01 जुलाई का इतिहास: क्यों मनाया जाता है National Doctors Day
Kaushiki | Jul 01, 2026, 08:00 IST
National Doctors Day
भारत में हर साल 1 जुलाई को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस मनाया जाता है। यह दिन देश के महान डॉक्टर और पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ बिधान चंद्र रॉय की याद में मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य डॉक्टरों के निस्वार्थ योगदान को सम्मान देना है।
National Doctors Day: हमारे जीवन में डॉक्टरों का स्थान माता-पिता से कम नहीं होता है। बीमारी के समय डॉक्टर ही हमें नया जीवन देने का काम करते हैं। इसीलिए डॉक्टरों को धरती पर भगवान का दूसरा रूप माना जाता है। उनकी इसी निस्वार्थ सेवा को सम्मान देने के लिए एक खास दिन चुना गया।
भारत में हर साल 1 जुलाई को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस मनाते हैं। इस दिन को अंग्रेजी में नेशनल डॉक्टर्स डे भी कहा जाता है। यह दिन डॉक्टरों के कड़े परिश्रम और उनके योगदान को याद दिलाता है। पूरा देश इस दिन अपने डॉक्टरों के प्रति आभार व्यक्त करता है।
डॉक्टर और पेशेंट के बीच के अटूट रिश्ते को मजबूत करने के लिए साल 1991 में भारत सरकार ने इस दिन की शुरुआत की थी। आइए जानें क्यों मनाते हैं National Doctors' Day...
![National Doctors Day]()
डॉक्टर बिधान चंद्र रॉय के निधन के बाद देश में चर्चा शुरू हुई। उनके महान कार्यों को हमेशा के लिए जिंदा रखना बहुत जरूरी था। इसी बात को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने एक फैसला लिया। साल 1991 में पहली बार राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस मनाने की घोषणा हुई थी।
तब से लेकर आज तक हर साल इस दिन को मनाया जाता है। यह दिन देश के सभी डॉक्टरों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। यह डॉक्टरों को उनके सेवा भाव के पुराने संकल्प की याद दिलाता है। आज के समय में इस दिन का महत्व और भी ज्यादा बढ़ गया है।
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इस दिन को मनाने के पीछे गहरे और सामाजिक कारण हैं। इसका उद्देश्य डॉक्टरों के प्रति समाज में सम्मान की भावना जगाना है। डॉक्टर अपनी परवाह किए बिना दिन-रात मरीजों की सेवा में जुटे रहते हैं। कोरोना काल में हमने डॉक्टरों के त्याग को बहुत करीब से देखा है।
कई डॉक्टरों ने मरीजों की जान बचाते हुए अपनी जान गंवा दी थी। यह दिन उन सभी शहीद डॉक्टरों की शहादत को याद करने का है। साथ ही यह दिन डॉक्टर और मरीज के रिश्ते को मजबूत बनाता है। समाज को डॉक्टरों के काम की अहमियत समझाने के लिए यह जरूरी है।
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इस खास दिन को मनाने के पीछे एक बहुत बड़ी कहानी है। ये दिन भारत के एक महान डॉक्टर की याद में मनाया जाता है। उनका पूरा नाम डॉक्टर बिधान चंद्र रॉय था। वे अपने जमाने के देश के सबसे मशहूर फिजिशियन और डॉक्टर थे।
चिकित्सा क्षेत्र में उनका योगदान बहुत ही अद्भुत और अविस्मरणीय रहा है। उन्होंने अपना पूरा जीवन मरीजों की मुफ्त सेवा करने में लगा दिया था। वे गरीब मरीजों का इलाज बिना पैसे लिए बहुत प्यार से करते थे। उनकी इसी सेवा भावना के कारण देश उन्हें आज भी याद करता है।
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डॉक्टर बिधान चंद्र रॉय के जीवन में एक बहुत ही अनोखा संयोग था। उनका जन्म 1 जुलाई साल 1882 को बिहार के बांकीपुर में हुआ था। उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत से मेडिकल के क्षेत्र में बड़ी डिग्रियां हासिल कीं। इसके बाद उन्होंने समाज के हर वर्ग के लोगों का इलाज शुरू किया।
सालों तक देश की सेवा करने के बाद उनका निधन भी 1 जुलाई को हुआ। साल 1962 में 1 जुलाई को उन्होंने अंतिम सांस ले ली थी। जन्म और मृत्यु की एक ही तारीख होने के कारण यह दिन खास बना। इसीलिए सरकार ने 1 जुलाई को डॉक्टर्स डे के रूप में चुना।
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डॉक्टर बिधान चंद्र रॉय सिर्फ आम लोगों के ही डॉक्टर नहीं थे। वे देश के बड़े-बड़े स्वतंत्रता सेनानियों के भी पसंदीदा चिकित्सक थे। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी भी डॉक्टर बिधान चंद्र रॉय पर बहुत भरोसा करते थे। भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान गांधी जी की तबीयत काफी खराब हो गई थी।
तब डॉक्टर रॉय ने ही उनकी देखरेख की और उन्हें पूरी तरह ठीक किया। गांधी जी उनके इलाज के तरीके और उनके व्यवहार के बड़े प्रशंसक थे। बिधान बाबू ने हमेशा राजनीति से ऊपर उठकर अपने डॉक्टर धर्म को निभाया था। उनके लिए मरीज की जान बचाना सबसे पहला और आखिरी कर्तव्य था।
![कौन थे बिधान चंद्र राॅय, जिनकी याद में मनाया जाता हैं नेशनल डॉक्टर्स डे? | National doctors day 2024 theme Why national doctors day is celebrated on 1st july bidhan chandra roy]()
डॉक्टर बिधान चंद्र रॉय सिर्फ एक अच्छे डॉक्टर ही नहीं थे। वे एक बहुत ही कुशल राजनीतिज्ञ और देश के सच्चे सेवक भी थे। आजादी के बाद वे पश्चिम बंगाल के दूसरे मुख्यमंत्री बनाए गए थे। उन्होंने मुख्यमंत्री के पद पर रहते हुए भी डॉक्टरों वाली सादगी रखी थी। उन्होंने बंगाल के विकास के लिए बहुत सारे ऐतिहासिक और बड़े काम किए।
वे मुख्यमंत्री कार्यालय में भी गरीब मरीजों की नब्ज टटोला करते थे। उनके इसी योगदान के कारण उन्हें बंगाल का निर्माता भी कहा जाता है। साल 1961 में उन्हें देश का सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न दिया गया था।
![राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस 2025: भारत में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस 1 जुलाई को क्यों मनाया जाता है? डॉ. बिधान चंद्र रॉय कौन थे?]()
बिधान बाबू ने देश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने का सपना देखा था। उन्होंने भारत में कई प्रसिद्ध मेडिकल संस्थानों की स्थापना में मदद की थी। जादवपुर टीबी अस्पताल और चितरंजन सेवा सदन की नींव उन्होंने रखी थी। आरजी कर मेडिकल कॉलेज को आगे बढ़ाने में उनका बड़ा योगदान था।
डॉक्टर बिधान चंद्र चाहते थे कि देश के हर गरीब को अच्छा इलाज मिल सके। इसके लिए उन्होंने डॉक्टरों की एक नई फौज तैयार करने पर जोर दिया। आज हमारा मेडिकल सिस्टम जिस ऊंचाई पर है उसमें उनका बड़ा हाथ है। उनका जीवन नए डॉक्टरों के लिए एक गाइड बुक की तरह काम करता है।
![National Doctor's Day: 1 जुलाई को क्यों मनाते हैं नेशनल डॉक्टर्स डे, कब हुई थी इसकी शुरुआत? - national doctors day 2022 july 1 why do we celebrate doctors day know significance]()
राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस को हर साल एक नई थीम के साथ मनाते हैं। यह थीम स्वास्थ्य क्षेत्र की वर्तमान चुनौतियों को ध्यान में रखकर चुनी जाती है। इस साल भी एक बेहद खास और विचारणीय थीम तय की गई है। इस थीम के जरिए डॉक्टरों को सुरक्षित माहौल देने की बात कही गई है।
अक्सर अस्पतालों में डॉक्टरों के साथ हिंसा की खबरें सामने आती हैं। यह थीम समाज को डॉक्टरों की सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का काम करेगी। जब डॉक्टर सुरक्षित होंगे तभी वे मरीजों का बेहतर इलाज कर पाएंगे। हमें डॉक्टरों को डराने के बजाय उनका साथ देने की जरूरत है।
![National Doctors Day 2020: जानिए डॉक्टर्स डे का महत्व, 1 जुलाई को ही क्यों मनाया जाता है ये दिन | National Doctors Day 2020 what is the importance of this day why]()
डॉक्टर बिधान चंद्र रॉय ने जो रास्ता दिखाया था वह बहुत पवित्र है। आज के कमर्शियल दौर में भी कई डॉक्टर पूरी ईमानदारी से काम कर रहे हैं। वे दूर-दराज के गांवों में जाकर मुफ्त चिकित्सा शिविर लगाते हैं। हमें ऐसे सभी डॉक्टरों का हौसला बढ़ाने की बहुत जरूरत है।
एक अच्छे समाज का निर्माण डॉक्टरों के सहयोग के बिना बिल्कुल नहीं हो सकता। आइए इस 1 जुलाई को हम सभी अपने डॉक्टरों का आभार व्यक्त करें। उन्हें धन्यवाद कहें जिन्होंने कभी न कभी हमारी या अपनों की जान बचाई। यही डॉक्टर बिधान चंद्र रॉय के प्रति सच्ची और सबसे बड़ी श्रद्धांजलि होगी।
Reference Links:
आज का इतिहास मेंहर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है। 01 जुलाई का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है। इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी।
आइए जानते हैं 01 जुलाई (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
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भारत में हर साल 1 जुलाई को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस मनाते हैं। इस दिन को अंग्रेजी में नेशनल डॉक्टर्स डे भी कहा जाता है। यह दिन डॉक्टरों के कड़े परिश्रम और उनके योगदान को याद दिलाता है। पूरा देश इस दिन अपने डॉक्टरों के प्रति आभार व्यक्त करता है।
डॉक्टर और पेशेंट के बीच के अटूट रिश्ते को मजबूत करने के लिए साल 1991 में भारत सरकार ने इस दिन की शुरुआत की थी। आइए जानें क्यों मनाते हैं National Doctors' Day...
National Doctors Day
साल 1991 में हुई थी इस दिन की शुरुआत
तब से लेकर आज तक हर साल इस दिन को मनाया जाता है। यह दिन देश के सभी डॉक्टरों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। यह डॉक्टरों को उनके सेवा भाव के पुराने संकल्प की याद दिलाता है। आज के समय में इस दिन का महत्व और भी ज्यादा बढ़ गया है।
Why India Celebrates National Doctor's Day on July 1? History, Significance and 2024 Theme Explained | Lifestyle News - News18
क्या है राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस मनाने का उद्देश्य
कई डॉक्टरों ने मरीजों की जान बचाते हुए अपनी जान गंवा दी थी। यह दिन उन सभी शहीद डॉक्टरों की शहादत को याद करने का है। साथ ही यह दिन डॉक्टर और मरीज के रिश्ते को मजबूत बनाता है। समाज को डॉक्टरों के काम की अहमियत समझाने के लिए यह जरूरी है।
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डॉ बिधान चंद्र रॉय को समर्पित है ये दिन
चिकित्सा क्षेत्र में उनका योगदान बहुत ही अद्भुत और अविस्मरणीय रहा है। उन्होंने अपना पूरा जीवन मरीजों की मुफ्त सेवा करने में लगा दिया था। वे गरीब मरीजों का इलाज बिना पैसे लिए बहुत प्यार से करते थे। उनकी इसी सेवा भावना के कारण देश उन्हें आज भी याद करता है।
Doctor Day 2022:पहली बार कब और क्यों मनाया गया था डॉक्टर्स डे? जानें इस दिन का इतिहास, महत्व और थीम - Doctor Day 2022 Know First Time When And Why Doctors Day
एक ही तारीख को हुआ था जन्म और देहांत
सालों तक देश की सेवा करने के बाद उनका निधन भी 1 जुलाई को हुआ। साल 1962 में 1 जुलाई को उन्होंने अंतिम सांस ले ली थी। जन्म और मृत्यु की एक ही तारीख होने के कारण यह दिन खास बना। इसीलिए सरकार ने 1 जुलाई को डॉक्टर्स डे के रूप में चुना।
কেবল বাংলার রূপাকর নন তিনি ধন্বন্তরিও, এক সময় কলকাতায় ট্যাক্সিও চালিয়েছেন বিধান রায় - Specials - Aaj Tak Bangla
महात्मा गांधी के निजी डॉक्टर थे बिधान बाबू
तब डॉक्टर रॉय ने ही उनकी देखरेख की और उन्हें पूरी तरह ठीक किया। गांधी जी उनके इलाज के तरीके और उनके व्यवहार के बड़े प्रशंसक थे। बिधान बाबू ने हमेशा राजनीति से ऊपर उठकर अपने डॉक्टर धर्म को निभाया था। उनके लिए मरीज की जान बचाना सबसे पहला और आखिरी कर्तव्य था।
कौन थे बिधान चंद्र राॅय, जिनकी याद में मनाया जाता हैं नेशनल डॉक्टर्स डे? | National doctors day 2024 theme Why national doctors day is celebrated on 1st july bidhan chandra roy
बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में किया बेहतरीन काम
वे मुख्यमंत्री कार्यालय में भी गरीब मरीजों की नब्ज टटोला करते थे। उनके इसी योगदान के कारण उन्हें बंगाल का निर्माता भी कहा जाता है। साल 1961 में उन्हें देश का सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न दिया गया था।
राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस 2025: भारत में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस 1 जुलाई को क्यों मनाया जाता है? डॉ. बिधान चंद्र रॉय कौन थे?
मॉडर्न मेडिकल सिस्टम की रखी थी मजबूत नींव
डॉक्टर बिधान चंद्र चाहते थे कि देश के हर गरीब को अच्छा इलाज मिल सके। इसके लिए उन्होंने डॉक्टरों की एक नई फौज तैयार करने पर जोर दिया। आज हमारा मेडिकल सिस्टम जिस ऊंचाई पर है उसमें उनका बड़ा हाथ है। उनका जीवन नए डॉक्टरों के लिए एक गाइड बुक की तरह काम करता है।
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हर साल एक खास थीम के साथ मनता है यह दिन
अक्सर अस्पतालों में डॉक्टरों के साथ हिंसा की खबरें सामने आती हैं। यह थीम समाज को डॉक्टरों की सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का काम करेगी। जब डॉक्टर सुरक्षित होंगे तभी वे मरीजों का बेहतर इलाज कर पाएंगे। हमें डॉक्टरों को डराने के बजाय उनका साथ देने की जरूरत है।
National Doctors Day 2020: जानिए डॉक्टर्स डे का महत्व, 1 जुलाई को ही क्यों मनाया जाता है ये दिन | National Doctors Day 2020 what is the importance of this day why
समाज के हर नागरिक का कर्तव्य है डॉक्टरों का सम्मान
एक अच्छे समाज का निर्माण डॉक्टरों के सहयोग के बिना बिल्कुल नहीं हो सकता। आइए इस 1 जुलाई को हम सभी अपने डॉक्टरों का आभार व्यक्त करें। उन्हें धन्यवाद कहें जिन्होंने कभी न कभी हमारी या अपनों की जान बचाई। यही डॉक्टर बिधान चंद्र रॉय के प्रति सच्ची और सबसे बड़ी श्रद्धांजलि होगी।
Reference Links:
- भारतीय चिकित्सा संघ (IMA) आधिकारिक वेबसाइट: https://www.ima-india.org/
- भारत सरकार का स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय: https://mohfw.gov.in/
- डॉ बिधान चंद्र रॉय जीवनी: https://www.drishtiias.com/daily-updates/daily-news-analysis/national-doctor-s-day
- नेशनल डॉक्टर्स डे गाइड - हीलिंग हॉस्पिटल रिपोर्ट: https://healinghospital.co.in/blogs/national-doctors-day/
01 जुलाई की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं
आइए जानते हैं 01 जुलाई (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
विश्व और भारत इतिहास की प्रमुख घटनाएं...
- 1949: त्रावनकोर और कोचीन रियासतों को मिलाकर 'त्रावनकोर-कोचीन' राज्य बनाया गया।
- 1852: सिन्ध के मुख्य आयुक्त सर बर्टलेफ्रोरे द्वारा भारत का पहला डाक टिकट 'सिंध डाक (Scinde Dawk)' जारी किया गया।
- 1965: भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध विराम लागू हुआ, जिसका विवाद बाद में अंतर्राष्ट्रीय न्यायाधिकरण को सौंपा गया।
- 1960: घाना (अफ़्रीका) को औपचारिक रूप से एक गणराज्य घोषित किया गया।
- 1990: पूर्वी और पश्चिमी जर्मनी के बीच सीमा रेखा समाप्त हुई और पश्चिमी जर्मनी की मुद्रा को पूर्वी जर्मनी में मान्यता मिली।
- 1991: शीतयुद्ध कालीन सैन्य गठबंधन 'वारसा संधि' को आधिकारिक रूप से भंग किया गया।
- 1994: रोमान हर्जोग ने जर्मनी के नए राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली और कोलंबियाई फुटबॉलर आंद्रेस एस्कोबार की हत्या हुई।
- 1995: संयुक्त राज्य अमेरिका ने ताईवान के खिलाफ लगाए गए प्रतिबंधों को हटा लिया।
- 1996: ऑस्ट्रेलिया के उत्तरी प्रांत में दुनिया का पहला 'स्वेच्छा मृत्यु' (इच्छामृत्यु) कानून लागू हुआ।
- 1997: ब्रिटिश उपनिवेश हांगकांग को आधिकारिक तौर पर चीन को सुपुर्द कर दिया गया।
- 2000: इंग्लैंड ने लॉर्ड्स के ऐतिहासिक 100वें टेस्ट मैच में वेस्टइंडीज को पराजित किया।
- 2003: समुद्र में सबसे गहराई तक जाने का विश्व रिकॉर्ड बनाने वाली जापानी पनडुब्बी प्रशांत महासागर में लापता हुई।
- 2004: आसियान देशों ने अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद से निपटने के लिए ऑस्ट्रेलिया के साथ समझौता किया।
- 2006: अमेरिकी संसद समितियों ने भारत-अमेरिकी परमाणु समझौते को मंजूरी दी और परिमार्जन आज तक के सबसे कम उम्र के दूसरे ग्रैंडमास्टर बने।
- 2007: दलाईलामा के मुद्दे पर चीनी अधिकारियों और तिब्बती दूतों के बीच वार्ता शुरू हुई।
- 2008: गाजापट्टी के फलस्तीनी विद्रोहियों ने दक्षिणी इस्रायल पर रॉकेट दागे।
- 2017: भारतीय अर्थव्यवस्था में एक बड़े सुधार के रूप में देशव्यापी 'वस्तु एवं सेवा कर' (GST) लागू किया गया।
- 1882: भारत रत्न सम्मानित वरिष्ठ चिकित्सक, स्वतंत्रता सेनानी और नेता बिधान चंद्र राय का जन्म हुआ।
- 1889: भारतीय रिज़र्व बैंक के चौथे गवर्नर बेनेगल रामा राव का जन्म हुआ।
- 1927: भारत के 8वें प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर सिंह का जन्म हुआ।
- 1927: हिन्दी साहित्य की विभिन्न विधाओं के उत्कृष्ट लेखक सुधाकर पाण्डेय का जन्म हुआ।
- 1928: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और मध्य प्रदेश के राज्यपाल राम नरेश यादव का जन्म हुआ।
- 1936: हिंदी के प्रसिद्ध लेखक और साहित्यकार कृष्ण बिहारी मिश्र का जन्म हुआ।
- 1937: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सत्यदेव नारायण आर्य का जन्म हुआ।
- 1963: भारत के प्रतिष्ठित एयरोस्पेस वैज्ञानिक जी. सतीश रेड्डी का जन्म हुआ।
- 1966: प्रसिद्ध भारतीय शास्त्रीय गायक और संगीतकार उस्ताद राशिद ख़ान का जन्म हुआ।
- 1973: समाजवादी पार्टी के प्रमुख नेता और मुलायम सिंह यादव के पुत्र अखिलेश यादव का जन्म हुआ।
- 1862: भारत रत्न सम्मानित चिकित्सक और स्वतंत्रता सेनानी डॉ. बिधान चंद्र राय का निधन हुआ।
- 1989: पद्म भूषण से सम्मानित 'टाटा मोटर्स' के पूर्व एमडी सुमंत मूलगांवकर का निधन हुआ।
- 1999: मातृभूमि की रक्षा करते हुए भारतीय सेना के जांबाज सैनिक आबिद ख़ान शहीद हुए।
- राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस (National
Doctor's Day ): डॉ. बिधान चंद्र राय की जयंती और पुण्यतिथि की स्मृति में मनाया जाता है। - भारतीय स्टेट बैंक स्थापना दिवस: इस दिन देश के सबसे बड़े बैंक SBI की स्थापना का उत्सव मनाया जाता है।
- जीएसटी दिवस (GST Day): साल 2017 में लागू हुए वस्तु एवं सेवा कर (GST) की याद में मनाया जाता है।
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