक्षा के पैटर्न और प्रश्नों की प्रकृति को समझा जा सके। इसके अलावा, वैशाली मानती हैं कि सकारात्मक और प्रेरणादायक माहौल दिमाग की सोच को सही दिशा देता है और लंबे समय तक प्रेरणा बनाए रखता है।
खुद ग्राहक बनकर मुनाफाखोरों को किया बेनकाब
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नाम: आईएएस वैशाली जैन
जन्म: 18/06/1994
जन्मस्थान: आगरा
एजुकेशन: एम.टेक
बैच: 2021
कैडर: मध्य प्रदेश कैडर
पदस्थापना
वैशाली जैन की सफलता यह साबित करती है कि असफलता अंत नहीं होती, बल्कि वह सीखने का अवसर होती है। सही मार्गदर्शन, आत्मविश्वास और निरंतर मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। वैशाली जैन यह साबित करती हैं कि अगर इरादे मजबूत हों, तो दूसरा प्रयास जीवन बदल सकता है।
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FAQ
- वैशाली जैन की शैक्षणिक योग्यता क्या है?
वैशाली जैन ने दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (DTU) से बी.टेक और आईआईटी दिल्ली से एम.टेक किया है। एम.टेक के दौरान उन्होंने स्वर्ण पदक भी प्राप्त किया। - वैशाली जैन ने यूपीएससी कितने प्रयासों में पास की?
वैशाली जैन ने दूसरे प्रयास में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास की। पहले प्रयास में वे प्रारंभिक परीक्षा में सफल नहीं हो सकीं थीं। - वैशाली जैन की यूपीएससी तैयारी की रणनीति क्या थी?
उनकी रणनीति में समय प्रबंधन, रोज़ाना 11–12 घंटे की पढ़ाई, पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का अभ्यास, और सकारात्मक अध्ययन वातावरण बनाए रखना शामिल था।
(प्रोफाइल 353- 2 मार्च 2026 तक अपडेट)
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